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फतेहपुरः बुजुर्गों की सेवा के लिए डीएम को मिलेगा अवार्ड, दादी-दादा अवार्ड के लिए नामित
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डिमेंसिया पीड़ित बृद्घा को पकड़ कर उसके घर की नीव रखवाने ले जाते जिलाधिकारी संजीव सिंह
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर बुजुर्गों की सेवा के लिए जिलाधिकारी संजीव सिंह को नीति आयोग के दादी-दादा फाउंडेशन ने दादी-दादा गौरव सम्मान के लिए नामित किया है। यह सम्मान उन्हें असोथर ब्लाक के सहबंसी गांव की डिमेंसिया पीड़ित 86 वर्ष की वृद्घा रामप्यारी उर्फ भगवती की सेवा के लिए दिया जा रहा है।
डीएम ने वृद्घा का उपचार कराने के साथ अपने वेतन से उनके लिए घर बनवाने की बुनियाद भी उन्हीं से रखवाई थी। डीएम की इस कार्यप्रणाली का दादी-दादा फाउंडेशन ने संज्ञान लिया है।
दादी दादा फाउंडेशन देशभर में बुजुर्गों की बेहतरी के लिए काम करने के लिए जाना जाता है। फाउंडेशन के निदेशक मुनि शंकर की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 2012 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव सिंह को यह सम्मान वृद्ध व्यक्तियों के लिए मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में दिया जायेगा।
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गौरतलब है कि डीएम ने असोथर के सहबासी गांव की डिमेंसिया पीड़ित वृद्धा रामप्यारी का उपचार कराया था। डीएम को अपनी सेलरी से वृद्घा का मकान बनवाते देख राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने वेतन से योगदान किया था। वृद्घा के घर को जाने वाली सड़क की भी क्षेत्र पंचायत निधि से इंटर लॉकिंग कराई थी।
रामप्यारी का एक मई से 29 मई तक जिला चिकित्सालय में चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रभाकर, फिजीशियन डॉ एनके सक्सेना एवं डॉ आरएम गुप्ता व सिस्टर रेखा चंदेल, वार्ड इंचार्ज मेनका ने इलाज किया था।
रामप्यारी के हीमोग्लोबिन में 8.6 से 12 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। उनमें ब्लड प्रेशर सामान्य, भोजन की पाचन शक्ति एवं वजन में वृद्धि जैसे सुधार हुए थे। इससे पूर्व रामप्यारी डिमेंसिया के कारण अचेतन स्थिति में भर्ती हुई थीं। डिस्चार्ज के समय उनकी स्मरण शक्ति में भी सुधार हो गया था।
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डीएम ने वृद्घा का उपचार कराने के साथ अपने वेतन से उनके लिए घर बनवाने की बुनियाद भी उन्हीं से रखवाई थी। डीएम की इस कार्यप्रणाली का दादी-दादा फाउंडेशन ने संज्ञान लिया है।
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दादी दादा फाउंडेशन देशभर में बुजुर्गों की बेहतरी के लिए काम करने के लिए जाना जाता है। फाउंडेशन के निदेशक मुनि शंकर की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 2012 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव सिंह को यह सम्मान वृद्ध व्यक्तियों के लिए मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में दिया जायेगा।
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गौरतलब है कि डीएम ने असोथर के सहबासी गांव की डिमेंसिया पीड़ित वृद्धा रामप्यारी का उपचार कराया था। डीएम को अपनी सेलरी से वृद्घा का मकान बनवाते देख राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने वेतन से योगदान किया था। वृद्घा के घर को जाने वाली सड़क की भी क्षेत्र पंचायत निधि से इंटर लॉकिंग कराई थी।
रामप्यारी का एक मई से 29 मई तक जिला चिकित्सालय में चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रभाकर, फिजीशियन डॉ एनके सक्सेना एवं डॉ आरएम गुप्ता व सिस्टर रेखा चंदेल, वार्ड इंचार्ज मेनका ने इलाज किया था।
रामप्यारी के हीमोग्लोबिन में 8.6 से 12 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। उनमें ब्लड प्रेशर सामान्य, भोजन की पाचन शक्ति एवं वजन में वृद्धि जैसे सुधार हुए थे। इससे पूर्व रामप्यारी डिमेंसिया के कारण अचेतन स्थिति में भर्ती हुई थीं। डिस्चार्ज के समय उनकी स्मरण शक्ति में भी सुधार हो गया था।