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मंदिरों में दिनभर गूंजे भक्ति गीत, उमड़ी भक्तों की भीड़
ब्यूरो,अमर उजाला फतेहपुर
Updated Sun, 22 Mar 2015 12:37 AM IST
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नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों, घरों में भक्तों ने देवी मां को प्रसन्न किया। घर-घर आचार्यों ने विधि विधान से कलश स्थापना कराई। भक्तों ने आदिशक्ति मां जगदंबा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री के दर्शन कर मनोवांछित फल की कामना की।
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नवरात्र पर्व आते ही भक्तों में उत्साह नजर आ रहा है।
शनिवार को प्रथम दिन मां आदिशक्ति के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। आचार्यों ने शुभ मुहुर्त 10.30 से 11.30 बजे के बीच घट स्थापना कराई।
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भक्तों ने या देवी सर्व भूतेषु प्रकृति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: मंत्रोच्चारण के साथ आराधना की। महिलाएं और पुरुष हाथों में पूजा की थाली लिए मां की आराधना करने को दुर्गा मंदिर पहुंचे और यहां मां के सभी स्वरूपों के दर्शन किए। इसी प्रकार शीतला माता मंदिर में भी सुबह से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। अहमदगंज स्थित कालिका मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
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यहां भक्तों ने मां काली के दर्शन किए और विधि विधान से पूजा अर्चना की। आचार्य पंडित केके पांडेय और आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि भक्तों ने घट स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की आराधना की। वैसे तो माता का यह स्वरूप अनेक नामों से प्रसिद्ध है। पर्वतराज शैलराज की पुत्री होने के कारण माता के इस प्रथम रूप का नाम शैलपुत्री पड़ा।
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छात्र मां ब्रह्मचारिणी की करें आराधना
फतेहपुर। मां के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की रविवार को भक्त आराधना करेंगे। इनकी उपासना से साधक में देवी जैसे गुण उत्पन्न होने लगते हैं और ज्ञान की प्राप्ति होती है। जो साधक मां को श्वेत मालाएं अर्पण करता है मां भगवती उनके जीवन से अंधकार मिटा देती हैं। आचार्यों ने बताया कि मां ज्ञान की देवी हैं। विद्यार्थियों को मां की आराधना से ज्ञान मिलता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि ओम ब्रह्मचारिणी दैव्ये नम: मंत्र का जाप करें।