{"_id":"5e12318d8ebc3e880c79dad9","slug":"educatio-fatehpur-news-knp536568541","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश अध्यक्ष के जन्म दिन पर आंदोलन की भरी हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश अध्यक्ष के जन्म दिन पर आंदोलन की भरी हुंकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा का जन्मदिन मनाया गया। रविवार को शिक्षक भवन में संगठन की आयोजित बैठक में केक काटा गया और शिक्षकों ने एक दूसरे को केक खिलाकर सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार रहने की अपील की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा संबंधी धारा 21 खत्म करके धारा 18 का संशोधन कर शिक्षकों को प्रबंधकों का नौकर बना दिया है। इसे किसी भी कीमत माध्यमिक शिक्षक संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके लिए सभी लोग आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें। अब शिक्षक सेवा बचाओ आंदोलन करने को बाध्य हो गए हैं। इसके लिए 21 जनवरी को सभी माध्यमिक विद्यालयों में तालाबंदी कर नहर कालोनी में शिक्षक धरना प्रदर्शन करेंगे। बैठक में कमल सिंह चौहान, भानुप्रताप सिंह, योगेंद्र सिंह, निधान सिंह, नरेंद्र सिंह कछवाह, अर्पित शर्मा, अमित कुमार, विनोद कुमार चौधरी, विश्वनाथ, अंबरीष त्रिपाठी, रामकृष्ण द्विवेदी, मासूक खान, सुरेशसिंह, कौशल कुमार, अंजनी कुमार पांडेय, वेदनारायण बाजपेयी ने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा संबंधी धारा 21 खत्म करके धारा 18 का संशोधन कर शिक्षकों को प्रबंधकों का नौकर बना दिया है। इसे किसी भी कीमत माध्यमिक शिक्षक संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके लिए सभी लोग आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहें। अब शिक्षक सेवा बचाओ आंदोलन करने को बाध्य हो गए हैं। इसके लिए 21 जनवरी को सभी माध्यमिक विद्यालयों में तालाबंदी कर नहर कालोनी में शिक्षक धरना प्रदर्शन करेंगे। बैठक में कमल सिंह चौहान, भानुप्रताप सिंह, योगेंद्र सिंह, निधान सिंह, नरेंद्र सिंह कछवाह, अर्पित शर्मा, अमित कुमार, विनोद कुमार चौधरी, विश्वनाथ, अंबरीष त्रिपाठी, रामकृष्ण द्विवेदी, मासूक खान, सुरेशसिंह, कौशल कुमार, अंजनी कुमार पांडेय, वेदनारायण बाजपेयी ने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन