प्रेमिका का खर्चा पूरा करने के लिए की तीन माह में दस बड़ी चोरी
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पूरे शहर की नांक में दम कर चुके दो शातिर चोर आखिरकार फतेहपुर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गए। दोनों को सर्विलांस सिस्टम के सहारे दबोचा गया है। ऐसा दावा है कि आरोपियों ने शहर के एक दर्जन से अधिक घरों का माल उड़ाया है। इन्होंने तीन माह में हुई करीब दस चोरियां कबूल की हैं। चोरी के जेवर ये बहुआ में पुलिस चौकी के पीछे एक सराफ को बेचते थे। पुलिस ने सराफ की तलाश में छापेमारी की लेकिन वह फरार हो चुका था।
आबूनगर चौकी इंचार्ज प्रभुनाथ यादव ने गुरुवार को जिला अस्पताल के पास से अरबपुर मोहल्ला निवासी सहाबुद्दीन उर्फ राजू और उसके साथी अकरम उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने आठ नवंबर की रात आबूनगर रेड्डया निवासी केके दीक्षित के घर से लाखों का माल और दो मोबाइल चुराया था। उन मोबाइल की सर्विलांस से पड़ताल हो रही थी। सटीक लोकेशन पर पुलिस ने धर दबोचा।
चोरी के दोनों मोबाइल बरामद कर लिए गए। चौकी इंचार्ज ने बताया कि इससे पहले तीन सितंबर को आरोपियों ने सादीपुर निवासी प्रखर पांडेय रेलवे कर्मी, साकेत नगर हरिहरगंज में अजय सिंह के घर में 11 सितंबर को, आबूनगर मोहल्ले के फिरोज खां के घर से दो सितंबर को, हरिहरगंज दुर्गा नगर निवासी विकास शुक्ला के घर से 13 अगस्त को चोरी समेत दस घटनाएं कबूल की हैं। कई घटनाओं को पुलिस ने भी दर्ज नहीं किया था।
आरोपी सहाबुद्दीन उर्फ राजू ने पुलिस को बताया कि उसकी प्रेमिका बहुआ कस्बे में रहती है। वह शहर में चोरियां करने के बाद बहुआ में अपनी प्रेमिका के घर साथी संग भाग जाता था। उसके खर्च को पूरा करने के लिए चोरियां करते थे। दो साल पहले भी चोरी के मामले में दोनों जेल जा चुके हैं। चोरी के जेवरात आधे दाम में ललौली थाने के सिधांव निवासी मोहनलाल सोनी को बेचते थे। उसकी सराफे की दुकान बहुआ चौकी के पीछे है। पुलिस ने सराफ को भी नामजद किया है। उसके घर में दो बार छापेमारी की लेकिन आरोपी चोरों के पकड़े जाने के बाद फरार हो गया।