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Fatehpur News: ग्राहक सेवा केंद्र संचालक व भाई ग्रामीणों का डेढ़ करोड़ हड़प कर भागे

Wed, 07 Jun 2023 12:13 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jun 2023 12:13 AM IST
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Customer service center operator and brother ran away after grabbing 1.5 crore of villagers
फतेहपुर। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक सगे भाई बैंक में रुपये जमा करने की फर्जी रसीद देकर लोगों का डेढ़ करोड़ हड़प कर भाग निकले। शिकायतकर्ताओं की पुलिस ने सुनवाई नहीं की। उन लोगों ने कोर्ट की शरण ली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर सुल्तानपुर घोष पुलिस ने भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन, कूटरचना की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गौंती निवासी जैनउद्दीन और मोहम्म्दपुर गौंती पूरे वसूकला निवासी रामसागर की ओर से एफआईआर दर्ज की गई हैं। निवेशक जैनउद्दीन ने एफआईआर में बताया कि उनका खाता इंडियन बैंक की ग्राहक सेवा केंद्र गौंती में खुला है। ग्राहक सेवा केंद्र का संचालन सगे भाई हरिशंकर सिंह और जयशंकर सिंह करते रहे। वह दोनों थाना क्षेत्र के रसूलपुर भंडरा गांव के बैरहाणा निवासी हैं। उसने घर निर्माण के लिए खाते में केंद्र संचालकों के जरिए 2020 से 2022 के बीच करीब साढ़े चार लाख रुपये जमा किए थे। बैंक में कृषि योजना लाभ का 2022 के अंत में रुपया आया। वह ग्राहक सेवा केंद्र में रुपये चेक कराने पहुंचा। केंद्र में ताला लटका हुआ था। बैंक शाखा प्रेमनगर पहुंचा। जहां पता लगा कि केंद्र संचालन शाखा की आईडी पहले ही बंद की जा चुकी है। रुपये जमा की पासबुक एंट्री और हाथ की पर्चियां बैंक में दिखाई और स्टेटमेंट निकलाया। रुपये खाते में जमा नहीं थे। कुछ रुपये दो बार फिंगर मशीन में अंगूठा लगवाकर निकाले गए थे। वह लोग बैंक की फर्जी मुहर लगाकर रुपये जमा की पर्चियां देते रहे हैं।
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दूसरे निवेशक रामसागर ने बताया कि उसके खाते में एक लाख 96 रुपये जमा थे। खाते से 38 हजार रुपये निकाले थे। ग्राहक सेवा केंद्र संचालक पासबुक में एंट्री करते थे। वह 13 फरवरी 2023 को बाकी रुपये निकलाने गया, लेकिन शाखा बंद हो चुकी थी। सगे भाई बंद सेवा केंद्र बंद कर भाग चुके थे। उसका 62 हजार 96 रुपये हड़पा है। दोनों निवेशकों का आरोप है कि इसी तरह निवेशकों का करीब डेढ़ करोड़ आरोपी भाइयों ने हड़पा है। थानाध्यक्ष योगेश सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बैंक की गलती से डूबी निवेशकों की रकम
इंडियन बैंक की शाखा की ओर से 2020 में हरिशंकर और जयशंकर को टाइनी शाखा संचालन की फ्रेंचाइची दी गई थी। बैंक ने ग्राहकों की शिकायत 2021 ग्राहक सेवा केंद्रों संचालकों की फ्रेंचाइजी आईडी बंद कर दी थी। इसके बाद भी बैंक ने इस सूचना को सावर्जनिक नहीं किया और न ही कोई पुलिस कार्रवाई की। शाखा के ग्राहकों को इस बात का पता नहीं चला। ग्राहक धोखे में रहे और शाखा में रुपये जमा करते रहे। कंप्यूटर खामी का झांसा देकर ग्राहकों की पासबुक में आरोपी एंट्री करते रहे। बैंक शाखा प्रबंधक रामकुमार वर्मा ने बताया कि शाखा का संचालन 2021 से बंद है। इस सूचना को बैंक ने सार्वजनिक नहीं किया, यह गलती तत्कालीन शाखा प्रबंधक की है। सूचना सार्वजनिक न होने की वजह से लोग रुपये जमा करते रहे। उनकी तैनाती बैंक में जुलाई 2022 को हुई। उस समय शाखा बंद हो चुकी थी।


सैकड़ों ग्रामीणों की डूबी रकम
ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये लोग के हड़प कर भागे हैं। यह बात एफआईआर दर्ज कराने वाले निवेशकों ने स्पष्ट की है। केंद्र में रसूलपुर, गौंती, प्रेमनगर, भंडरा समेत कई गांव के एक सैकड़ा ग्रामीणों के खाते संचालित थे। निवेशकों के अधिवक्ता शुभम गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र के निवेशकों के कई प्रार्थना पत्र कोर्ट में विचाराधीन हैं। उनके प्रार्थना पत्रों पर कोर्ट सुनवाई कर जल्द ही शाखा संचालक भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमा दर्ज करने का आदेश कर सकता है। अभी दो निवेशकों की एफआईआर हुई है।
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