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चोरी था बदमाशों का मकसद, पहचानने पर की हत्या
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फतेहपुर। सेवानिवृत्त शिक्षक की हत्या कर डकैती की वारदात पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है। इलाके में लगातार वारदातें हो रहीं हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिक्षक ने बदमाशों को पहचान लिया होगा, इसी वजह से उनकी हत्या की गई। बदमाशों का मकसद सिर्फ चोरी करना ही होगा।
राधा नगर चौकी क्षेत्र के जयराम नगर मोहल्ले में डेढ़ माह पहले फौजी धर्मेंद्र सिंह, दीपक मिश्रा और मनोज सिंह के घर एक ही रात में चोरी की वारदातें हुईं थीं। पुलिस ने खुलासा कर आरोपियों को पकड़ा लेकिन चोरी का सामान बरामद नहीं कर सकी। वहीं चौकी क्षेत्र के ही रघुवंशपुरम मोहल्ला निवासी भाजपा नेता अमित सिंह के घर दो नवंबर को करीब सात लाख की चोरी हुई थी। खुशवक्तराय नगर के सेवनिवृत्त फौजी शिवमोहन के घर भी 24 दिसंबर को पांच लाख की चोरी हुई थी। वहीं 10 दिसंबर को भिखारीपुर इलाके में मुरली मनोहर द्विवेदी के घर भी पांच लाख की चोरी हुई थी। लगातार चोरी की हो रही घटनाओं की रोकथाम में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। शिक्षक की हत्या पुलिस चोरी के दौरान ही विरोध करने पर मान रही है। ऐसे में चोरों पर अंकुश न लगाने से वारदात डकैती में बदल गई।
फतेहपुर। तीनों ही घरों में बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद निकल गए। कहीं पर भी घर वालों को उनकी आहट नहीं लगी। अगले दिन सुबह ही घटना की जानकारी लग सकी।
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फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के राधानगर इलाके में हर दो-तीन साल के अंतराल में डकैती जैसी गंभीर वारदातें होती हैं। यहां बावरिया गिरोह भी वारदातें कर चुका है।
राधानगर पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर बहुआ और गाजीपुर मार्ग को मिलाने वाला पुलिया मार्ग है। करीब दो साल पहले इसी मार्ग पर गृहस्वामी को लाठी डंडे से मरणासन्न कर डकैती डाली गई थी। कुछ घरों में चोरियां भी र्हुइं थीं। पुलिस ने मामले को किसी तरह से निपटा दिया था। करीब चार साल पहले शिक्षक होरीलाल समेत तीन घरों में डकैती डाली गई थी। एक घर में बदमाशों की पिटाई से एक युवक की मौत हो गई थी। एक महिला और शिक्षक होरीलाल को बदमाशों ने मरणासन्न हालत में पाया था। करीब छह साल पहले हरगनपुर में किसान के घर में छह से सात बदमाशों ने धावा बोलकर लूटपाट की थी। अंदौली पुलिया पर आठ साल पहले फौजी के परिवार में दो लोगों की हत्या कर डकैती डाली गई थी।
यह सभी घटनाएं ठंड के दिनों में हुईं थीं। इस तरह डकैती, लूटपाट की घटनाएं राधानगर चौकी क्षेत्र में होती आ रही हैं। शिक्षक होरीलाल के मामले में पुलिस ने बावरिया गिरोह के सदस्यों को पकड़ा था। राधानगर चौकी क्षेत्र शहर का दक्षिणी और रेलवे लाइन के किनारे का इलाका है। यहां कई बाहरी गैंग भी वारदात करते हैं। उसके बाद निकल जाते हैं। बावरियों के पकड़े जाने पर इस बात का खुलासा हुआ था।
फतेहपुर। सेवानिवृत्त शिक्षक के घर के पास ही रहने वाले राजगीर महावीर के घर बदमाश चोरी के बाद तमंचा छोड़ गए। उनकी पत्नी अनीता ने तमंचा पुलिस को सौंपा है। उन्होंने बताया कि सीढ़ियों के नीचे चावल की टंकी रखी थी। उसमें तमंचा और कारतूस रखा था। रविवार सुबह जब पड़ोस से चीख पुखार सुनाई दी तो वे अपने घर की ऊपर की मंजिल से नीचे आए, तब उन्हें भी चोरी जानकारी हुई। उसी समय उन्हें यह तमंचा मिला। बदमाश टंकी में तमंचा छोड़कर क्यों गए, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
फतेहपुर। हत्या व डकैती के खुलासे के लिए एसपी ने चार टीमें गठित की हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में खोजबीन की। इलाके के कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। वहीं जेल से छूटने वाले बदमाशों की सूची तैयार की जा रही है।
एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली पुलिस, सर्विलांस, स्वॉट प्रथम और स्वॉट द्वितीय की टीमें गठित की हैं। मौके पर स्वॉट प्रभारी विनोद मिश्रा भी जांच के लिए पहुंचे। पुलिस ने कुछ लोगों को चिह्नित कर दबिश दी।
घटना की सूचना करीब आठ बजे सुबह पुलिस को दी गई। कोतवाल अरुण कुमार चतुर्वेदी और चौकी इंचार्ज राजेश सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बवाल की आशंका पर शव को मौके से हटाना मुनासिब समझा। चौकी की जीप में शव लेकर पुलिस चली गई। सेवानिवृत्त शिक्षक की पत्नी मुन्नी सिंह अपने दिव्यांग पुत्र संदीप सिंह के साथ करीब 10 बजे गांव से लौटी। बहू रागिनी से लिपटकर रोती बिलखती दिखीं। उन्हें परिवार के लोग शिक्षक के अस्पताल में भर्ती होने का आश्वासन दे रहे थे। दिव्यांग बेटे के चेहरे पर दहशत साफ झलक रही थी। घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ और खाकी वर्दी ही दिखाई दे रही थी।
बदमाशों ने हत्याकांड में जो ईंट इस्तेमाल की, वह छत पर रखी हुई थी। सिर्फ एक ही ईंट का हमले में इस्तेमाल हुआ। बदमाश कई होने का अंदाजा लगाया गया है। शिक्षक के विरोध पर बदमाश घबराए होंगे। कुछ बदमाशों ने उन्हें पकड़ा होगा। तभी उनका कोई साथी हमले के लिए ईंट लेकर आया होगा। हमले की पहले से तैयारी होती तो बदमाश कई ईंट साथ लाते। उनके पास और भी शस्त्र होने चाहिए थे। फोरेंसिंक टीम ने ईंट में लगे निशान और अलमारी से चोरों के फिंगर प्रिंट जुटाए हैं।
राधानगर चौकी इंचार्ज पर इलाके के लोगों ने कई तरह के आरोप लगाए हैं। लोगों ने बताया कि इलाके में रात को ट्रकों से वसूली में पुलिस मस्त रहती है। इन हालातों में पुलिसिंग नहीं होती। चौकी इंचार्ज का जनता से व्यवहार अच्छा नहीं है। मौके पर बीजेपी जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा पहुंचे। उन्होंने परिवार को घटना का जल्द खुलासे का आश्वासन दिया है।
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राधा नगर चौकी क्षेत्र के जयराम नगर मोहल्ले में डेढ़ माह पहले फौजी धर्मेंद्र सिंह, दीपक मिश्रा और मनोज सिंह के घर एक ही रात में चोरी की वारदातें हुईं थीं। पुलिस ने खुलासा कर आरोपियों को पकड़ा लेकिन चोरी का सामान बरामद नहीं कर सकी। वहीं चौकी क्षेत्र के ही रघुवंशपुरम मोहल्ला निवासी भाजपा नेता अमित सिंह के घर दो नवंबर को करीब सात लाख की चोरी हुई थी। खुशवक्तराय नगर के सेवनिवृत्त फौजी शिवमोहन के घर भी 24 दिसंबर को पांच लाख की चोरी हुई थी। वहीं 10 दिसंबर को भिखारीपुर इलाके में मुरली मनोहर द्विवेदी के घर भी पांच लाख की चोरी हुई थी। लगातार चोरी की हो रही घटनाओं की रोकथाम में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। शिक्षक की हत्या पुलिस चोरी के दौरान ही विरोध करने पर मान रही है। ऐसे में चोरों पर अंकुश न लगाने से वारदात डकैती में बदल गई।
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फतेहपुर। तीनों ही घरों में बदमाश घटना को अंजाम देने के बाद निकल गए। कहीं पर भी घर वालों को उनकी आहट नहीं लगी। अगले दिन सुबह ही घटना की जानकारी लग सकी।
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फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के राधानगर इलाके में हर दो-तीन साल के अंतराल में डकैती जैसी गंभीर वारदातें होती हैं। यहां बावरिया गिरोह भी वारदातें कर चुका है।
राधानगर पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर बहुआ और गाजीपुर मार्ग को मिलाने वाला पुलिया मार्ग है। करीब दो साल पहले इसी मार्ग पर गृहस्वामी को लाठी डंडे से मरणासन्न कर डकैती डाली गई थी। कुछ घरों में चोरियां भी र्हुइं थीं। पुलिस ने मामले को किसी तरह से निपटा दिया था। करीब चार साल पहले शिक्षक होरीलाल समेत तीन घरों में डकैती डाली गई थी। एक घर में बदमाशों की पिटाई से एक युवक की मौत हो गई थी। एक महिला और शिक्षक होरीलाल को बदमाशों ने मरणासन्न हालत में पाया था। करीब छह साल पहले हरगनपुर में किसान के घर में छह से सात बदमाशों ने धावा बोलकर लूटपाट की थी। अंदौली पुलिया पर आठ साल पहले फौजी के परिवार में दो लोगों की हत्या कर डकैती डाली गई थी।
यह सभी घटनाएं ठंड के दिनों में हुईं थीं। इस तरह डकैती, लूटपाट की घटनाएं राधानगर चौकी क्षेत्र में होती आ रही हैं। शिक्षक होरीलाल के मामले में पुलिस ने बावरिया गिरोह के सदस्यों को पकड़ा था। राधानगर चौकी क्षेत्र शहर का दक्षिणी और रेलवे लाइन के किनारे का इलाका है। यहां कई बाहरी गैंग भी वारदात करते हैं। उसके बाद निकल जाते हैं। बावरियों के पकड़े जाने पर इस बात का खुलासा हुआ था।
फतेहपुर। सेवानिवृत्त शिक्षक के घर के पास ही रहने वाले राजगीर महावीर के घर बदमाश चोरी के बाद तमंचा छोड़ गए। उनकी पत्नी अनीता ने तमंचा पुलिस को सौंपा है। उन्होंने बताया कि सीढ़ियों के नीचे चावल की टंकी रखी थी। उसमें तमंचा और कारतूस रखा था। रविवार सुबह जब पड़ोस से चीख पुखार सुनाई दी तो वे अपने घर की ऊपर की मंजिल से नीचे आए, तब उन्हें भी चोरी जानकारी हुई। उसी समय उन्हें यह तमंचा मिला। बदमाश टंकी में तमंचा छोड़कर क्यों गए, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
फतेहपुर। हत्या व डकैती के खुलासे के लिए एसपी ने चार टीमें गठित की हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में खोजबीन की। इलाके के कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। वहीं जेल से छूटने वाले बदमाशों की सूची तैयार की जा रही है।
एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली पुलिस, सर्विलांस, स्वॉट प्रथम और स्वॉट द्वितीय की टीमें गठित की हैं। मौके पर स्वॉट प्रभारी विनोद मिश्रा भी जांच के लिए पहुंचे। पुलिस ने कुछ लोगों को चिह्नित कर दबिश दी।
घटना की सूचना करीब आठ बजे सुबह पुलिस को दी गई। कोतवाल अरुण कुमार चतुर्वेदी और चौकी इंचार्ज राजेश सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बवाल की आशंका पर शव को मौके से हटाना मुनासिब समझा। चौकी की जीप में शव लेकर पुलिस चली गई। सेवानिवृत्त शिक्षक की पत्नी मुन्नी सिंह अपने दिव्यांग पुत्र संदीप सिंह के साथ करीब 10 बजे गांव से लौटी। बहू रागिनी से लिपटकर रोती बिलखती दिखीं। उन्हें परिवार के लोग शिक्षक के अस्पताल में भर्ती होने का आश्वासन दे रहे थे। दिव्यांग बेटे के चेहरे पर दहशत साफ झलक रही थी। घर के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ और खाकी वर्दी ही दिखाई दे रही थी।
बदमाशों ने हत्याकांड में जो ईंट इस्तेमाल की, वह छत पर रखी हुई थी। सिर्फ एक ही ईंट का हमले में इस्तेमाल हुआ। बदमाश कई होने का अंदाजा लगाया गया है। शिक्षक के विरोध पर बदमाश घबराए होंगे। कुछ बदमाशों ने उन्हें पकड़ा होगा। तभी उनका कोई साथी हमले के लिए ईंट लेकर आया होगा। हमले की पहले से तैयारी होती तो बदमाश कई ईंट साथ लाते। उनके पास और भी शस्त्र होने चाहिए थे। फोरेंसिंक टीम ने ईंट में लगे निशान और अलमारी से चोरों के फिंगर प्रिंट जुटाए हैं।
राधानगर चौकी इंचार्ज पर इलाके के लोगों ने कई तरह के आरोप लगाए हैं। लोगों ने बताया कि इलाके में रात को ट्रकों से वसूली में पुलिस मस्त रहती है। इन हालातों में पुलिसिंग नहीं होती। चौकी इंचार्ज का जनता से व्यवहार अच्छा नहीं है। मौके पर बीजेपी जिलाध्यक्ष आशीष मिश्रा पहुंचे। उन्होंने परिवार को घटना का जल्द खुलासे का आश्वासन दिया है।