छींटाकशी से भी तंग थे प्रेमी युगल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हंसवा/थरियांव। थरियांव थाना क्षेत्र के सचौली गांव में प्रेमी युगल की खूब चर्चा हो रही है। गांववालों का कहना है कि दोनों के संबंध जगजाहिर हो गए थे। हर कोई उनको शक की निगाह से देखता था। राह चलते लोग उन पर छींटाकशी करते थे। विरोध की वजह से दोनों का साथ रहना मुमकिन नहीं था। इसीलिए दोनों ने ही जिंदगी खत्म करने का फैसला किया। राकेश और सावित्री उर्फ सविता पिछड़ी जाति के थे लेकिन बिरादरी दोनों की अलग थी। दोनों के घर भी एक दूसरे जुड़े हैं। राकेश के दो बेटे और तीन बेटियां हैं। इसमें बड़े बेटे और दो बेटियों की शादी हो चुकी है। वहीं सावित्री के तीन बेटे और दो बेटियां है। इनमें एक बेटे की शादी हो चुकी है। पड़ोसी होने के नाते परिवारों के बीच अच्छे संबंध थे। एक दूसरे के हर सुख दुख में काम आते थे। पति की मौत के बाद सावित्री की राकेश से करीबी हो गई थी। उन्हें परिवार के लोगों ने कुछ माह पहले एक साथ पकड़ लिया था। इस बात की चर्चा सरेआम हो गई थी। इस पर दोनों परिवारों में मतभेद हो गए। परिवार के सदस्यों में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया था। सावित्री उर्फ सविता के बेटे गोविंद ने बताया कि कई बार उसने मां को समझाया था। इसके बाद भी वह सुधर नहीं रही थी। उधर, राकेश की पत्नी सावित्री ने बताया कि पति से इस मामले को लेकर झगड़ा होता था, लेकिन उसके पति हमेशा टाल जाते थे। उन्हें बच्चों के बड़े होने का वास्ता भी दिया जाता रहा।
बेटे ने भी की थी पिटाई
सावित्री उर्फ सविता देवी को उसकी हरकतों पर बेटे गोविंद ने दो माह पहले पीट दिया था। इससे नाराज होकर सावित्री देवी थाने पहुंची थी। उसने अपने बेटे के खिलाफ ही तहरीर दी थी। पुलिस उसको मां की पिटाई के आरोप में उठा लाई थी। इसके बाद ही बेटे ने मां को घर छोड़ देने की हिदायत दी थी। तभी से महिला अपने मायके चली गई थी।
दोनों का अंतिम संस्कार साथ हुआ
दोनों शवों का पोस्टमार्टम के बाद भिटौरा घाट में अंतिम संस्कार किया गया। वहां दोनों की अलग-अलग चिताएं लगाई गईं। वहां एक साथ दोनों के बड़े बेटों ने मुखाग्नि दी। प्रधान धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच सौहार्द बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसी घटना से दोनों परिवारों के बीच तनाव था। तनाव की वजह ही समाप्त हो गई है। अब खुन्नस का मतलब नहीं है।
ग्रामीण जता रहे थे हत्या की आशंका
घटनास्थल पर लटकते शव देख हत्या कर लटकाने की आशंका भी जताई जा रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के आत्महत्या करने की पुष्टि हो गई है। हालांकि पहले ग्रामीण राकेश की लाश जमीन पर टिकी होना देखकर हत्या करने की आशंका जाहिर कर रहे थे। साड़ी के फंदे के एक तरफ सावित्री ने फांसी लगाई थी दूसरे हिस्से में राकेश ने गला कसा था। एक डाल में ही लटकने की वजह से राकेश का वजन अधिक हो गया। इससे फंदा खिसक गया और राकेश के पैर जमीन छूने लगे। वहीं सावित्री जमीन से करीब दो फीट ऊंचाई पर लटक रही थी।
कई युगल दे चुके हैं जान
सचौली गांव की घटना सुनकर सभी चौंक रहे हैं। किशोरावस्था की दहलीज पार करने वाले युगलों के बारे में अक्सर जान देने की खबरें सामने आती हैं, लेकिन पचास साल के राकेश और चालीस साल की सावित्री के आशनाई में आत्महत्या करने की बात सुनकर अवाक रह जाते रहे हैं।