फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Injury to the body, how the heart attack death

जब हार्ट अटैक से मौत तो शरीर पर चोटें कैसी

Sat, 23 Apr 2016 12:27 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर Updated Sat, 23 Apr 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
Injury to the body, how the heart attack death
मृतक बंदी के गमगीन परिजन - फोटो : अमर उजाला

जिला कारागार में दो साल से निरुद्ध बंदी राकेश (37) की मौत से गुस्साए परिजनों ने शुक्रवार को जेल के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान कई बार उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। उनका कहना था कि गुरुवार को जेल प्रशासन ने हार्ट अटैक से मौत बताई थी लेकिन शुक्रवार को पंचनामे में उसके शरीर पर चोटों के निशान मिले। वे प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के समझाने पर पोस्टमार्टम को राजी हुए। तनाव को देखते हुए अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस-पीएसी मुस्तैद रही। उन्होंने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। एसपी ने उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

विज्ञापन


बंदी राकेश मलवां थाना क्षेत्र के नेवलापुर गांव निवासी रामदयाल का बेटा था। उस पर हुसैनगंज के एक गांव स्थित ससुराल में शराब के नशे में आठ साल से कम उम्र की दो बच्चियों से दुष्कर्म का आरोप लगा था। पुलिस ने उसे दो अप्रैल 2014 को गिरफ्तार किया था। तभी से वह जिला कारागार में बंद था।
विज्ञापन


गुरुवार को जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि बंदी ने दोपहर करीब 12 बजे सीने और पेट में दर्द की शिकायत की थी। उसका जिला कारागार के अस्पताल में इलाज कराया गया। रूटीन चेकअप के लिए जिला अस्पताल के चिकित्सक भी आए थे। बाद में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिजनों ने शुक्रवार को जेल के बाहर हंगामा किया। उनका कहना था कि नायब तहसीलदार ने शव का पंचनामा भरा तो बंदी की पीठ और हाथ की कुहनी में चोटों के निशान मिले हैं। इससे साफ है कि उसे पीटकर मारा गया है। हंगामे की सूचना पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और समझा बुझाकर उन्हें पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया। यहां डाक्टरों ने पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। वीडियोग्राफी भी हुई।


इस दौरान सड़क पर भाई मुकेश, पत्नी व बेटियां किरन व रोशनी रोते-बिलखते रहे। उन्होंने जेलर व जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाया। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी से भी मुलाकात की। एसपी ने उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हंगामे के दौरान एसडीएम विवेक श्रीवास्तव, सीओ सिटी समर बहादुर, कोतवाल आरके पांडेय व पीएसी जवान मौजूद रहे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को उसके गांव नेवलापुर कड़े सुरक्षा घेरे में पहुंचाया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed