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पुलिस ने एक और आरोपी को दबोचा
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 27 Apr 2016 12:39 AM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी कुलदीप
- फोटो : अमर उजाला
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एटीएम कैश डिलीवरी कंपनी सीएमएस के पौने दो करोड़ रुपये सट्टा बाजार में चले गए हैं। पुलिस नामजद आरोपियों को एक-एक कर पकड़ तो रही है लेकिन एक भी रुपये बरामद नहीं कर पाई है। मंगलवार को घोटाला कांड का एक और आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा।
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बता दें कि सीएमएस कंपनी के मैनेजर राकेश मोहन तिवारी ने मलवां थाने में एटीएम में रुपया डालने वाले कंपनी के ही चार कर्मचारियों के खिलाफ एक करोड़ 63 लाख 98 हजार तीन सौ रुपये करीब 25 एटीएम से पार करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आरोप है कि कं पनी के कर्मचारियों को रुपये एटीएम में डालने के लिए दिए जाते थे लेकिन एटीएम में रुपये डालने के बाद उसे दोबारा निकाल लिया जाता था। इस तरह से कुछ ही महीनों में कंपनी का पौने दो करोड़ रुपया पार कर दिया गया।
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वारदात की छानबीन में मंगलवार को पुलिस ने दूसरे आरोपी बिंदकी कोतवाली के कृ ष्णागंज निवासी कालीचरन सिंह के बेटे कुलदीप सिंह को पकड़ने का दावा किया है। कुलदीप से भी रकम नहीं बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कबूल किया है कि एटीएम घोटाले का उसके पास करीब पचास लाख रुपया था।
वह सारे रुपये सट्टेबाजी में हार गया है। पुलिस ने उससे सट्टेबाजों के बारे में पूछा और मोबाइल नंबर मांगा। जिस पर उसने मोबाइल खो जाने की बात कही। सीओ सिटी समर बहादुर ने बताया कि आरोपी ने घोटाले की रकम को सट्टे में हारना बताया है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस के हत्थे कुलदीप एक पखवारे पहले ही चढ़ गया था।
पुलिस ने आरोपी को कं पनी के सुपुर्द कर दिया था। कंपनी कर्मचारियों से 90 लाख रुपये आरोपी ने अपने पास होने का दावा किया था। फिर पुलिस आरोपी को रुपयों की बरामदगी के लिए घर ले गई थी। आरोपी पुलिस को झांसा देकर घर के पीछे से भाग निकला था। अब दोबारा पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने का दावा किया है।
कंपनी के सामने रुपये कबूलने की बात और पुलिस कस्टडी में आरोपी के भाग जाने से खेल होने की बू आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस ने ही जानबूझ कर आरोपी को भगाने दिया। अब बाद में दोबारा सेटिंग के तहत गिरफ्तारी दिखाई और आरोपी के पास से फूटी कौड़ी भी बरामद नहीं कर सकी।
16 मार्च को कंपनी के जीएम ने मलवां थाने में जहानाबाद थानाक्षेत्र के लालूगंज निवासी अनूप तिवारी, लाठी मोहाल फतेहपुर निवासी विकास सिंह, बिंदकी कृष्णागंज निवासी कुलदीप सिंह और जहानपुर निवासी राम गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अनूप तिवारी को पुलिस ने करीब 20 दिन पहले गिरफ्तार किया था। उससे भी पुलिस कंपनी के रुपये नहीं बरामद कर सकी थी। अब मामले में दो आरोपी विकास और राम गुप्ता फरार हैं।