{"_id":"622a49350f6f7055074c43de","slug":"fatehpur-fatehpur-news-knp6848859168","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार सीटों पर भाजपा, दो में सपा की जीत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार सीटों पर भाजपा, दो में सपा की जीत
विज्ञापन
ॉवनिर्वाचित खागा विधायक कृष्णा पासवान। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। पिछले विधानसभा चुनाव में जिले की सभी छह सीटें जीतने वाली भाजपा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दो सीटें हार गई। मुफ्त अनाज, तेल और नमक बांटकर सत्ता में मजबूती से वापसी करने वाले योगी आदित्यनाथ सरकार के खाद्य रसद राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह चुनाव हार गए लेकिन जेल राज्यमंत्री जयकुमार जैकी अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। सदर से दो बार के विधायक विक्रम सिंह को भी सपा ने शिकस्त दे दी।
रणवेंद्र प्रताप सिंह धुन्नी हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे थे। उन्हें सपा की ऊषा मौर्या ने 25467 वोटों से पराजित कर दिया। ऊषा को 92271 और रणवेंद्र प्रताप को 66804 वोट मिले।
जेल राज्यमंत्री जयकुमार जैकी बिंदकी विधासनभा सीट से भाजपा के सहयोगी अपना दल एस के टिकट पर मैदान में थे। जैकी ने 3444 वोट से सपा के रामेश्वर दयाल दयालू को हराया। जैकी को 78357 और रामेश्वर को 74913 वोट मिले। खागा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की कृष्णा पासवान 5509 वोटों से जीत दर्ज कर चौथी बार विधायक चुनी गईं। कृष्णा को 83735 और सपा प्रत्याशी रामतीर्थ परमहंस को 78226 वोट मिले।
विज्ञापन
जहानाबाद सीट में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र सिंह पटेल 78433 वोट पाकर विजयी रहे। यहां सपा प्रत्याशी मदन गोपाल वर्मा 59490 मत पाकर दूसरे पायदान पर रहे। राजेंद्र ने 18943 मतों से जीत दर्ज कराई।
अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी विकास गुप्त 70532 मत पाकर दूसरी बार विधायक बने। यहां से सपा प्रत्याशी विशंभर निषाद 58015 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। विकास गुप्त 12517 वोट से विजयी रहे।
फतेहपुर विधानसभा सीट में सपा के चंद्रप्रकाश लोधी ने 96839 मत पाकर जीत दर्ज कराई। यहां से दो बार के विधायक भाजपा के विक्रम सिंह 88238 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। चंद्रप्रकाश ने 8601 वोटों से जीत दर्ज की।
खागा की सुरक्षित सीट से भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की है। वह चौथी बार विधायक बनी हैं। वर्ष 2002 में तत्कालीन परिसीमन में रही किशनपुर विधानसभा से वह पहली बार भाजपा से विधायक चुनी गईं। इसके बाद वर्ष 2007 का चुनाव हारीं, तो पार्टी ने पहले इन्हें जिलाध्यक्ष, फिर क्षेत्रीय संयोजक बनाया। 2012 में बदले परिसीमन पर खागा विधानसभा से चुना लड़ी और जीत दर्ज की। 2017 में भी चुनाव जीती और अब चौथी बार जीत दर्ज की है।
राजनैतिक परिवार से रिश्ता रखने वाले विकास गुप्ता ने दूसरी बार जीत दर्ज की है। भाजपा ने इनको पहली बार 2017 में अयाह शाह विधानसभा से प्रत्याशी बनाया और जीत दर्ज की। दोबारा फिर अयाह शाह से ही चुनाव लड़े और विजयी हुए। इनके पिता राधेश्याम गुप्त फतेहपुर विधानसभा से वर्ष 1996 व 2007 में विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
सदर विधानसभा से सपा प्रत्याशी चंद्रप्रकाश लोधी ने जीत दर्ज की है। इसके पहले भी सपा ने 2017 में इन पर दांव लगाया था, लेकिन तब चुनाव हार गए थे। राजनीतिक परिवार से जुड़े चंद्रप्रकाश 2012 से 2017 तक नगर पालिका चेयरमैन थे। चंद्रप्रकाश के पिता कांग्रेस से 1980, 1985 और 1990 में खागा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे।
हुसैनगंज विधानसभा से सपा प्रत्याशी ऊषा मौर्या ने राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप धुन्नी सिंह को हराया है। इसके पहले ऊषा मौर्या 2007 में खागा विधानसभा से और 2012 व 2017 में हुसैनगंज विधानसभा से चुनाव लड़ी थी, लेकिन जीत नहीं सकीं। 2014 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का भी चुनाव लड़ चुकी हैं। ऊषा के पति स्व. मुन्नालाल मौर्य 1996 में खागा सीट से विधायक बने थे और भाजपा सरकार में राज्यमंत्री भी रहे।
जहानाबाद विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र पटेल ने जीत दर्ज की है। ये 1996 में बिंदकी से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे थे। भाजपा सरकार में 2002 तक राज्यमंत्री रहे। इसके बाद गठबंधन टूटा तो लोक जनशक्ति पार्टी से बिंदकी विधानसभा से 2002 में चुनाव लड़े और हार गए। 2007 और 2012 में भाजपा के टिकट पर बिंदकी से ही चुनाव लड़े, लेकिन सफल नहीं हुए।
भाजपा से गठबंधन सीट पर अपना दल के प्रत्याशी जयकुमार सिंह जैकी ने बिंदकी विधानसभा से जीत दर्ज की है। इसके पहले 2017 में जहानाबाद विधानसभा से चुनाव जीत कर राज्यमंत्री बने थे। इस बार गठबंधन की सीट बदल गई थी। इसके पहले 2002 और 2007 में जहानाबाद से भाजपा के टिकट पर जयकुमार सिंह जैकी चुनाव लड़े लेकिन हार गए।
विज्ञापन
रणवेंद्र प्रताप सिंह धुन्नी हुसैनगंज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे थे। उन्हें सपा की ऊषा मौर्या ने 25467 वोटों से पराजित कर दिया। ऊषा को 92271 और रणवेंद्र प्रताप को 66804 वोट मिले।
विज्ञापन
जेल राज्यमंत्री जयकुमार जैकी बिंदकी विधासनभा सीट से भाजपा के सहयोगी अपना दल एस के टिकट पर मैदान में थे। जैकी ने 3444 वोट से सपा के रामेश्वर दयाल दयालू को हराया। जैकी को 78357 और रामेश्वर को 74913 वोट मिले। खागा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की कृष्णा पासवान 5509 वोटों से जीत दर्ज कर चौथी बार विधायक चुनी गईं। कृष्णा को 83735 और सपा प्रत्याशी रामतीर्थ परमहंस को 78226 वोट मिले।
विज्ञापन
जहानाबाद सीट में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र सिंह पटेल 78433 वोट पाकर विजयी रहे। यहां सपा प्रत्याशी मदन गोपाल वर्मा 59490 मत पाकर दूसरे पायदान पर रहे। राजेंद्र ने 18943 मतों से जीत दर्ज कराई।
अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी विकास गुप्त 70532 मत पाकर दूसरी बार विधायक बने। यहां से सपा प्रत्याशी विशंभर निषाद 58015 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। विकास गुप्त 12517 वोट से विजयी रहे।
फतेहपुर विधानसभा सीट में सपा के चंद्रप्रकाश लोधी ने 96839 मत पाकर जीत दर्ज कराई। यहां से दो बार के विधायक भाजपा के विक्रम सिंह 88238 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। चंद्रप्रकाश ने 8601 वोटों से जीत दर्ज की।
खागा की सुरक्षित सीट से भाजपा की कृष्णा पासवान ने जीत दर्ज की है। वह चौथी बार विधायक बनी हैं। वर्ष 2002 में तत्कालीन परिसीमन में रही किशनपुर विधानसभा से वह पहली बार भाजपा से विधायक चुनी गईं। इसके बाद वर्ष 2007 का चुनाव हारीं, तो पार्टी ने पहले इन्हें जिलाध्यक्ष, फिर क्षेत्रीय संयोजक बनाया। 2012 में बदले परिसीमन पर खागा विधानसभा से चुना लड़ी और जीत दर्ज की। 2017 में भी चुनाव जीती और अब चौथी बार जीत दर्ज की है।
राजनैतिक परिवार से रिश्ता रखने वाले विकास गुप्ता ने दूसरी बार जीत दर्ज की है। भाजपा ने इनको पहली बार 2017 में अयाह शाह विधानसभा से प्रत्याशी बनाया और जीत दर्ज की। दोबारा फिर अयाह शाह से ही चुनाव लड़े और विजयी हुए। इनके पिता राधेश्याम गुप्त फतेहपुर विधानसभा से वर्ष 1996 व 2007 में विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
सदर विधानसभा से सपा प्रत्याशी चंद्रप्रकाश लोधी ने जीत दर्ज की है। इसके पहले भी सपा ने 2017 में इन पर दांव लगाया था, लेकिन तब चुनाव हार गए थे। राजनीतिक परिवार से जुड़े चंद्रप्रकाश 2012 से 2017 तक नगर पालिका चेयरमैन थे। चंद्रप्रकाश के पिता कांग्रेस से 1980, 1985 और 1990 में खागा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे।
हुसैनगंज विधानसभा से सपा प्रत्याशी ऊषा मौर्या ने राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप धुन्नी सिंह को हराया है। इसके पहले ऊषा मौर्या 2007 में खागा विधानसभा से और 2012 व 2017 में हुसैनगंज विधानसभा से चुनाव लड़ी थी, लेकिन जीत नहीं सकीं। 2014 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का भी चुनाव लड़ चुकी हैं। ऊषा के पति स्व. मुन्नालाल मौर्य 1996 में खागा सीट से विधायक बने थे और भाजपा सरकार में राज्यमंत्री भी रहे।
जहानाबाद विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र पटेल ने जीत दर्ज की है। ये 1996 में बिंदकी से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे थे। भाजपा सरकार में 2002 तक राज्यमंत्री रहे। इसके बाद गठबंधन टूटा तो लोक जनशक्ति पार्टी से बिंदकी विधानसभा से 2002 में चुनाव लड़े और हार गए। 2007 और 2012 में भाजपा के टिकट पर बिंदकी से ही चुनाव लड़े, लेकिन सफल नहीं हुए।
भाजपा से गठबंधन सीट पर अपना दल के प्रत्याशी जयकुमार सिंह जैकी ने बिंदकी विधानसभा से जीत दर्ज की है। इसके पहले 2017 में जहानाबाद विधानसभा से चुनाव जीत कर राज्यमंत्री बने थे। इस बार गठबंधन की सीट बदल गई थी। इसके पहले 2002 और 2007 में जहानाबाद से भाजपा के टिकट पर जयकुमार सिंह जैकी चुनाव लड़े लेकिन हार गए।

नवनिर्वाचित अयाह शाह विधायक विकास गुप्ता। संवाद- फोटो : FATEHPUR

नवनिर्वाचित सदर विधायक चंद्र प्रकाश लोधी। संवाद- फोटो : FATEHPUR

नवनिर्वाचित हुसैनगंज विधायक ऊषा मौर्या। संवाद- फोटो : FATEHPUR

नवनिर्वाचित जहानाबाद विधायक राजेंद्र पटेल। संवाद- फोटो : FATEHPUR

नवनिर्वाचित बिंदकी विधायक जय कुमार सिंह जैकी। संवाद- फोटो : FATEHPUR