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कन्नौज एडीओ व पूर्व प्रधान से 36 लाख की रिकवरी का आदेश
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:41 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। निर्माण कार्य में धांधली बरतने पर डीएम ने एक पूर्व प्रधान, तत्कालीन पंचायत सचिव (सहायक विकास अधिकारी कन्नौज) से रिकवरी का आदेश दिया है। इन पर नाली, खड़ंजा और कच्ची पुराई में फर्जी तरीके से 36 लाख 86 हजार 157 रुपये की धांधली उजागर हुई है। मलवां के पूर्व ब्लाक प्रमुख जितेंद्र सिंह गौतम ने इसकी शिकायत की थी।
पूर्व ब्लाक प्रमुख ने 29 जून 2016 को मौहार के पूर्व प्रधान सिद्धनाथ सिंह व तत्कालीन पंचायत सचिव प्रमोद सोनकर की शिकायत डीएम से की थी। पूर्व ब्लाक प्रमुख ने आरोप लगाया था कि वित्तीय वर्ष 2012-13, 2013-14 और 2014-15 में तत्कालीन प्रधान ने फर्जी तरीके से नाली, खड़ंजा और कच्ची पुराई के नाम पर सरकारी धनराशि का बंदरबांट किया है। तब तत्कालीन डीडीओ मिथलेश सचान, अधिशासी अभियंता आरईएस एफ खान और तत्कालीन सहायक डीपीआरओ नीलेंद्र सिंह ने 10 बिंदुओं पर जांच की थी। इसमें जीटी रोड से काकड़ाबाद तक खड़ंजा निर्माण, प्राथमिक पाठशाला से रामप्रसाद के घर तक खड़ंजा, रामरतन के घर से पुरानी जीटी रोड तक नाली खड़ंजा, जीटी रोड से खुड्डा बाबा के घर तक खड़ंजा और मदोकीपुर सरहद से तालाब तक मिट्टी की पुराई का फर्जी भुगतान सामने आया।
डीपीआरओ अजय आनंद सरोज ने बताया कि डीएम के निर्देश पर अब रिकवरी कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूर्व प्रधान और तत्कालीन पंचायत सचिव से बराबर-बराबर धनराशि वसूली जाएगी।
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फतेहपुर। निर्माण कार्य में धांधली बरतने पर डीएम ने एक पूर्व प्रधान, तत्कालीन पंचायत सचिव (सहायक विकास अधिकारी कन्नौज) से रिकवरी का आदेश दिया है। इन पर नाली, खड़ंजा और कच्ची पुराई में फर्जी तरीके से 36 लाख 86 हजार 157 रुपये की धांधली उजागर हुई है। मलवां के पूर्व ब्लाक प्रमुख जितेंद्र सिंह गौतम ने इसकी शिकायत की थी।
पूर्व ब्लाक प्रमुख ने 29 जून 2016 को मौहार के पूर्व प्रधान सिद्धनाथ सिंह व तत्कालीन पंचायत सचिव प्रमोद सोनकर की शिकायत डीएम से की थी। पूर्व ब्लाक प्रमुख ने आरोप लगाया था कि वित्तीय वर्ष 2012-13, 2013-14 और 2014-15 में तत्कालीन प्रधान ने फर्जी तरीके से नाली, खड़ंजा और कच्ची पुराई के नाम पर सरकारी धनराशि का बंदरबांट किया है। तब तत्कालीन डीडीओ मिथलेश सचान, अधिशासी अभियंता आरईएस एफ खान और तत्कालीन सहायक डीपीआरओ नीलेंद्र सिंह ने 10 बिंदुओं पर जांच की थी। इसमें जीटी रोड से काकड़ाबाद तक खड़ंजा निर्माण, प्राथमिक पाठशाला से रामप्रसाद के घर तक खड़ंजा, रामरतन के घर से पुरानी जीटी रोड तक नाली खड़ंजा, जीटी रोड से खुड्डा बाबा के घर तक खड़ंजा और मदोकीपुर सरहद से तालाब तक मिट्टी की पुराई का फर्जी भुगतान सामने आया।
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डीपीआरओ अजय आनंद सरोज ने बताया कि डीएम के निर्देश पर अब रिकवरी कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूर्व प्रधान और तत्कालीन पंचायत सचिव से बराबर-बराबर धनराशि वसूली जाएगी।
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