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छात्रा की मौत में पुलिस का दावा निकला झूठ
अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sun, 05 Feb 2017 12:18 AM IST
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प्रतीकात्मक
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छेड़खानी से तंग होकर जान गंवाने वाली छात्रा शालिनी की आत्महत्या के पीछे पुलिस का सीढ़ियों से गिरने का दावा झूठा निकला है। पीड़ित परिवार की सुनवाई न करने वाली पुलिस शनिवार को शालिनी के घर पहुंची और एफआईआर दर्ज कराने के लिए परिजनों को साथ ले गई है।
शहर की घनी आबादी के बीच बसे मोहल्ले के निवासी सरजू प्रसाद की बेटी बीए की छात्रा शालिनी (17) के साथ इलाके के ही आरोपी शोहदे ने सोमवार को घर में घुसकर छेड़खानी की थी। वारदात की शिकायत यूपी 100 में किए जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। सुलह के दबाव में छात्रा ने घर के तिमंजिले से गुरुवार की शाम कूदकर आत्महत्या कर ली थी। अस्मत से खिलवाड़ के मामले में हुई मौत किसी कत्ल से कम नहीं रही। इसके बाद भी पुलिस पूरे मामले को हल्के में लिए थी। छात्रा की मां की चीख पुलिस के कानों तक नहीं पहुंची।
पुलिस ने मामले को रफा दफा करने के लिए छात्रा की मौत को सीढ़ियों से गिरने का रूप देने की कोशिश की थी। मामले में चार फरवरी के अंक में ‘अमर उजाला’ ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उइाए थे। इसके बाद रेंज डीआईजी ने मामले को संज्ञान में लिया। उच्चाधिकारियों की फटकार से जिम्मेदारों के हाथ पांव फूल गए। पीड़ित के घर बाकरगंज चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार यादव दोपहर करीब दो बजे पहुंचे। वह अपने साथ छात्रा के पिता, मां व भाई को लेकर सीओ दफ्तर गए। सीओ ने पूरा प्रकरण सुनने के बाद तहरीर ली और कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने को भेजा। छात्रा की मां संध्या देवी ने अपनी बेटी की आत्महत्या नहीं, बल्कि कत्ल बताया है। बेटी की आत्महत्या का कातिल पप्पू चिकवा है। सीओ सिटी समरबहादुर ने बताया कि मां की तहरीर पर आरोपी पप्पू चिकवा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। पीड़ित परिवार से मिलने सदर विधायक विक्रम सिंह शनिवार को पहुंचे। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
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शहर की घनी आबादी के बीच बसे मोहल्ले के निवासी सरजू प्रसाद की बेटी बीए की छात्रा शालिनी (17) के साथ इलाके के ही आरोपी शोहदे ने सोमवार को घर में घुसकर छेड़खानी की थी। वारदात की शिकायत यूपी 100 में किए जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। सुलह के दबाव में छात्रा ने घर के तिमंजिले से गुरुवार की शाम कूदकर आत्महत्या कर ली थी। अस्मत से खिलवाड़ के मामले में हुई मौत किसी कत्ल से कम नहीं रही। इसके बाद भी पुलिस पूरे मामले को हल्के में लिए थी। छात्रा की मां की चीख पुलिस के कानों तक नहीं पहुंची।
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पुलिस ने मामले को रफा दफा करने के लिए छात्रा की मौत को सीढ़ियों से गिरने का रूप देने की कोशिश की थी। मामले में चार फरवरी के अंक में ‘अमर उजाला’ ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उइाए थे। इसके बाद रेंज डीआईजी ने मामले को संज्ञान में लिया। उच्चाधिकारियों की फटकार से जिम्मेदारों के हाथ पांव फूल गए। पीड़ित के घर बाकरगंज चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार यादव दोपहर करीब दो बजे पहुंचे। वह अपने साथ छात्रा के पिता, मां व भाई को लेकर सीओ दफ्तर गए। सीओ ने पूरा प्रकरण सुनने के बाद तहरीर ली और कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने को भेजा। छात्रा की मां संध्या देवी ने अपनी बेटी की आत्महत्या नहीं, बल्कि कत्ल बताया है। बेटी की आत्महत्या का कातिल पप्पू चिकवा है। सीओ सिटी समरबहादुर ने बताया कि मां की तहरीर पर आरोपी पप्पू चिकवा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। पीड़ित परिवार से मिलने सदर विधायक विक्रम सिंह शनिवार को पहुंचे। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
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