{"_id":"57bb4a694f1c1bf654d4ff86","slug":"minor-raped-seven-years-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग से दुष्कर्म में सात साल की कैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नाबालिग से दुष्कर्म में सात साल की कैद
अमर उजाला फतेहपुर
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाबालिग लड़की का अपहरण कर बलात्कार करने के आरोपी को अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 12 हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया है।
मामला छह जुलाई 2004 जाफरगंज थानाक्षेत्र का है। एक गांव की रहने वाली लड़की शाम को शौच के लिए खेत की ओर जा रही थी। गांव का ही रहने वाला संतोष उर्फ कल्लू पहले से उसकी घात लगाए बैठा था और जैसे ही लड़की खेत की तरफ पहुंची उसने उसे पकड़ लिया और गन्ने के खेत में तीन दिनों तक बलात्कार किया।
इसके बाद अभियुक्त ने लड़की को दिल्ली, गुजरात, नोएडा घुमाता रहा और सात महीने तक अपने पास रखा। उधर लड़की के पिता ने संतोष के खिलाफ थाने में अपहरण व बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया। सात महीने बाद जब कल्लू लड़की के साथ आया तो पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। एडीजे फास्ट संगीता शर्मा ने सोमवार को मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने अभियुक्त के खिलाफ दलीलें और सबूत पेश किए। इस पर कोर्ट ने संतोष उर्फ कल्लू को दोषी मानते हुए सात साल की कैद और 12 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
फतेहपुर अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने बताया घटना के बाद गांव में एक युवती की लाश मिली थी। पुलिस ने लड़की के पिता से शिनाख्त कराई तो पिता ने लड़की का शव होने की बात स्वीकार की थी। इस पर पुलिस ने अभियुक्त संतोष के खिलाफ हत्या की धारा 302 बढ़ा दी थी। हालांकि बाद में जब लड़की जिंदा बरामद हुई तो पुलिस ने विवेचना में हत्या की धारा हटाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला छह जुलाई 2004 जाफरगंज थानाक्षेत्र का है। एक गांव की रहने वाली लड़की शाम को शौच के लिए खेत की ओर जा रही थी। गांव का ही रहने वाला संतोष उर्फ कल्लू पहले से उसकी घात लगाए बैठा था और जैसे ही लड़की खेत की तरफ पहुंची उसने उसे पकड़ लिया और गन्ने के खेत में तीन दिनों तक बलात्कार किया।
इसके बाद अभियुक्त ने लड़की को दिल्ली, गुजरात, नोएडा घुमाता रहा और सात महीने तक अपने पास रखा। उधर लड़की के पिता ने संतोष के खिलाफ थाने में अपहरण व बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया। सात महीने बाद जब कल्लू लड़की के साथ आया तो पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। एडीजे फास्ट संगीता शर्मा ने सोमवार को मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने अभियुक्त के खिलाफ दलीलें और सबूत पेश किए। इस पर कोर्ट ने संतोष उर्फ कल्लू को दोषी मानते हुए सात साल की कैद और 12 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
फतेहपुर अधिवक्ता सहदेव गुप्ता ने बताया घटना के बाद गांव में एक युवती की लाश मिली थी। पुलिस ने लड़की के पिता से शिनाख्त कराई तो पिता ने लड़की का शव होने की बात स्वीकार की थी। इस पर पुलिस ने अभियुक्त संतोष के खिलाफ हत्या की धारा 302 बढ़ा दी थी। हालांकि बाद में जब लड़की जिंदा बरामद हुई तो पुलिस ने विवेचना में हत्या की धारा हटाई।
विज्ञापन