{"_id":"6107e99505495204be439f08","slug":"fatehpur-ten-thousand-bighas-of-crops-in-dozens-of-villages-were-submerged-due-to-gm-r-plant","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फतेहपुर: जल निकासी बंद करने से 10 हजार बीघा फसल हुई जलमग्न, भड़के किसानों ने किया हंगामा, तोड़फोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फतेहपुर: जल निकासी बंद करने से 10 हजार बीघा फसल हुई जलमग्न, भड़के किसानों ने किया हंगामा, तोड़फोड़
Mon, 02 Aug 2021 06:21 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 02 Aug 2021 06:21 PM IST
सार
बारिश का पानी एकारी-रमवां के आसपास जमा होने लगा। रमवां, एकारी, बुधइयापुर, मदरियापुर, मुगलचक, बीबीहाट, बिलंदा, जयचंदपुर, फैजुल्लापुर आदि गांवों में चार फीट तक खेतों में पानी भर गया।
विज्ञापन
दस हजार बीघा की फसल हुई जलमग्न
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फतेहपुर जिले में रेलवे लाइन चौड़ीकरण का काम कर रही जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की लापरवाही से करीब 10 हजार बीघे खेत में लगी फसल जलमग्न हो गई। गुस्साए किसानों ने सोमवार को कंपनी के कार्यालय पर धावा बोल दिया। जीएम को बंधक बनाया और यहां खड़े ट्रक पर पथराव कर दिया।
लाठी-डंडे से लैस लोग करीब सात घंटे तक जमे रहे। जेसीबी और पोकलैंड की मदद से सड़क काटकर पानी निकाला गया, इसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ। जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने अपना प्लांट एकारी गांव में बनाया है।
शहर से लेकर कई गांवों के पानी की निकासी अभी तक एकारी और रमवां के बीच बने पुल के नीचे स्थित नाले से होती थी। लेकिन जीएमआर का प्लांट लग जाने से यहां से जलनिकासी बंद हो गई। कंपनी की ओर से जलनिकासी के लिए पुलिया बनाकर पाइप डाले गए, लेकिन पाइप में सिल्ट जमा होने से पानी की निकासी बंद हो गई।
विज्ञापन
बारिश का पानी एकारी-रमवां के आसपास जमा होने लगा। रमवां, एकारी, बुधइयापुर, मदरियापुर, मुगलचक, बीबीहाट, बिलंदा, जयचंदपुर, फैजुल्लापुर आदि गांवों में चार फीट तक खेतों में पानी भर गया। इससे नाराज ग्रामीण सोमवार को प्रधान एकारी व अतरहा के साथ कंपनी के जीएम एके बाजपेई से मिले।
विज्ञापन
लाठी-डंडे से लैस लोग करीब सात घंटे तक जमे रहे। जेसीबी और पोकलैंड की मदद से सड़क काटकर पानी निकाला गया, इसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ। जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने अपना प्लांट एकारी गांव में बनाया है।
विज्ञापन
शहर से लेकर कई गांवों के पानी की निकासी अभी तक एकारी और रमवां के बीच बने पुल के नीचे स्थित नाले से होती थी। लेकिन जीएमआर का प्लांट लग जाने से यहां से जलनिकासी बंद हो गई। कंपनी की ओर से जलनिकासी के लिए पुलिया बनाकर पाइप डाले गए, लेकिन पाइप में सिल्ट जमा होने से पानी की निकासी बंद हो गई।
विज्ञापन
बारिश का पानी एकारी-रमवां के आसपास जमा होने लगा। रमवां, एकारी, बुधइयापुर, मदरियापुर, मुगलचक, बीबीहाट, बिलंदा, जयचंदपुर, फैजुल्लापुर आदि गांवों में चार फीट तक खेतों में पानी भर गया। इससे नाराज ग्रामीण सोमवार को प्रधान एकारी व अतरहा के साथ कंपनी के जीएम एके बाजपेई से मिले।
जीएम ने सड़क काटकर जलनिकासी का आश्वासन दिया। इसके बाद जब सड़क कटवाने के लिए पहुंचे तो जेसीबी चालक ने काम करने से मना कर दिया। कहा कि जब तक अधिकारी आदेश नहीं देंगे, काम नहीं होगा। इस पर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जीएमआर दफ्तर के अंदर घुस गए। ग्रामीणों ने कंपनी परिसर में खड़े ट्रक का शीशा तोड़ दिया और कंपनी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। सूचना पर रमवां पंथुवा जिला पंचायत सदस्य भुनेश्वर भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों ने जीएम को कमरे में बंधक बना लिया।
कुछ देर बाद ग्रामीण जीएम को मौके पर ले गए। जीएम ने जेसीबी व पोकलैंड से रोड कटवाई, जिसके बाद पानी तेजी से निकलने लगा। किसान करीब सात घंटे तक मौके पर जमा रहे। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और किसानों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
ये गांव हैं प्रभावित
रमवां, मोहनपुर, अतरहा, एकारी, बुधइयापुर, मदरियापुर, मुगलचक, बीबीहाट, बिलंदा, जयचंदपुर, फैजुल्लापुर, मदारीपुर, सहजादेपुर, टीसी के गांव इस जलभराव से ज्यादा प्रभावित हैं।
सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जीएमआर दफ्तर के अंदर घुस गए। ग्रामीणों ने कंपनी परिसर में खड़े ट्रक का शीशा तोड़ दिया और कंपनी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। सूचना पर रमवां पंथुवा जिला पंचायत सदस्य भुनेश्वर भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों ने जीएम को कमरे में बंधक बना लिया।
कुछ देर बाद ग्रामीण जीएम को मौके पर ले गए। जीएम ने जेसीबी व पोकलैंड से रोड कटवाई, जिसके बाद पानी तेजी से निकलने लगा। किसान करीब सात घंटे तक मौके पर जमा रहे। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और किसानों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
ये गांव हैं प्रभावित
रमवां, मोहनपुर, अतरहा, एकारी, बुधइयापुर, मदरियापुर, मुगलचक, बीबीहाट, बिलंदा, जयचंदपुर, फैजुल्लापुर, मदारीपुर, सहजादेपुर, टीसी के गांव इस जलभराव से ज्यादा प्रभावित हैं।
नहीं हुआ स्थायी समाधान
रोड काटने से जल निकासी की समस्या तो फिलहाल दूर हो गई। लेकिन इसका अभी भी स्थायी समाधान नहीं हो सका है। एक सप्ताह बाद यहां पर दोबारा सड़क बना दी जाएगी, जिसके बाद यहां फिर जलभराव की समस्या होगी। जब तक कंपनी यहां पर बड़ा पुल का निर्माण नहीं कराएगी, तब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
प्रतिवर्ष होती समस्या
जीएमआर कंपनी पिछले छह साल से संचालित है। हर साल ग्रामीणों को इस समस्या से जूझना पड़ता है। पिछले कई दिनों से बारिश होने से लोगों के घरों में पानी घुसने लगा है। हजारों बीघे फसल पानी में डूब गई है। आसपास के ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर डीएम की चौखट पर जा चुके हैं। लेकिन इनकी समस्या हल नहीं हो सकी।
रेलवे लाइन चौड़ीकरण करा रही है जीएमआर
जीएमआर कंपनी ने एकारी गांव में मुख्यालय बनाया है। रेलवे चौड़ीकरण का काम मुगलसराय से लेकर कानपुर तक देख रही है। कंपनी अंडरपास पुलों का भी निर्माण करा रही है।
रोड काटने से जल निकासी की समस्या तो फिलहाल दूर हो गई। लेकिन इसका अभी भी स्थायी समाधान नहीं हो सका है। एक सप्ताह बाद यहां पर दोबारा सड़क बना दी जाएगी, जिसके बाद यहां फिर जलभराव की समस्या होगी। जब तक कंपनी यहां पर बड़ा पुल का निर्माण नहीं कराएगी, तब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
प्रतिवर्ष होती समस्या
जीएमआर कंपनी पिछले छह साल से संचालित है। हर साल ग्रामीणों को इस समस्या से जूझना पड़ता है। पिछले कई दिनों से बारिश होने से लोगों के घरों में पानी घुसने लगा है। हजारों बीघे फसल पानी में डूब गई है। आसपास के ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर डीएम की चौखट पर जा चुके हैं। लेकिन इनकी समस्या हल नहीं हो सकी।
रेलवे लाइन चौड़ीकरण करा रही है जीएमआर
जीएमआर कंपनी ने एकारी गांव में मुख्यालय बनाया है। रेलवे चौड़ीकरण का काम मुगलसराय से लेकर कानपुर तक देख रही है। कंपनी अंडरपास पुलों का भी निर्माण करा रही है।