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आखिर मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय को मिलीं दवाएं
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फतेहपुर। आखिर मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय को दवाएं मिल गईं। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के जिला स्टोर से आईड्राप और कई अन्य दवाएं भेज दी गईं। अब नेत्र रोगियों का बेहतर इलाज हो सकेगा।
मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय में सितंबर 2020 से आईड्राप नहीं थे। टेबलेट भी जिला अस्पताल से बहुत कम मिल पाती थीं। दवाओं के अभाव में आए दिन नेत्र रोगियों और अस्पताल कर्मियों के बीच नोकझोंक होती थी। इसे लेकर अमर उजाला ने खबरें प्रकाशित कीं।
नौ सितंबर के अंक में भी नेत्र चिकित्सालय में आईड्राप न होने की समस्या को प्रमुखता से उठाया। जिसे जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे और सीएमओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने संज्ञान में लिया और लोकल खरीद करके दवाएं शुक्रवार को मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय को उपलब्ध करा दीं। नेत्र चिकित्सालय के डॉ. विश्वेष त्रिपाठी ने बताया कि अगर दवा न मिलतीं, तो शनिवार को ओपीडी में बांटने के लिए एक भी टेबलेट नहीं थी। अब डेढ़-दो महीने के लिए पर्याप्त दवाओं का स्टाक हो गया है।
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मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय में सितंबर 2020 से आईड्राप नहीं थे। टेबलेट भी जिला अस्पताल से बहुत कम मिल पाती थीं। दवाओं के अभाव में आए दिन नेत्र रोगियों और अस्पताल कर्मियों के बीच नोकझोंक होती थी। इसे लेकर अमर उजाला ने खबरें प्रकाशित कीं।
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नौ सितंबर के अंक में भी नेत्र चिकित्सालय में आईड्राप न होने की समस्या को प्रमुखता से उठाया। जिसे जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे और सीएमओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने संज्ञान में लिया और लोकल खरीद करके दवाएं शुक्रवार को मदनमोहन नेत्र चिकित्सालय को उपलब्ध करा दीं। नेत्र चिकित्सालय के डॉ. विश्वेष त्रिपाठी ने बताया कि अगर दवा न मिलतीं, तो शनिवार को ओपीडी में बांटने के लिए एक भी टेबलेट नहीं थी। अब डेढ़-दो महीने के लिए पर्याप्त दवाओं का स्टाक हो गया है।
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