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किसान ने फांसी लगाकर जान दी
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शाह (फतेहपुर)। बहन के घर से लौट रहे किसान ने संदिग्ध हालात में शुक्रवार सुबह फांसी लगा ली। ग्रामीणों ने शाह कस्बे के महमदपुर मोड़ पर एक पेड़ में अंगोछे के सहारे शव लटका देख पुलिस को सूचना दी। करीब तीन घंटे बाद शव की पहचान हो सकी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के सथरियांव निवासी रामपाल पासवान (60) गुरुवार को घर से गांव के एक बाइक सवार के साथ गाजीपुर थाने के कठवारा गांव बहन शीतलिया देवी के घर गए थे। उनका सुबह शाह कस्बे के महमदपुर मोड़ पर खेत में नीम के पेड़ पर अंगोछे से लटका शव मिला। घटना देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी। एसओ आशीष सिंह और चौकी इंचार्ज मुकेश सिंह पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतारा। महमदपुर गांव के एक व्यक्ति ने बुजुर्ग को कठवारा गांव में देखने की बात कही। पुलिस कठवारा गांव पहुंची। रिश्तेदारों के जरिये शव की शिनाख्त हुई। दरअसल रामपाल के हाथ में मोर गोदा हुआ था, वह बताते ही परिजन पहचान गए। सथरियांव से रामपाल का बेटा राजू और परिजन घटनास्थल पहुंचे।
राजू ने बताया कि बुआ के घर जाने के लिए निकले थे। उन लोगों ने सोचा कि बुआ के घर में रुके होंगे। सांस की बीमारी से परेशान रहते थे। पैदल घर लौट रहे थे। पता चला कि वह बुआ के घर से गुरुवार शाम निकले थे। इसकी जानकारी उन लोगों को नहीं थी। उनके चार बेटे बड़े लाल, राजू, रामविशाल, भान प्रकाश और दो बेटियां कुसमा और सोमवती हैं। एसओ आशीष सिंह ने बताया कि बीमारी के चलते आत्महत्या की है। मामले की जांच की जा रही है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के सथरियांव निवासी रामपाल पासवान (60) गुरुवार को घर से गांव के एक बाइक सवार के साथ गाजीपुर थाने के कठवारा गांव बहन शीतलिया देवी के घर गए थे। उनका सुबह शाह कस्बे के महमदपुर मोड़ पर खेत में नीम के पेड़ पर अंगोछे से लटका शव मिला। घटना देखकर ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी। एसओ आशीष सिंह और चौकी इंचार्ज मुकेश सिंह पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतारा। महमदपुर गांव के एक व्यक्ति ने बुजुर्ग को कठवारा गांव में देखने की बात कही। पुलिस कठवारा गांव पहुंची। रिश्तेदारों के जरिये शव की शिनाख्त हुई। दरअसल रामपाल के हाथ में मोर गोदा हुआ था, वह बताते ही परिजन पहचान गए। सथरियांव से रामपाल का बेटा राजू और परिजन घटनास्थल पहुंचे।
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राजू ने बताया कि बुआ के घर जाने के लिए निकले थे। उन लोगों ने सोचा कि बुआ के घर में रुके होंगे। सांस की बीमारी से परेशान रहते थे। पैदल घर लौट रहे थे। पता चला कि वह बुआ के घर से गुरुवार शाम निकले थे। इसकी जानकारी उन लोगों को नहीं थी। उनके चार बेटे बड़े लाल, राजू, रामविशाल, भान प्रकाश और दो बेटियां कुसमा और सोमवती हैं। एसओ आशीष सिंह ने बताया कि बीमारी के चलते आत्महत्या की है। मामले की जांच की जा रही है।
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