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सुजानपुर गांव में शवों के आते ही मचा कोहराम
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sun, 26 Feb 2017 01:27 AM IST
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सुजानपुर गांव में चंदन के घर में ग्रामीण महिलाओं की लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात रोडवेज बस की टक्कर से मरने वाले युवकों के शव गांव आते ही कोहराम मच गया। पूरे गांव में परिजनों की चीत्कारें गूंज उठी। एक परिवार का तो इकलौता चिराग बुझा है।
बता दें कि असोथर थाने क्षेत्र के सुजानपुर गांव निवासी चंदन सिंह चौहान की फुफेरी बहन की शादी शुक्रवार रात कौशांबी जिले के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के हर्रायपुर गांव में थी। चंदन परिवार के ही प्रदीप सिंह चौहान के साथ बाइक से कौशांबी जा रहे थे।
इन्हें कोखराज थाना क्षेत्र में रात को रोडवेज बस ने टक्कर मार दी थी। दोनों की मौत हो गई। शनिवार शाम दोनों के शव गांव लाए गए। चंदन के बड़े भाई की पंाच साल पहले मौत हो गई थी। वही परिवार का अकेला बचा था। उसने भाभी शिवानी से शादी कर ली थी। वह बड़े भाई से हुई दो बेटियां खुशी, कोमल और अपनी एक साल की बेटी शुभी का इकलौता सहारा था। उधर, दूसरा प्रदीप तीन भाइयों में बीच का था। उसकी मां कलावती और परिजन रो-रोकर बेहाल थे।
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बता दें कि असोथर थाने क्षेत्र के सुजानपुर गांव निवासी चंदन सिंह चौहान की फुफेरी बहन की शादी शुक्रवार रात कौशांबी जिले के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के हर्रायपुर गांव में थी। चंदन परिवार के ही प्रदीप सिंह चौहान के साथ बाइक से कौशांबी जा रहे थे।
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इन्हें कोखराज थाना क्षेत्र में रात को रोडवेज बस ने टक्कर मार दी थी। दोनों की मौत हो गई। शनिवार शाम दोनों के शव गांव लाए गए। चंदन के बड़े भाई की पंाच साल पहले मौत हो गई थी। वही परिवार का अकेला बचा था। उसने भाभी शिवानी से शादी कर ली थी। वह बड़े भाई से हुई दो बेटियां खुशी, कोमल और अपनी एक साल की बेटी शुभी का इकलौता सहारा था। उधर, दूसरा प्रदीप तीन भाइयों में बीच का था। उसकी मां कलावती और परिजन रो-रोकर बेहाल थे।
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