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दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष की सजा
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फतेहपुर। विवाहिता से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। मामला न्यायालय में सात साल से विचाराधीन था। कोर्ट का आदेश आने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया।
19 जून 2014 की दोपहर करीब पौने तीन बजे पीड़िता अपनी बच्ची के साथ घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रही थी। इस दौरान हुसैनगंज थानाक्षेत्र के अलावलपुर गांव का दिनेश उर्फ बउवा वहां पहुंचा और तमंचा दिखाकर उसने महिला को धमकाया।
इसके बाद घर के अंदर ले जाकर दुष्कर्म किया। उसने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी महिला को दी। उस समय महिला का पति घर में नहीं था। उसने फोन पर पति को घटना की जानकारी दी।
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इसके बाद हुसैनगंज थाने में प्रकरण की एफआईआर दर्ज हुई। यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नित्या पांडेय की अदालत में विचाराधीन चल रहा था।
पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। जिन पर विचार करते हुए एएसजे ने उसे दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड का भुगतान न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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19 जून 2014 की दोपहर करीब पौने तीन बजे पीड़िता अपनी बच्ची के साथ घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रही थी। इस दौरान हुसैनगंज थानाक्षेत्र के अलावलपुर गांव का दिनेश उर्फ बउवा वहां पहुंचा और तमंचा दिखाकर उसने महिला को धमकाया।
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इसके बाद घर के अंदर ले जाकर दुष्कर्म किया। उसने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी महिला को दी। उस समय महिला का पति घर में नहीं था। उसने फोन पर पति को घटना की जानकारी दी।
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इसके बाद हुसैनगंज थाने में प्रकरण की एफआईआर दर्ज हुई। यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नित्या पांडेय की अदालत में विचाराधीन चल रहा था।
पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने अदालत के समक्ष साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। जिन पर विचार करते हुए एएसजे ने उसे दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड का भुगतान न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।