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हत्यारों को आजीवन कारावास
Updated Thu, 18 Jan 2018 12:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। अवैध संबंध में युवक की हत्या के मामले में बुधवार को कोर्ट ने एक महिला और युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों के खिलाफ 30-30 हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया है।
घटना आठ सितंबर 2009 को असोथर थाना क्षेत्र के कैथन पुरवा मजरे सुसवन बुजुर्ग गांव की है। गांव के ही रहने वाले 22 वर्षीय सर्वेश पाल की लाश नीम के पेड़ में लटकी मिली थी। मृतक के भाई अवधेश पाल ने चुनावी रंजिश में गांव के ही रामप्रताप, धर्मराज, महादेव पाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
एसआई जयप्रकाश यादव को विवेचना में नामजद आरोपियों को गलत फंसाने की जानकारी मिली। पुलिस ने गवाहों की मदद से नए आरोपी सुरेश पाल और सुनीता रैदास को मुल्जिम बनाया। कोर्ट में बहस के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता जयपाल वर्मा और सैय्यद आसिफ मकसूद ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक युवक की गला दबाकर हत्या की गई थी और बाद शव को नीम के पेड़ में टांग कर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
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कोर्ट में बताया कि सुरेश और सुनीता के बीच नाजायज संबंध थे। 45 वर्षीय सुनीता शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। घटना के दिन सर्वेश भी सुनीता के घर पहुंच गया था। इस पर सुरेश और सुनीता ने मिलकर सर्वेश की हत्या कर दी। अदालत ने मुल्जिमों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, धर्मराज व महादेव को बरी कर दिया गया। हालांकि विवेचना के दौरान राम प्रताप की मौत हो गई थी।
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फतेहपुर। अवैध संबंध में युवक की हत्या के मामले में बुधवार को कोर्ट ने एक महिला और युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों के खिलाफ 30-30 हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया है।
घटना आठ सितंबर 2009 को असोथर थाना क्षेत्र के कैथन पुरवा मजरे सुसवन बुजुर्ग गांव की है। गांव के ही रहने वाले 22 वर्षीय सर्वेश पाल की लाश नीम के पेड़ में लटकी मिली थी। मृतक के भाई अवधेश पाल ने चुनावी रंजिश में गांव के ही रामप्रताप, धर्मराज, महादेव पाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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एसआई जयप्रकाश यादव को विवेचना में नामजद आरोपियों को गलत फंसाने की जानकारी मिली। पुलिस ने गवाहों की मदद से नए आरोपी सुरेश पाल और सुनीता रैदास को मुल्जिम बनाया। कोर्ट में बहस के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता जयपाल वर्मा और सैय्यद आसिफ मकसूद ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक युवक की गला दबाकर हत्या की गई थी और बाद शव को नीम के पेड़ में टांग कर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
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कोर्ट में बताया कि सुरेश और सुनीता के बीच नाजायज संबंध थे। 45 वर्षीय सुनीता शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। घटना के दिन सर्वेश भी सुनीता के घर पहुंच गया था। इस पर सुरेश और सुनीता ने मिलकर सर्वेश की हत्या कर दी। अदालत ने मुल्जिमों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, धर्मराज व महादेव को बरी कर दिया गया। हालांकि विवेचना के दौरान राम प्रताप की मौत हो गई थी।