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मामा के डांटने पर भांजे ने दी जान
अमर उजाला फतेहपुर
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:00 AM IST
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घर में रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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मोबाइल पर बातचीत को लेकर मामा की फटकार से नाराज भांजे आशीष (17) ने रविवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मामा के घर में रहकर पढ़ाई करता था। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। देर शाम तक तहरीर नहीं दी गई है।
आशीष लखनऊ आलम बाग थाना क्षेत्र के विजय खेड़ा निवासी रामऔतार का बेटा था। उसके मामा रज्जन सिंह मलवां ग्राम प्रधान हैं। आशीष गोपालगंज सर्वोदय इंटर कालेज में हाईस्कूल का छात्र था। मामा के घर रहकर ही पढ़ाई पूरी कर रहा था। प्रधान ने भांजे को मोबाइल पर अधिक बातचीत करने पर रविवार को फटकार लगाई थी।
इसके बाद छात्र कमरे में चला गया था। काफ ी देर तक बाहर न आने पर घर के लोगों को चिंता हुई। खिड़की से छात्र को रस्सी के फंदे से छत पर लगे कुं डे पर झूलता देखा। इससे परिजनों में हड़कं प मच गया। दरवाजा तोड़कर छात्र को बचाने की कोशिश की गई। तब तक उसकी सांसे थम चुकी थी। प्रधान रज्जन सिंह और उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी का रो-रो कर हाल बेहाल हो गया। एसओ संजय सिंह ने बताया कि प्रधान से बातचीत हुई है। उन्होंने बहन-बहनोई के आने पर ही कार्रवाई की बात कही है। प्रधान भांजे की अच्छी तरह से देखभाल करते थे।
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आशीष लखनऊ आलम बाग थाना क्षेत्र के विजय खेड़ा निवासी रामऔतार का बेटा था। उसके मामा रज्जन सिंह मलवां ग्राम प्रधान हैं। आशीष गोपालगंज सर्वोदय इंटर कालेज में हाईस्कूल का छात्र था। मामा के घर रहकर ही पढ़ाई पूरी कर रहा था। प्रधान ने भांजे को मोबाइल पर अधिक बातचीत करने पर रविवार को फटकार लगाई थी।
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इसके बाद छात्र कमरे में चला गया था। काफ ी देर तक बाहर न आने पर घर के लोगों को चिंता हुई। खिड़की से छात्र को रस्सी के फंदे से छत पर लगे कुं डे पर झूलता देखा। इससे परिजनों में हड़कं प मच गया। दरवाजा तोड़कर छात्र को बचाने की कोशिश की गई। तब तक उसकी सांसे थम चुकी थी। प्रधान रज्जन सिंह और उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी का रो-रो कर हाल बेहाल हो गया। एसओ संजय सिंह ने बताया कि प्रधान से बातचीत हुई है। उन्होंने बहन-बहनोई के आने पर ही कार्रवाई की बात कही है। प्रधान भांजे की अच्छी तरह से देखभाल करते थे।
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