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फतेहपुर की यमुना कटरी पर पानी का भीषण संकट

Wed, 16 Mar 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर Updated Wed, 16 Mar 2016 12:47 AM IST
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Fatehpur severe water crisis on the Yamuna Katari
पानी समस्या को लेकर प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला

गर्मी की शुरुआत में ही यमुना कटरी के लगभग सौ गांवों में पीने के पानी का भीषण संकट छा गया है। इससे करीब तीन लाख आबादी प्रभावित है। हालत यह है कि क्षेत्र का भूगर्भ जलस्तर करीब सवा सौ फीट नीचे खिसक गया है। कुएं और पुराने हैंडपंप दगा दे चुके हैं। नए हैंडपंपों ने भी जवाब देना शुरू कर दिया है। लोग यमुना नदी का पानी पी रहे हैं। इससे संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। इसके बाद भी प्रशासन नींद में है।

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यमुना तटवर्ती क्षेत्र में इन दिनों भोजन से अधिक पेयजल की समस्या गंभीर है। कटरी क्षेत्र के असहट, गुरवल, मझिगवां, मंडौली, रायपुर भसरौल, तेलान बाबा का डेरा, सरकंडी खास, लक्ष्मनपुर, आदमपुर सैंबसी, कंसापुर, रमशोलेपुर, रामनगर कौंहन, जरौली, सेवरामऊ, सरवल, देवलान, लमेहटा, गढी, ओती आदि करीब सौ गांवों का जलस्तर सवा सौ फीट तक नीचे चला गया है। इससे चार-पांच साल पहले लगे सरकारी हैंडपंप ठप हो चुके हैं। साल-दो साल के अंतराल में लगे हैंडपंपों ने भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया है।
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ऐसी हालत में यमुना की कगार पर बसे गांवों के लोग नदी का दूषित पानी उपयोग में लाने लगे हैं। इसके अलावा मवेशियों को पानी पिलाने के लिए पांच-छह किलोमीटर दूर के लोग नदी तट पर आ रहे हैं। हालत यह है कि लोग प्यासे राहगीरों को पानी पिलाने से कतराने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अभी यह हाल है तो भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पीने को तरसना पड़ेगा।
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हैंडपंप मैकेनिक रामभजन ने बताया कि पुराने सरकारी हैंडपंपों में सौ फीट से अधिक पाइप नहीं जुडे़ हैं। इससे ये बेकार हो चुके हैं।

नए हैंडपंपों में डेढ़ सौ फीट तक पाइप जुड़े हैं। ये हैंडपंप पानी तो दे रहे हैं, लेकिन डिस्चार्ज क्षमता कम हो गई है। अधिशासी अभियंती पीके यादव ने कहा कि ब्लाकों से हैंडपंपों के रिबोर की सूची आई है। बजट न होने से काम नहीं हो पा रहा है। शासन से रिबोर के लिए बजट मांगा गया है। प्राथमिकता के साथ डीप बोरिंग कराकर हैंडपंप लगाए जाएंगे। अस्थायी रूप से खराब हैंडपंप ठीक कराने का दायित्व ग्राम पंचायतों का है। अगर हैंडपंप पानी नहीं दे रहा है, तो पंचायतें अपने बजट से पाइप की व्यवस्था करके हैंडपंप चालू कराएं, जिससे पेयजल की समस्या निपट सके।

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