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विदुप बने राष्ट्रीय अध्यक्ष, कुलभाष्कर महामंत्री
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राधानगर के तेज स्टेट गेस्ट हाउस में फूल माला पहने बैठे अध्यक्ष, महामंत्री व कोषाध्यक्ष। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। अखिल भारतीय अग्रहरि समाज की 20वीं कार्यकारिणी का चुनाव शहर के तेज गेस्ट हाउस में हआ। तीन पदों के चुनाव में विदुप अग्रहरि राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने 141 वोट पाकर प्रतिद्वंद्वी राधेकृष्ण को 109 मतों से हराया। राधेकृष्ण को कुल 32 वोट मिले। उधर, दूसरे गुट ने इस चुनाव को अवैध करार दिया है।
चुनावी प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त पूर्व न्याय मंत्री राधेश्याम गुप्त अग्रहरि और चुनाव आयुक्त सोम गुप्ता अग्रहरि ने शुरू कराई। 240 मत वाले कैबिनेट में अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव हुआ। अध्यक्ष पद के लिए चार नामांकन दाखिल हुए, जिनमें एक निरस्त हो गया। तीन के बीच हुए चुनाव में विदुप अग्रहरि 181, राधेकृष्ण 32 और कैलाश चंद्र को
सिर्फ एक वोट मिला। महामंत्री कुलभाष्कर अग्रहरि को 199 वोट मिले, जबकि चंदी प्रसाद को 11 वोट मिले, जिसमें कुलभाष्कर को विजेता घोषित किया गया। कोषाध्यक्ष पद पर 141 वोट पाकर अनिरुद्ध अग्रहरि ने जीत हासिल की, जबकि प्रतिद्वंद्वी विजय अग्रहरि को 67 वोट मिले। रविवार रात आठ बजे निर्वाचन अधिकारियों ने परिणाम घोषित किया। तीनों पदाधिकारियों को केंद्रीय राज्यमंत्री निरंजन ज्योति ने प्रमाणपत्र प्रदान कर समाज के नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी।
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उधर, दूसरे गुट के चुनाव संयोजक रमेश चंद्र अग्रहरि, अध्यक्ष कौशांबी अग्रहरि ने चुनाव को असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने बताया कि अग्रहरि समाज (पंजीकृत) कार्यकारिणी की बैठक रांची (झारखंड) के इंटर नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुई थी। जिसमें केंद्रीय अध्यक्ष सुभाष चंद्र अग्रहरि निवासी उत्तराखंड, केंद्रीय महामंत्री अशोक अग्रहरि निवासी वाराणसी, कोषाध्यक्ष पद पर घनश्याम अग्रहरि
पश्चिम बंगाल निर्वाचित हुए हैं। चुनावी प्रक्रिया मुख्य चुनाव आयुक्त शिव कुमार अग्रहरि कोलकाता, चुनाव आयुक्त तरुण कुमार अग्रहरि, जामताड़ा, झारखंड व चुनाव आयुक्त सुरेश अग्रहरि, प्रयागराज ने कराई थी। फतेहपुर में होने वाला चुनाव पूरी तरह से अवैधानिक है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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चुनावी प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त पूर्व न्याय मंत्री राधेश्याम गुप्त अग्रहरि और चुनाव आयुक्त सोम गुप्ता अग्रहरि ने शुरू कराई। 240 मत वाले कैबिनेट में अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष पदों के लिए चुनाव हुआ। अध्यक्ष पद के लिए चार नामांकन दाखिल हुए, जिनमें एक निरस्त हो गया। तीन के बीच हुए चुनाव में विदुप अग्रहरि 181, राधेकृष्ण 32 और कैलाश चंद्र को
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सिर्फ एक वोट मिला। महामंत्री कुलभाष्कर अग्रहरि को 199 वोट मिले, जबकि चंदी प्रसाद को 11 वोट मिले, जिसमें कुलभाष्कर को विजेता घोषित किया गया। कोषाध्यक्ष पद पर 141 वोट पाकर अनिरुद्ध अग्रहरि ने जीत हासिल की, जबकि प्रतिद्वंद्वी विजय अग्रहरि को 67 वोट मिले। रविवार रात आठ बजे निर्वाचन अधिकारियों ने परिणाम घोषित किया। तीनों पदाधिकारियों को केंद्रीय राज्यमंत्री निरंजन ज्योति ने प्रमाणपत्र प्रदान कर समाज के नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी।
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उधर, दूसरे गुट के चुनाव संयोजक रमेश चंद्र अग्रहरि, अध्यक्ष कौशांबी अग्रहरि ने चुनाव को असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने बताया कि अग्रहरि समाज (पंजीकृत) कार्यकारिणी की बैठक रांची (झारखंड) के इंटर नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुई थी। जिसमें केंद्रीय अध्यक्ष सुभाष चंद्र अग्रहरि निवासी उत्तराखंड, केंद्रीय महामंत्री अशोक अग्रहरि निवासी वाराणसी, कोषाध्यक्ष पद पर घनश्याम अग्रहरि
पश्चिम बंगाल निर्वाचित हुए हैं। चुनावी प्रक्रिया मुख्य चुनाव आयुक्त शिव कुमार अग्रहरि कोलकाता, चुनाव आयुक्त तरुण कुमार अग्रहरि, जामताड़ा, झारखंड व चुनाव आयुक्त सुरेश अग्रहरि, प्रयागराज ने कराई थी। फतेहपुर में होने वाला चुनाव पूरी तरह से अवैधानिक है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।