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हत्या में दो आरोपियों को आजीवन कारावास
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:26 AM IST
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फतेहपुर। प्रेमिका से नजदीकी होने के शक में युवक की हत्या कर देने वाले शख्स और उसके एक दोस्त को अदालत ने दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। प्रकरण न्यायालय में 11 साल से विचाराधीन था। दोनों को कारावास के साथ ही 27-27 हजार रुपये अर्थदंड भी किया गया है।
घटना 28 दिसंबर 2007 की है। अधिवक्ता के मुताबिक शहर के पीरनपुर निवासी छोटू उर्फ लाला का एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसी युवती के घर पर युसूफजई के सबलू का भी आना जाना था। प्रेमिका से सबलू की नजदीकी छोटू को रास नहीं आ रही थी। लिहाजा उसने सातों धरमपुर के अपने साथी सुधीर उर्फ मुन्नू सिंह के साथ
मिलकर सबलू की हत्या करने का प्लान बनाया। छोटू ने सबलू को शहर के जी.टी. रोड से बहाना बनाकर अपने साथ चलने को कहा और बाद में सुधीर के साथ मिलकर रस्सी से सबलू की गला घोंट कर हत्या कर दी थी। सबलू का शव सातों धरमपुर गांव के गजोधर पंडित के बाग में बरामद हुआ था। सबलू के पिता रहमत अली की तहरीर पर
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पुलिस ने एफआईआर लिखी थी। पुलिस ने सात जनवरी 2008 को छोटू उर्फ लाला एवं सुधीर उर्फ मुन्नू सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। मामला अपर जिला जज कोर्ट नंबर छह में विचाराधीन था। सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवनीत गिरी ने की। इस मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव और वादी के
अधिवक्ता सूर्यबली निषाद ने अदालत के समक्ष आठ गवाह और कई साक्ष्य पेश किए। जिन पर विचार करते हुए अपर जिला जज नवनीत गिरी ने छोटू और सुधीर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों को कारावास के साथ ही 27-27 हजार रुपये अर्थदंड भी किया गया है।
हत्या में दो मुजरिमों को उम्रकैद
प्रेमिका से नजदीकी नहीं आई रास तो साथी के साथ मिलकर युवक की कर दी थी हत्या
मामला न्यायालय में 11 साल से विचाराधीन था, दोनों पर 27-27 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
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घटना 28 दिसंबर 2007 की है। अधिवक्ता के मुताबिक शहर के पीरनपुर निवासी छोटू उर्फ लाला का एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसी युवती के घर पर युसूफजई के सबलू का भी आना जाना था। प्रेमिका से सबलू की नजदीकी छोटू को रास नहीं आ रही थी। लिहाजा उसने सातों धरमपुर के अपने साथी सुधीर उर्फ मुन्नू सिंह के साथ
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मिलकर सबलू की हत्या करने का प्लान बनाया। छोटू ने सबलू को शहर के जी.टी. रोड से बहाना बनाकर अपने साथ चलने को कहा और बाद में सुधीर के साथ मिलकर रस्सी से सबलू की गला घोंट कर हत्या कर दी थी। सबलू का शव सातों धरमपुर गांव के गजोधर पंडित के बाग में बरामद हुआ था। सबलू के पिता रहमत अली की तहरीर पर
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पुलिस ने एफआईआर लिखी थी। पुलिस ने सात जनवरी 2008 को छोटू उर्फ लाला एवं सुधीर उर्फ मुन्नू सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। मामला अपर जिला जज कोर्ट नंबर छह में विचाराधीन था। सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवनीत गिरी ने की। इस मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव और वादी के
अधिवक्ता सूर्यबली निषाद ने अदालत के समक्ष आठ गवाह और कई साक्ष्य पेश किए। जिन पर विचार करते हुए अपर जिला जज नवनीत गिरी ने छोटू और सुधीर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों को कारावास के साथ ही 27-27 हजार रुपये अर्थदंड भी किया गया है।
हत्या में दो मुजरिमों को उम्रकैद
प्रेमिका से नजदीकी नहीं आई रास तो साथी के साथ मिलकर युवक की कर दी थी हत्या
मामला न्यायालय में 11 साल से विचाराधीन था, दोनों पर 27-27 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो