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Fatehpur News: जर्जर ओवरब्रिज बढ़ा रहे खतरा, मरम्मत के नाम पर सिर्फ दिखावा
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फोटो-14-पुल में दिखने लगी सरिया। संवाद
फतेहपुर। जिले में रेलवे ट्रैक के ऊपर बने कई ओवरब्रिज बदहाल हालत में हैं। लंबे समय से इनकी मरम्मत नहीं हुई, जिससे इन पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की अनदेखी जारी है।
रोजाना हजारों वाहन इन पुलों से गुजरते हैं, लेकिन कई पुल भारी वाहनों के निकलते ही कंपन करने लगते हैं, तो कुछ में सरिया तक बाहर झांक रही है। जब भी जनता या सोशल मीडिया पर आवाज उठती है तो मामूली लीपापोती कर खानापूरी कर दी जाती है।
इस पर जनता का कहना है कि विभागीय अफसर पुलों की मरम्मत के नाम पर सिर्फ दिखावा करती है। इससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शहर के साथ-साथ बिंदकी रोड, किशनपुर, चक्की नाका, औगासीपुर जैसे कई इलाकों के पुल मरम्मत की मांग कर रहे हैं। प्रस्तुत है मुख्य पुलों की स्थिति पर एक रिपोर्ट...।
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शादीपुर-राधानगर पुल: एक्टेंशन ज्वाइंट गैप के चलते पुल पर कंपन
शहर के शादीपुर को राधानगर से जोड़ने वाले 50 नंबर पुल से रोजाना दो से तीन हजार वाहन गुजरते हैं। एक्टेंशन ज्वाइंट में गैप के चलते पुल में कंपन हो रहा है। करीब दो माह पहले इसकी मरम्मत के लिए एक करोड़ पांच लाख का टेंडर जारी हुआ, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका। पुल पर लाइटिंग की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इससे रात में वाहन चालकों को दिक्कत होती है।
बिंदकी रोड ओवरब्रिज: 22 गड्ढे, सरिया भी निकलीं
चौडगरा-भोगनीपुर स्टेट हाईवे पर बना 900 मीटर लंबा बिंदकी रोड रेलवे ओवरब्रिज 2011 में बना था। वर्ष 2024-25 में 30 लाख रुपये से मरम्मत भी हो चुकी है, लेकिन स्थिति जस की तस है। पुल पर जगह-जगह 22 से ज्यादा गड्ढे हैं। बाहर निकली सरिया छोटे-बड़े हादसों की वजह बन रहे हैं। रात में कई वाहन सवार इनसे टकराकर घायल हो चुके हैं।
किशनपुर यमुना पुल: एप्रोच सड़क धंसी, वाहनों का आवागमन बंद
किशनपुर यमुना पुल करीब 91.86 करोड़ की लागत से बना है। यह पुल बार-बार एप्रोच रोड धंसने के कारण चर्चा में रहता है। लोकसभा चुनाव से पहले इस पुल का वर्चुअल उद्घाटन कर शुरू किया गया था, लेकिन छठवीं बार पुल पर यातायात बंद करना पड़ा है। फिलहाल सिर्फ बाइक और पैदल यात्री ही निकल पा रहे हैं। पुल बंद होने से बांदा जिले के यमुना पार गांवों का किशनपुर कस्बे से संपर्क प्रभावित हुआ है।
जिले में विभाग की ओर से बनाए गए सभी पुलों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया। शहर के 50 नंबर पुल के लिए टेंडर भी जारी हो गया है। रूट डायवर्जन होते ही काम भी शुरू हो जाएगा। तुर्की नाला पुल का भी निर्माण तेजी से हो रहा है।
एसके गौतम, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
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रोजाना हजारों वाहन इन पुलों से गुजरते हैं, लेकिन कई पुल भारी वाहनों के निकलते ही कंपन करने लगते हैं, तो कुछ में सरिया तक बाहर झांक रही है। जब भी जनता या सोशल मीडिया पर आवाज उठती है तो मामूली लीपापोती कर खानापूरी कर दी जाती है।
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इस पर जनता का कहना है कि विभागीय अफसर पुलों की मरम्मत के नाम पर सिर्फ दिखावा करती है। इससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शहर के साथ-साथ बिंदकी रोड, किशनपुर, चक्की नाका, औगासीपुर जैसे कई इलाकों के पुल मरम्मत की मांग कर रहे हैं। प्रस्तुत है मुख्य पुलों की स्थिति पर एक रिपोर्ट...।
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शादीपुर-राधानगर पुल: एक्टेंशन ज्वाइंट गैप के चलते पुल पर कंपन
शहर के शादीपुर को राधानगर से जोड़ने वाले 50 नंबर पुल से रोजाना दो से तीन हजार वाहन गुजरते हैं। एक्टेंशन ज्वाइंट में गैप के चलते पुल में कंपन हो रहा है। करीब दो माह पहले इसकी मरम्मत के लिए एक करोड़ पांच लाख का टेंडर जारी हुआ, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका। पुल पर लाइटिंग की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इससे रात में वाहन चालकों को दिक्कत होती है।
बिंदकी रोड ओवरब्रिज: 22 गड्ढे, सरिया भी निकलीं
चौडगरा-भोगनीपुर स्टेट हाईवे पर बना 900 मीटर लंबा बिंदकी रोड रेलवे ओवरब्रिज 2011 में बना था। वर्ष 2024-25 में 30 लाख रुपये से मरम्मत भी हो चुकी है, लेकिन स्थिति जस की तस है। पुल पर जगह-जगह 22 से ज्यादा गड्ढे हैं। बाहर निकली सरिया छोटे-बड़े हादसों की वजह बन रहे हैं। रात में कई वाहन सवार इनसे टकराकर घायल हो चुके हैं।
किशनपुर यमुना पुल: एप्रोच सड़क धंसी, वाहनों का आवागमन बंद
किशनपुर यमुना पुल करीब 91.86 करोड़ की लागत से बना है। यह पुल बार-बार एप्रोच रोड धंसने के कारण चर्चा में रहता है। लोकसभा चुनाव से पहले इस पुल का वर्चुअल उद्घाटन कर शुरू किया गया था, लेकिन छठवीं बार पुल पर यातायात बंद करना पड़ा है। फिलहाल सिर्फ बाइक और पैदल यात्री ही निकल पा रहे हैं। पुल बंद होने से बांदा जिले के यमुना पार गांवों का किशनपुर कस्बे से संपर्क प्रभावित हुआ है।
जिले में विभाग की ओर से बनाए गए सभी पुलों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया। शहर के 50 नंबर पुल के लिए टेंडर भी जारी हो गया है। रूट डायवर्जन होते ही काम भी शुरू हो जाएगा। तुर्की नाला पुल का भी निर्माण तेजी से हो रहा है।
एसके गौतम, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी।