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किसानों के ट्यूबवेल के लिए बनेगे 161 कृषि फीडर
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फतेहपुर। जिले की बिजली व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी है। विभाग ने 32 नए उपकेंद्र, एक ट्रांसमिशन सेंटर बनाने और 34 उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा है। 161 कृषि फीडर भी बनाए जाएंगे। यह सारे काम केंद्र सरकार की रिवैम्ड योजना से होगा।
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता मेघ सिंह ने सातों धरमपुर गांव में 220 केवीए व 132 केवीए ट्रांसमिशन सेंटर का प्रस्ताव अधीक्षण अभियंता को दिया है। वहीं, विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता रामसनेही ने बहुआ क्षेत्र में 132 केवीए ट्रांसमिशन सेंट बनाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही जिले में 32 नए विद्युत उपकेंद्र बनाने और 34 पुराने विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार हुआ है।
अधीक्षण अभियंता ने तीनों खंडों से मिले प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। बताया कि दिए गए प्रस्तावों का सत्यापन करने जल्द ही केंद्र सरकार की टीम आएगी। इसके बाद शासन से बजट का आवंटन होगा। प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद पांच साल में काम पूरे होंगे। (संवाद)
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कृषि फीडर बनने से सिंचाई के समय ओवर लोड की समस्या दूर होगी। किसानों को रोस्टर के अनुसार निर्बाध रूप से बिजली मिलेगी। फसलों की सिंचाई आसानी से हो सकेगी।
रिवैम्ड योजना से जर्जर तार बदले जाएंगे। इसके लिए एलटी लाइन में चार हजार किमी जर्जर तारों का इस्टीमेट बनाया गया है। 11 केवीए लाइन का 4200 किमी और 33 केवीए लाइन के 227 किमी के जर्जर तार बदले जाएंगे। साथ ही कृषि फीडर के लिए 11 हजार किमी हाईटेंशन लाइन नई बनेगी।
.........
ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसमें 10 केवीए से 100 केवीए तक के 3400 ट्रांसफार्मरों की रिपोर्ट तैयार की गई है। इनके लोड बढ़ाए जाएंगे।
इनसेट:
वितरण खंड- नए उपकेंद्र- क्षमता वृद्घि उपकेंद्र- कृषि फीडर
प्रथम--- 09- 15- 51
द्वितीय--- 13- 06- 61
तृतीय--- 10- 14- 49
............................................................
कोट:
भारत सरकार की रिवैम्ड योजना जिले में लागू की गई है। इसमें जिले के जर्जर तार, ओवरलोड ट्रांसफार्मर, ओवरलोड उपकेंद्र और नए उपकेंद्रों का प्रस्ताव बनाया गया है। जिले के सभी विधायकों की संस्तुति पर केंद्र सरकार को शासन के जरिए रिपोर्ट प्रस्ताव भेजे गए हैं। प्रस्तावों को हरी झंडी मिलते ही काम शुरू हो जाएंगे। जितने काम प्रस्ताव में शामिल हुए हैं, उनके पूरे होने के बाद जिले में बिजली से जुड़ी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी। - राकेेश कुमार पांडेय, एसई विद्युत वितरण खंड।
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विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता मेघ सिंह ने सातों धरमपुर गांव में 220 केवीए व 132 केवीए ट्रांसमिशन सेंटर का प्रस्ताव अधीक्षण अभियंता को दिया है। वहीं, विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता रामसनेही ने बहुआ क्षेत्र में 132 केवीए ट्रांसमिशन सेंट बनाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही जिले में 32 नए विद्युत उपकेंद्र बनाने और 34 पुराने विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार हुआ है।
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अधीक्षण अभियंता ने तीनों खंडों से मिले प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। बताया कि दिए गए प्रस्तावों का सत्यापन करने जल्द ही केंद्र सरकार की टीम आएगी। इसके बाद शासन से बजट का आवंटन होगा। प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद पांच साल में काम पूरे होंगे। (संवाद)
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कृषि फीडर बनने से सिंचाई के समय ओवर लोड की समस्या दूर होगी। किसानों को रोस्टर के अनुसार निर्बाध रूप से बिजली मिलेगी। फसलों की सिंचाई आसानी से हो सकेगी।
रिवैम्ड योजना से जर्जर तार बदले जाएंगे। इसके लिए एलटी लाइन में चार हजार किमी जर्जर तारों का इस्टीमेट बनाया गया है। 11 केवीए लाइन का 4200 किमी और 33 केवीए लाइन के 227 किमी के जर्जर तार बदले जाएंगे। साथ ही कृषि फीडर के लिए 11 हजार किमी हाईटेंशन लाइन नई बनेगी।
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ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसमें 10 केवीए से 100 केवीए तक के 3400 ट्रांसफार्मरों की रिपोर्ट तैयार की गई है। इनके लोड बढ़ाए जाएंगे।
इनसेट:
वितरण खंड- नए उपकेंद्र- क्षमता वृद्घि उपकेंद्र- कृषि फीडर
प्रथम--- 09- 15- 51
द्वितीय--- 13- 06- 61
तृतीय--- 10- 14- 49
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कोट:
भारत सरकार की रिवैम्ड योजना जिले में लागू की गई है। इसमें जिले के जर्जर तार, ओवरलोड ट्रांसफार्मर, ओवरलोड उपकेंद्र और नए उपकेंद्रों का प्रस्ताव बनाया गया है। जिले के सभी विधायकों की संस्तुति पर केंद्र सरकार को शासन के जरिए रिपोर्ट प्रस्ताव भेजे गए हैं। प्रस्तावों को हरी झंडी मिलते ही काम शुरू हो जाएंगे। जितने काम प्रस्ताव में शामिल हुए हैं, उनके पूरे होने के बाद जिले में बिजली से जुड़ी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी। - राकेेश कुमार पांडेय, एसई विद्युत वितरण खंड।