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अनार की खेती ने बदल दी ‘किस्मत’
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Tue, 30 Jun 2015 12:10 AM IST
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अतिवृष्टि और सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए देवमई ब्लाक के मितईखेड़ा का किसान मिसाल बना है। पारंपरिक खेती से हटकर किसान ने अनार की फसल तैयार की। इससे एक ओर जहां अच्छा मुनाफा हो रहा है, वहीं अधिक मेहनत भी कम करनी पड़ती है। मुनाफा देखकर आसपास के ग्रामीण इसी राह पर चल पड़े हैं।
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महाराष्ट्र के बाद अब जनपद में अनार का उत्पादन शुरू होने से किसानों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। देवमई ब्लाक के मितईखेड़ा के किसान गंगा प्रसाद पटेल ने जनपद के मिसाल बन गया है। पारंपरिक खेती में लगातार हो रहे नुकसान से क्षेत्र के किसानों के लिए अनार की खेती मुनाफे का सौदा साबित हुई है। किसान गंगा प्रसाद ने बताया कि अनार की पौध महाराष्ट्र के जलगांव स्थित जैन फार्म से मंगाना पड़ता है। इसके लिए 10 प्रतिशत धनराशि सितंबर में जमा करनी पड़ती है। पौध फरवरी माह में आने के बाद पूरी धनराशि दी जाती है।
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इंसेट
ऐसे तैयार होती है अनार की फसल
एक बीघे खेती में अनार की फसल तैयार करने के लिए सबसे पहले 3 बाई 3 का आधार बनाया जाता है। एक बीघे में 170 पौधे लगाने का मानक है। पौध के नीचे पर्याप्त जगह होने के कारण वहां पर प्याज, लहसुन, गोभी आदि की फसल भी तैयार करते हैं। यानी किसानों को दोहरा लाभ प्राप्त होता है। कृषक ने बताया कि एक पेड़ में करीब दो सौ फल लगते हैं। 4 बीघे फसल में बतौर गंगा प्रसाद 1.5 लाख का फल बिक्री कर चुका है। एक साल में 4.5 लाख की बिक्री हो चुकी है, जो कि अन्य फसलों में संभव नहीं है। इस खेती को देखकर लोग केले की खेती करना बंद करने लगे हैं, क्योंकि केले की अपेक्षा अनार की खेती ज्यादा आसान है।
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इनसेट
24 वर्ष तक होती कमाई
अनार की फसल लगाने से किसान की लंबे समय तक कमाई होती है। एक बार अनार के पौध तैयार होने के बाद 24 वर्ष तक अनार का उत्पादन होता है। जबकि अन्य फसलों के लिए प्रतिवर्ष उतनी ही मेहनत करनी पड़ती है। इसमें अन्य फसलों की तुलनात्मक निकाई-गुड़ाई का झंझट कम रहता है। सिंचाई के लिए पौध में जलभराव नहीं होना चाहिए।
इनसेट
बंजर जमीन में भी होती अनार की फसल
फसलों की अच्छी उपज के लिए मिट्टी सबसे महत्वपूर्ण होता है। उपजाऊ जमीन में ही अधिक फसल उगती है, लेकिन अनार की फसल किसी भी मिट्टी में तैयार की जा सकती है। बंजर जमीन में भी अनार की पैदावार करके किसान मलामाल हो सकते हैं।
कोट
अनार की पैदावार से किसान लाभान्वित हो रहे हैं। पारंपरिक फसलों से अधिक अनार की खेती में किसान आय कमा रहे हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत इस वर्ष 25 हेक्टेयर में अनार की पौध लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बजट आने पर इससे संबधित गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इससे किसान अधिक से अधिक लाभान्वित होंगे । ’ - सुरेंद्र राम भाष्कर, जिला उद्यान अधिकारी।