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Fatehpur News: शहर की रफ्तार पर ई-रिक्शा का ब्रेक, हर दिन जाम से जूझ रहे लोग
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फाेटो-11-ज्वालागंज तिराहे में खड़े ई रिक्शा चालक। संवाद
फतेहपुर। शहर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या और बेतरतीब संचालन से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मुख्य मार्गों पर रोजाना जाम लगना आम बात हो गई है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण हालात और बिगड़ रहे हैं।
गौरतलब है कि शहर के ज्वालागंज तिराहा, बाकरगंज, जिला अस्पताल के सामने, वर्मा तिराहा, राधानगर, गाजीपुर बस स्टॉप समेत कई स्थानों पर रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका प्रमुख कारण ई-रिक्शा का बेतरतीब संचालन माना जा रहा है। जाम में फंसने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
मेडिकल स्टोर संचालक कई बार पुलिस और प्रशासन से जिला अस्पताल के बाहर दुकानों के सामने खड़े ई-रिक्शा हटवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसको लेकर कई बार दुकानदारों और ई-रिक्शा चालकों के बीच कहासुनी भी हो चुकी है।
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ढाई हजार से अधिक ई-रिक्शा
तीन लाख की आबादी वाले शहर में इन दिनों करीब ढाई हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सवारी बैठाने की होड़ में चालक कहीं भी वाहन रोक देते हैं। रांग साइड ड्राइविंग और बिना पंजीकरण के संचालन के कारण लोगों का सड़कों पर चलना दूभर हो गया है।
समय-समय पर ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। हालांकि ट्रैफिक प्लान के तहत चौक बाजार में बैरिकेडिंग लगाकर प्रवेश पर पाबंदी है। देवीगंज ओवरब्रिज पर ई-रिक्शा चालकों के खड़े होने पर रोक लगी है।
- केपी यादव, यातायात निरीक्षक।
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गौरतलब है कि शहर के ज्वालागंज तिराहा, बाकरगंज, जिला अस्पताल के सामने, वर्मा तिराहा, राधानगर, गाजीपुर बस स्टॉप समेत कई स्थानों पर रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। इसका प्रमुख कारण ई-रिक्शा का बेतरतीब संचालन माना जा रहा है। जाम में फंसने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
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मेडिकल स्टोर संचालक कई बार पुलिस और प्रशासन से जिला अस्पताल के बाहर दुकानों के सामने खड़े ई-रिक्शा हटवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसको लेकर कई बार दुकानदारों और ई-रिक्शा चालकों के बीच कहासुनी भी हो चुकी है।
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ढाई हजार से अधिक ई-रिक्शा
तीन लाख की आबादी वाले शहर में इन दिनों करीब ढाई हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सवारी बैठाने की होड़ में चालक कहीं भी वाहन रोक देते हैं। रांग साइड ड्राइविंग और बिना पंजीकरण के संचालन के कारण लोगों का सड़कों पर चलना दूभर हो गया है।
समय-समय पर ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। हालांकि ट्रैफिक प्लान के तहत चौक बाजार में बैरिकेडिंग लगाकर प्रवेश पर पाबंदी है। देवीगंज ओवरब्रिज पर ई-रिक्शा चालकों के खड़े होने पर रोक लगी है।
- केपी यादव, यातायात निरीक्षक।

फाेटो-11-ज्वालागंज तिराहे में खड़े ई रिक्शा चालक। संवाद