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अगवा मूर्तिकार की हत्या, जंगल में मिला शव
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जाफरगंज(फतेहपुर)। मूर्ति की आंख ठीक कराने के बहाने दो दिन पहले कार से अगवा किए गए मूर्तिकार का शव मंगलवार रात जंगल से बरामद हुआ। परिवार हत्या का शक जता रहा है। पुलिस ने पूछताछ के लिए एक संदिग्ध शख्स को उठाया। पुलिस ने मंगलवार को ही दोपहर के समय उसके अपहरण की एफआईआर दर्ज की थी।
जाफरगंज थाने के कोटिला निवासी चौधरी प्रजापति का बेटा राकेश(20) की गहरूखेड़ा मंदिर के पास मूर्ति बनाने की दुकान है। उसे रविवार की दोपहर गहरूखेड़ा में दो लोग पत्थर की मूर्ति पेटिंग करने को दे गए थे। मूर्तिकार से मंदिर में स्थापित एक मूर्ति में आंख लगाने के लिए शाम को उन्हीं लोगों ने संपर्क किया। राकेश पेंटिंग की गई मूर्ति को डाडा अमौली गांव अपने ससुराल गोरेलाल के घर शाम को लेकर चला गया था। रविवार की शाम कार सवार दो लोग मूर्तिकार के मोबाइल में फोन कर उसके ससुराल पहुंच गए। कार सवारों ने बिंदकी मंडरांव का रहने वाला बताया। मूर्तिकार को लेकर स्थापित मूर्ति की आंख ठीक कराने के बहाने उसे साथ ले गए। ससुरालीजनों ने कुछ देर बाद घर में राकेश का मोबाइल छूटा देखा। उसमें फोन आने वाले नंबर में संपर्क किया। वह नंबर स्विच ऑफ बताने लगा। ससुर गोरेलाल ने बताया कि वह मंडराव गांव छानबीन को पहुंचे। वहां दामाद का पता नहीं लगा। वह अपने घर भी नहीं पहुंचा था। पुलिस ने जोनिहा में मूर्तिकार से जुड़े एक दुकानदार को उठाया। राकेश कई साल पहले उसी दुकान में काम करता था। पुलिस ने व्यावसायिक खुन्नस मानकर दुकानदार से पूछताछ की। हालांकि उससे कोई खुलासा नहीं हो सका। पुलिस को खोजबीन के दौरान ग्रामीणों ने रात को लालपुर दरौटा के पास शव मिलने की खबर दी। पुलिस मौके पर पहुंची। शव पुराना होने के कारण दुर्गंध फैल गई थी। ससुर ने दामाद की हत्या का आरोप लगाया। थानेदार एमपी सिंह ने बताया कि मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज है। अब शव मिलने के बाद नये सिरे से छानबीन की जा रही है। मोबाइल सर्विलांस में लगाकर जांच शुरू की।
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जाफरगंज थाने के कोटिला निवासी चौधरी प्रजापति का बेटा राकेश(20) की गहरूखेड़ा मंदिर के पास मूर्ति बनाने की दुकान है। उसे रविवार की दोपहर गहरूखेड़ा में दो लोग पत्थर की मूर्ति पेटिंग करने को दे गए थे। मूर्तिकार से मंदिर में स्थापित एक मूर्ति में आंख लगाने के लिए शाम को उन्हीं लोगों ने संपर्क किया। राकेश पेंटिंग की गई मूर्ति को डाडा अमौली गांव अपने ससुराल गोरेलाल के घर शाम को लेकर चला गया था। रविवार की शाम कार सवार दो लोग मूर्तिकार के मोबाइल में फोन कर उसके ससुराल पहुंच गए। कार सवारों ने बिंदकी मंडरांव का रहने वाला बताया। मूर्तिकार को लेकर स्थापित मूर्ति की आंख ठीक कराने के बहाने उसे साथ ले गए। ससुरालीजनों ने कुछ देर बाद घर में राकेश का मोबाइल छूटा देखा। उसमें फोन आने वाले नंबर में संपर्क किया। वह नंबर स्विच ऑफ बताने लगा। ससुर गोरेलाल ने बताया कि वह मंडराव गांव छानबीन को पहुंचे। वहां दामाद का पता नहीं लगा। वह अपने घर भी नहीं पहुंचा था। पुलिस ने जोनिहा में मूर्तिकार से जुड़े एक दुकानदार को उठाया। राकेश कई साल पहले उसी दुकान में काम करता था। पुलिस ने व्यावसायिक खुन्नस मानकर दुकानदार से पूछताछ की। हालांकि उससे कोई खुलासा नहीं हो सका। पुलिस को खोजबीन के दौरान ग्रामीणों ने रात को लालपुर दरौटा के पास शव मिलने की खबर दी। पुलिस मौके पर पहुंची। शव पुराना होने के कारण दुर्गंध फैल गई थी। ससुर ने दामाद की हत्या का आरोप लगाया। थानेदार एमपी सिंह ने बताया कि मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज है। अब शव मिलने के बाद नये सिरे से छानबीन की जा रही है। मोबाइल सर्विलांस में लगाकर जांच शुरू की।
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