{"_id":"6303d1d144312d521b13da1b","slug":"fatehpur-funeral-of-air-force-jawan-with-military-honors-fatehpur-news-knp7141021174","type":"story","status":"publish","title_hn":"फतेहपुर : सैनिक सम्मान के साथ एयरफोर्स के जवान का अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फतेहपुर : सैनिक सम्मान के साथ एयरफोर्स के जवान का अंतिम संस्कार
विज्ञापन
मृतक एयरफोर्स सैनिक आलोक यादव की फाइल फोटो। संवाद।
- फोटो : FATEHPUR
चौडगरा। एयरफोर्स स्टेशन सूरतगढ़ में जवान की हादसे में मौत के बाद शव सोमवार को पैतृक गांव पहुंचा। कानपुर से जवानों की टुकड़ी गांव पहुंची। गार्ड ऑफ ऑनर के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव के लोगों की आंखें नम दिखीं।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के बसावनखेड़ा गांव निवासी आलोक यादव (32) एयरफोर्स स्टेशन सूरतगढ़ राजस्थान में कार्पोरल के पद पर तैनात थे। वह 2011 मार्च में फोर्स में तैनात हुए थे। 19 अगस्त जन्माष्टमी की रात मां जावित्री देवी से मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे। अपार्टमेंट में पैर फिसलने से सीढ़ियों से गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनकी 20 अगस्त को एयरफोर्स हास्पिटल में सांसे थम गई थी।
जवान का शव सोमवार दोपहर शव गांव पहुंचा। बटालियन के एमडब्लूओ एसएन प्रसाद ने बताया कि शरीर में गहरी चोटें आने की वजह से जवान को बचाया नहीं जा सका। बसावनखेड़ा में जवान के अंतिम दर्शन को हजारों की संख्या में पुरुष और महिलाएं पहुंचे।
विज्ञापन
उनकी आंखे नम हो गई। करीब तीन बजे जवान का खेत में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। छोटे भाई ऋषभ और परिवार के लोगों ने मुखाग्नि दी। पिता जय सिंह यादव कृषि कार्य करते हैं। पिता ने बताया कि बड़ी मेहनत से बेटे ने देेश सेवा के लिए नौकरी हासिल की थी।
परिवार को बेटे से बहुत उम्मीदें थीं। मां जावित्री देवी रो-रोकर बदहवास दिखी। इस मौके पर कल्यानपुर थाने का फोर्स, क्षेत्रीय लोगों में पूर्व प्रधान धर्मेंद्र यादव, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल उर्फ दयालू गुप्ता, पूर्व सैनिक विद्याभूषण तिवारी, जागृति तिवारी, प्रेम सिंह समेत तमाम संभ्रांत लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के बसावनखेड़ा गांव निवासी आलोक यादव (32) एयरफोर्स स्टेशन सूरतगढ़ राजस्थान में कार्पोरल के पद पर तैनात थे। वह 2011 मार्च में फोर्स में तैनात हुए थे। 19 अगस्त जन्माष्टमी की रात मां जावित्री देवी से मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे। अपार्टमेंट में पैर फिसलने से सीढ़ियों से गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनकी 20 अगस्त को एयरफोर्स हास्पिटल में सांसे थम गई थी।
विज्ञापन
जवान का शव सोमवार दोपहर शव गांव पहुंचा। बटालियन के एमडब्लूओ एसएन प्रसाद ने बताया कि शरीर में गहरी चोटें आने की वजह से जवान को बचाया नहीं जा सका। बसावनखेड़ा में जवान के अंतिम दर्शन को हजारों की संख्या में पुरुष और महिलाएं पहुंचे।
विज्ञापन
उनकी आंखे नम हो गई। करीब तीन बजे जवान का खेत में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। छोटे भाई ऋषभ और परिवार के लोगों ने मुखाग्नि दी। पिता जय सिंह यादव कृषि कार्य करते हैं। पिता ने बताया कि बड़ी मेहनत से बेटे ने देेश सेवा के लिए नौकरी हासिल की थी।
परिवार को बेटे से बहुत उम्मीदें थीं। मां जावित्री देवी रो-रोकर बदहवास दिखी। इस मौके पर कल्यानपुर थाने का फोर्स, क्षेत्रीय लोगों में पूर्व प्रधान धर्मेंद्र यादव, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर दयाल उर्फ दयालू गुप्ता, पूर्व सैनिक विद्याभूषण तिवारी, जागृति तिवारी, प्रेम सिंह समेत तमाम संभ्रांत लोग मौजूद रहे।