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ट्रेलर से कुचलकर मजदूर की मौत, हंगामा

Thu, 11 Jan 2018 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर Updated Thu, 11 Jan 2018 11:57 PM IST
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Crushing the trailer, the death of the laborer
रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कार की टक्कर के बाद एक मजदूर की गिट्टी लदे ट्रेलर के पहिए से कुचल मौत हो गई। घटना गुरुवार सुबह की है। गुस्साए लोगों ने हंगामा करते हुए हाईवे जाम करने की कोशिश की। कई थानों का फोर्स ने पहुंचकर लोगों को तितर-बितर किया।
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थरियांव थाने के एकारी गांव निवासी प्रेम पासवान का बेटा नरेंद्र (30) मजदूरी करता था। वह रेलवे प्लांट में गिट्टी उतारने वाले ट्रकों का एकारी हाईवे मोड़ पर साथियों संग इंतजार कर रहा था। गिट्टी भरा ट्रेलर मोड़ पर पहुंचते ही मजदूर दौड़ पड़े। पीछे से इलाहाबाद की ओर से आ रही कार ने नरेंद्र को टक्कर मार दी। वह गिरा और ट्रेलर के पहिए से कुचल कर मौत हो गई। अनियंत्रित कार भी ट्रेलर के पीछे हिस्से में जा टकराई।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह कोहरे की धुंध भी थी। क्षतिग्रस्त कार से चालक कूदकर भाग निकला। कुछ ही देर बाद सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सीओ एसपी मलिक, एसओ बिपिन कुमार सिंह, असोथर एसओ राजेश मौर्या, हथगाम एसओ विनोद कुमार सिंह, कोतवाल सुनील कुमार सिंह पहुंच गए।
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गुस्साई भीड़ ट्रैक्टर को हाईवे के बीच खड़ा कर जाम लगाने की कोशिश कर रही थी। पुलिस ने ट्रैक्टर को हटवाकर ग्रामीणों को भी तितर-बितर किया। इसके बाद भी लोगों ने शव को कब्जे में लेने से पुलिस को रोका। नोकझोंक के बीच अफसरों ने मामला संभाला। पुलिस ने क्रेन से ट्रेलर को उठाकर नीचे दबे शव को बाहर निकाला। सीओ ने परिजनों को मुआवजा दिलाने का भरोसा देकर शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा।

इकलौता था, 15 दिन पहले हुई थी भाई की मौत
एकारी गांव का नरेंद्र, पिता प्रेम पासवान की चार बेटियों के बीच इकलौता बेटा था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया। उसकी कमाई से ही परिवार का भरण पोषण होता था। छोटी चार बहनें रीता, अंशू, शिखा, मनीषा हैं। मां बिटान देवी व बहनें रो-रो कर बेहाल हो गईं। तीन साल पहले नरेंद्र की शादी मोगरीबाग गांव में हुई थी। पत्नी सियाकली अपने दो साल के बेटे राज के साथ मकर संक्रांति मनाने मायके गई थी। सूचना मिलते ही वह लौट आई।
वहीं एक पखवारे पहले गांव में ही नरेंद्र के चचेरे भाई करन की मौत डंपर से कुचल कर हुई थी। उस हादसे के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा था। परिवार की दो महिलाओं की मांग सूनी हो गई।

हादसा कराने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि करन की मौत के बाद रेलवे कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन लोगों पर सुलह के लिए दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें शक है कि उसी मामले में सुलह न करने पर जानबूझकर हादसा कराया गया है।


ट्रकों के आते ही दौड़ लगा देते हैं मजदूर
गिट्टी, मौरंग से लदे ट्रकों के आने पर खड़ी मजदूरों की टोली बगैर आसपास किसी वाहन को देखे काम के लालच में दौड़ लगा देती है। वह अपना बेल्चा, ट्रकों के ऊपर फेंकते हैं। इस दौरान ट्रक चालक धीमी गति में ट्रक बढ़ाते हैं। जरा सी चूक हादसा हो जाता है।
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