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वाराणसी से अगवा दवा कारोबारी का बेटा मिला
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Fri, 11 Nov 2016 12:41 AM IST
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आबूनगर चौकी में बरामद बच्चे के साथ परिजन व पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी जिले के दवा कारोबारी का अगवा बेटा संकल्प (14) गुरुवार को शहर में हाईवे किनारे बेहोश हालत में बरामद हुआ। होश में आने पर उसने पुलिस को बताया कि उसे कार में अगवा किया गया था। इसके पीछे बच्चों की तस्करी करने वाले गैंग का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी और उनके आने पर संकल्प को उनके हवाले कर दिया।
संकल्प मिश्र उर्फ ओम वाराणसी जिले के भेलूपुर थाना क्षेत्र महमूरगंज बजराडीह निवासी देवेंद्र मिश्र का बेटा है। देवेंद्र दवा के थोक कारोबारी हैं। संकल्प कक्षा नौ का छात्र है। संकल्प ने बताया कि वह आठ नवंबर की शाम पड़ोस में रहने वाले दोस्त के पास किताब लेने जा रहा था। एक कार पास आकर रुकी। कार सवारों ने कालोनी में अजीब नाम बताकर पता पूछा फिर उसे कार में घसीटकर कुछ सुंघा दिया। बुधवार को होश आने पर वह एक ट्रक में था और उसमें तीन और बच्चे थे। सभी को रस्सियों से बांधकर बैठाया गया था। जो आदमी थे वे एक-दूसरे से बातचीत भी नहीं करने दे रहे थे। शोर मचाने की कोशिश पर उसे पानी पिलाने के बाद फिर कुछ नशीली चीज सुंघा दी गई। इसके बाद कुछ भी याद नहीं है। आबूनगर चौकी इंचार्ज प्रभुनाथ यादव ने बताया कि बच्चा लखनऊ बाईपास चौराहे के पास खेत में पड़ा था। मौके पर ही बच्चे को होश में लाया गया। उसने अपने नाम व पते की खबर दी। तब उसके घरवालों को सूचना दी गई। संकल्प के बयान से तो यही पता लगता है कि बच्चों को तस्करी के लिए लेकर किसी दूसरे प्रांत ले जा रहे थे। रुपयों के लिए अपहरण किया गया होता तो फिरौती की काल करते। उसको किन हालातों में छोड़कर भागे हैं इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। वाराणसी के भेलूपुर थानेदार को भी सूचना दी गई है।
फतेहपुर। अगवा संकल्प के मिलने की खबर के बाद उसके पिता देवेंद्र मिश्र, मां मनोरमा, देवेंद्र की मां सीता मिश्रा और भाइयों के साथ यहां आबूनगर पुलिस चौकी पहुंचे। सकुशल संकल्प को देखकर उन लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उसे लिपटाकर चूमने लगे। यही हाल संकल्प का भी था। देवेंद्र ने बताया कि बेटा ट्रैक सूट पहने था। उसके जैकेट गायब हैं। उसके पास विंडो मोबाइल फोन भी रहा है। उसका मोबाइल भी नहीं मिला।
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संकल्प मिश्र उर्फ ओम वाराणसी जिले के भेलूपुर थाना क्षेत्र महमूरगंज बजराडीह निवासी देवेंद्र मिश्र का बेटा है। देवेंद्र दवा के थोक कारोबारी हैं। संकल्प कक्षा नौ का छात्र है। संकल्प ने बताया कि वह आठ नवंबर की शाम पड़ोस में रहने वाले दोस्त के पास किताब लेने जा रहा था। एक कार पास आकर रुकी। कार सवारों ने कालोनी में अजीब नाम बताकर पता पूछा फिर उसे कार में घसीटकर कुछ सुंघा दिया। बुधवार को होश आने पर वह एक ट्रक में था और उसमें तीन और बच्चे थे। सभी को रस्सियों से बांधकर बैठाया गया था। जो आदमी थे वे एक-दूसरे से बातचीत भी नहीं करने दे रहे थे। शोर मचाने की कोशिश पर उसे पानी पिलाने के बाद फिर कुछ नशीली चीज सुंघा दी गई। इसके बाद कुछ भी याद नहीं है। आबूनगर चौकी इंचार्ज प्रभुनाथ यादव ने बताया कि बच्चा लखनऊ बाईपास चौराहे के पास खेत में पड़ा था। मौके पर ही बच्चे को होश में लाया गया। उसने अपने नाम व पते की खबर दी। तब उसके घरवालों को सूचना दी गई। संकल्प के बयान से तो यही पता लगता है कि बच्चों को तस्करी के लिए लेकर किसी दूसरे प्रांत ले जा रहे थे। रुपयों के लिए अपहरण किया गया होता तो फिरौती की काल करते। उसको किन हालातों में छोड़कर भागे हैं इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। वाराणसी के भेलूपुर थानेदार को भी सूचना दी गई है।
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फतेहपुर। अगवा संकल्प के मिलने की खबर के बाद उसके पिता देवेंद्र मिश्र, मां मनोरमा, देवेंद्र की मां सीता मिश्रा और भाइयों के साथ यहां आबूनगर पुलिस चौकी पहुंचे। सकुशल संकल्प को देखकर उन लोगों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उसे लिपटाकर चूमने लगे। यही हाल संकल्प का भी था। देवेंद्र ने बताया कि बेटा ट्रैक सूट पहने था। उसके जैकेट गायब हैं। उसके पास विंडो मोबाइल फोन भी रहा है। उसका मोबाइल भी नहीं मिला।
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