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Fatehpur News: महिला के अंगों को परिभाषित करने के आरोप में डॉक्टर गिरफ्तार
Tue, 19 Nov 2024 01:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Tue, 19 Nov 2024 01:09 AM IST
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फतेहपुर। शासन, डीएम और सीएमओ को गाली-गलौज व सीएमएस को 40 हजार की माहवारी देने का आरोप लगाने वाले स्त्रीरोग विशेषज्ञ के खिलाफ भाजपा नेता की पत्नी के अंदरूनी अंगों को परिभाषित करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। डॉक्टर के गाली गलौज का ऑडियो भाजपा नेता से बातचीत का वायरल हुआ था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार किया है।
मलवां थाना क्षेत्र के रहने वाले एक भाजपा नेता ने बताया कि रिश्ते में बहू प्रसव के लिए 12 नवंबर को जिला महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। उसने गाइनेकोलॉजिस्ट डा. पीके गुप्ता से प्रसव के संबंध में वार्ता की थी। डॉक्टर बोले कि वह 24 घंटे की ड्यूटी के बाद लौटे हैं। वह प्रसव के लिएनहीं पहुंच सकते हैं।
इस दौरान अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर सरकार, सीएमओ, डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों को गाली गलौज की। उसने एक-दो लोगों को रिकार्डिंग शेयर की थी। रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। रिकार्डिंग वायरल की खुन्नस में 16 नवंबर की रात डॉ. पीके गुप्ता दूसरे नंबर से उसे फोन किया। फोन पर गाली गलौज की।
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पत्नी का पूर्व में डॉक्टर ने इलाज किया था। फोन पर ही डॉक्टर ने पत्नी के अंदरूनी अंगों के बारे में गलत लहजे में परिभाषित किया। उसे 24 घंटे में जान से मरवाने की धमकी दी है। भाजपा नेता ने बताया कि उसने मामले की डीएम से शिकायत की। डीएम के आदेश पर मलवां पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष अभिलाष तिवारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार किया गया।
एक सप्ताह में विवादों से घिरा डाक्टर
जिला महिला चिकित्सालय के डॉ. पीके गुप्ता करीब एक सप्ताह से विवादों में घिरे हैं। अस्पताल में एकमात्र सर्जन के रूप में तैनात हैं। एक सप्ताह पहले अधिक कार्यभार होने के कारण अस्पताल में भर्ती होकर स्वयं को बीमार घोषित किया था। इसके अगले दिन उनका आवास में प्रैक्टिस का फोटो वायरल हुआ। उसके बाद ऑडियो क्लिप में डॉ. गुप्ता आपा खोते नजर आए।
रिश्वतखोरी का आरोप लगने वाले सीएमएस को जांच
रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच जिला प्रशासन ने डॉ. पीके सिंह को सौंपा है। उन पर डॉ. पीके गुप्ता ने 40 हजार की माहवारी देने का आरोप लगाया है। मामले में सीएमओ डॉ. राजीव गिरि का कहना है कि एक डॉक्टर होने के नाते ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हेल्थ अस्सिटेंट डायरेक्टर को भी इस मामले से अवगत कराया गया है। सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मलवां थाना क्षेत्र के रहने वाले एक भाजपा नेता ने बताया कि रिश्ते में बहू प्रसव के लिए 12 नवंबर को जिला महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। उसने गाइनेकोलॉजिस्ट डा. पीके गुप्ता से प्रसव के संबंध में वार्ता की थी। डॉक्टर बोले कि वह 24 घंटे की ड्यूटी के बाद लौटे हैं। वह प्रसव के लिएनहीं पहुंच सकते हैं।
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इस दौरान अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर सरकार, सीएमओ, डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों को गाली गलौज की। उसने एक-दो लोगों को रिकार्डिंग शेयर की थी। रिकार्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। रिकार्डिंग वायरल की खुन्नस में 16 नवंबर की रात डॉ. पीके गुप्ता दूसरे नंबर से उसे फोन किया। फोन पर गाली गलौज की।
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पत्नी का पूर्व में डॉक्टर ने इलाज किया था। फोन पर ही डॉक्टर ने पत्नी के अंदरूनी अंगों के बारे में गलत लहजे में परिभाषित किया। उसे 24 घंटे में जान से मरवाने की धमकी दी है। भाजपा नेता ने बताया कि उसने मामले की डीएम से शिकायत की। डीएम के आदेश पर मलवां पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष अभिलाष तिवारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार किया गया।
एक सप्ताह में विवादों से घिरा डाक्टर
जिला महिला चिकित्सालय के डॉ. पीके गुप्ता करीब एक सप्ताह से विवादों में घिरे हैं। अस्पताल में एकमात्र सर्जन के रूप में तैनात हैं। एक सप्ताह पहले अधिक कार्यभार होने के कारण अस्पताल में भर्ती होकर स्वयं को बीमार घोषित किया था। इसके अगले दिन उनका आवास में प्रैक्टिस का फोटो वायरल हुआ। उसके बाद ऑडियो क्लिप में डॉ. गुप्ता आपा खोते नजर आए।
रिश्वतखोरी का आरोप लगने वाले सीएमएस को जांच
रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच जिला प्रशासन ने डॉ. पीके सिंह को सौंपा है। उन पर डॉ. पीके गुप्ता ने 40 हजार की माहवारी देने का आरोप लगाया है। मामले में सीएमओ डॉ. राजीव गिरि का कहना है कि एक डॉक्टर होने के नाते ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। हेल्थ अस्सिटेंट डायरेक्टर को भी इस मामले से अवगत कराया गया है। सख्त कार्रवाई की जाएगी।