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रिटायर फौजी की पत्नी की हत्या कर डकैती
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर
Updated Thu, 13 Apr 2017 12:30 AM IST
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फाइल फोटो लक्ष्मी
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा टांडा हाइवे के पचास नंबर गेट ओवरब्रिज किनारे आबादी में बुधवार को फौजी के घर में अकेली पत्नी की बेरहमीपूर्वक हत्या कर डकै ती डाली गई। घटना की खबर शाम करीब सात बजे इलाकाई लोगों और पुलिस को हुई। घटनास्थल के चप्पे-चप्पे की पुलिस ने छानबीन की है। पुलिस ने फौजी को खबर दी है। उनके आने के बाद ही लूटपाट के सामन का खुलासा हो सकेगा।
फौजी वीरेंद्र प्रसाद तिवारी खखरेरू थाने के सलवन गांव निवासी हैं। कुछ साल पहले ही रिटायर हुए थे। करीब साल भर पहले ओवरब्रिज चढ़ाई में दाहिनी ओर सादीपुर नई बस्ती में मकान बनवाया था। वह तीन दिन पहले खेतबाड़ी की देखभाल को गांव गए थे। घर में अकेली पत्नी लक्ष्मी तिवारी (36) थी। राधानगर मोहल्ले में रहने वाले हरिश्चंद्र ने दोपहर को बहन लक्ष्मी के नंबर पर कॉल की। कई बार फोन न उठने पर शाम को बहन के घर पहुंचे। घर का गेट खुला हुआ था। पोर्च के सामने गैलरी में ही रक्तरंजित बहन की लाश देख हैरान रह गए। सिर धुरमुठ और उसके डंडे से कूं चकर हत्या की गई थी। महिला के पैरों के नीचे धुरमुठ का खून से रंगा डंडा दबा पड़ा था। सिर की ओर डंडे के नीचे का लोहे का धुरमुठ रखा मिला। उसमें भी खून के निशान थे। पीछे के कमरे में अलमारी का लॉकर टूटा हुआ था।
नकदी और जेवरातों के पर्स खाली जमीन पर पड़े थे। लक्ष्मी के भांजे जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि उनकी शादी के 16 साल हो चुके हैं। एक भी बच्चा नहीं है। वह गेट भी बंद रखती थी। किसी परिचित के आने पर ही गेट खोला जाता रहा है। छत के रास्ते का दरवाजा खुला था। कयास लगाए गए कि बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए हाेंगे। महिला सीढ़ियों से उतरते ही मिल गई होगी। उसकी हत्या करने के बाद लूटपाट कर बदमाश गेट खोलकर फरार हो गए होंगे। गेट के रास्ते बाहर जाने के बदमाशों के खून से सने पैरों के निशान भी मिले हैं। सीओ सिटी समरबहादुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या कर लूटपाट का है। गृहस्वामी का इंतजार किया जा रहा है। उनकी तहरीर पर एफआईआर दर्ज होगी।
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फौजी वीरेंद्र प्रसाद तिवारी खखरेरू थाने के सलवन गांव निवासी हैं। कुछ साल पहले ही रिटायर हुए थे। करीब साल भर पहले ओवरब्रिज चढ़ाई में दाहिनी ओर सादीपुर नई बस्ती में मकान बनवाया था। वह तीन दिन पहले खेतबाड़ी की देखभाल को गांव गए थे। घर में अकेली पत्नी लक्ष्मी तिवारी (36) थी। राधानगर मोहल्ले में रहने वाले हरिश्चंद्र ने दोपहर को बहन लक्ष्मी के नंबर पर कॉल की। कई बार फोन न उठने पर शाम को बहन के घर पहुंचे। घर का गेट खुला हुआ था। पोर्च के सामने गैलरी में ही रक्तरंजित बहन की लाश देख हैरान रह गए। सिर धुरमुठ और उसके डंडे से कूं चकर हत्या की गई थी। महिला के पैरों के नीचे धुरमुठ का खून से रंगा डंडा दबा पड़ा था। सिर की ओर डंडे के नीचे का लोहे का धुरमुठ रखा मिला। उसमें भी खून के निशान थे। पीछे के कमरे में अलमारी का लॉकर टूटा हुआ था।
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नकदी और जेवरातों के पर्स खाली जमीन पर पड़े थे। लक्ष्मी के भांजे जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि उनकी शादी के 16 साल हो चुके हैं। एक भी बच्चा नहीं है। वह गेट भी बंद रखती थी। किसी परिचित के आने पर ही गेट खोला जाता रहा है। छत के रास्ते का दरवाजा खुला था। कयास लगाए गए कि बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए हाेंगे। महिला सीढ़ियों से उतरते ही मिल गई होगी। उसकी हत्या करने के बाद लूटपाट कर बदमाश गेट खोलकर फरार हो गए होंगे। गेट के रास्ते बाहर जाने के बदमाशों के खून से सने पैरों के निशान भी मिले हैं। सीओ सिटी समरबहादुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या कर लूटपाट का है। गृहस्वामी का इंतजार किया जा रहा है। उनकी तहरीर पर एफआईआर दर्ज होगी।
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