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टिफंड कंपनी के संचालकों के खिलाफ एफआईआर
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फतेहपुर। चिट फंड कंपनी के मैनेजर और निदेशक के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ललौली थाना क्षेत्र के हरियापुर गांव निवासी रामबहादुर ने बताया कि सुल्तानपुर गांव निवासी शिवशंकर से 2016 में मुलाकात हुई थी। उसने ग्रेब ग्राम्य विकास क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में खुद को मैनेजर बताया था।
शिवशंकर ने महेश चंद्र दुबे उर्फ छोटे निवासी दोहरापुर कानपुर देहात से उसकी मुलाकात कराई थी। महेश ने खुद को कंपनी का निदेशक बताया।
कंपनी में पैसा निवेश करने और कुछ ही समय में दोगुनी रकम देने का लालच दिया। विश्वास में आकर वह पैसा जमा करने लगा और कुछ लोगों का भी पैसा जमा कराया।
उसने कुल एक लाख 40 हजार रुपये जमा किए थे। समय पूरा होने पर उसने भुगतान मांगा तो मैनेजर और निदेशक टालने लगे। धोखाधड़ी की आशंका पर लखनऊ के आलमबाग स्थित मुख्य कार्यालय पहुंचा।
जहां ताला लटका मिला। उसे पता चला कि कंपनी ने कई लोगों से पैसा जमा कराया गया और उन्हें वापस नहीं किया। 11 नवंबर 2020 को थाने और एसपी से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कोर्ट के आदेश पर ललौली पुलिस ने शिवशंकर और महेश चंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही मिलने पर दोनों की गिरफ्तारी होगी।
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ललौली थाना क्षेत्र के हरियापुर गांव निवासी रामबहादुर ने बताया कि सुल्तानपुर गांव निवासी शिवशंकर से 2016 में मुलाकात हुई थी। उसने ग्रेब ग्राम्य विकास क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में खुद को मैनेजर बताया था।
शिवशंकर ने महेश चंद्र दुबे उर्फ छोटे निवासी दोहरापुर कानपुर देहात से उसकी मुलाकात कराई थी। महेश ने खुद को कंपनी का निदेशक बताया।
कंपनी में पैसा निवेश करने और कुछ ही समय में दोगुनी रकम देने का लालच दिया। विश्वास में आकर वह पैसा जमा करने लगा और कुछ लोगों का भी पैसा जमा कराया।
उसने कुल एक लाख 40 हजार रुपये जमा किए थे। समय पूरा होने पर उसने भुगतान मांगा तो मैनेजर और निदेशक टालने लगे। धोखाधड़ी की आशंका पर लखनऊ के आलमबाग स्थित मुख्य कार्यालय पहुंचा।
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जहां ताला लटका मिला। उसे पता चला कि कंपनी ने कई लोगों से पैसा जमा कराया गया और उन्हें वापस नहीं किया। 11 नवंबर 2020 को थाने और एसपी से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कोर्ट के आदेश पर ललौली पुलिस ने शिवशंकर और महेश चंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। थानाध्यक्ष ने बताया कि जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही मिलने पर दोनों की गिरफ्तारी होगी।