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रिटायर्ड सिंचाई कर्मी ने ट्रेन से कटकर दी जान
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:43 PM IST
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रिटायर्ड सिंचाई कर्मी ने ट्रेन से कटकर दी जान
फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार की रात रिटायर्ड सिंचाई कर्मी महादेव प्रसाद ने महाबोधि एक्सप्रेस से कटकर जान दे दी। यह शुगर व पथरी की बीमारी से परेशान थे। ट्रैक के बाहर गिरे मोबाइल से पुलिस ने शिनाख्त की।
महादेव प्रसाद(66) शहर के आनंदपुरम कालोनी निवासी थे। यह रात को अचानक घर से निकल गए थे। पैदल दुर्गा नगर इलाके में रेलवे लाइन के पास पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अपलाइन पर महाबोधि एक्सप्रेस आती देख सामने खड़े हो गए। ट्रेन के चालक ने हार्न बजाया लेकिन यह नहीं हटे। इन्होंने ट्रेन से कटकर जान दे दी। चालक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
चौकी इंचार्ज कैलाश नाथ ने बताया कि महादेव का मोबाइल ट्रैक के किनारे पड़ा था। घंटी बज रही थी। मोबाइल उठाने पर इनके बेटे राजू से बातचीत हुई। कुछ देर बाद ही बेटा मौके पर आ गया। राजू ने पुलिस को बताया कि पिता का लंबे समय से इलाज चल रहा था। वह कुछ दिनों से बेचैन रहते थे। लगता है कि इसी वजह से ट्रेन से कटकर जान दे दी है।
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रात में निकलते समय उन लोगों ने सोचा था कि घूम फिरकर लौट आएंगे। देर रात तक न आने पर खोजबीन कर रहे थे कि तभी पुलिस का फोन आ गया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि ट्रेन चालक ने कई बार हार्न बजाया था। यह ट्रैक से नहीं हटे थे।
- शुगर व पथरी की बीमारी से थे परेशान
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फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार की रात रिटायर्ड सिंचाई कर्मी महादेव प्रसाद ने महाबोधि एक्सप्रेस से कटकर जान दे दी। यह शुगर व पथरी की बीमारी से परेशान थे। ट्रैक के बाहर गिरे मोबाइल से पुलिस ने शिनाख्त की।
महादेव प्रसाद(66) शहर के आनंदपुरम कालोनी निवासी थे। यह रात को अचानक घर से निकल गए थे। पैदल दुर्गा नगर इलाके में रेलवे लाइन के पास पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अपलाइन पर महाबोधि एक्सप्रेस आती देख सामने खड़े हो गए। ट्रेन के चालक ने हार्न बजाया लेकिन यह नहीं हटे। इन्होंने ट्रेन से कटकर जान दे दी। चालक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
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चौकी इंचार्ज कैलाश नाथ ने बताया कि महादेव का मोबाइल ट्रैक के किनारे पड़ा था। घंटी बज रही थी। मोबाइल उठाने पर इनके बेटे राजू से बातचीत हुई। कुछ देर बाद ही बेटा मौके पर आ गया। राजू ने पुलिस को बताया कि पिता का लंबे समय से इलाज चल रहा था। वह कुछ दिनों से बेचैन रहते थे। लगता है कि इसी वजह से ट्रेन से कटकर जान दे दी है।
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रात में निकलते समय उन लोगों ने सोचा था कि घूम फिरकर लौट आएंगे। देर रात तक न आने पर खोजबीन कर रहे थे कि तभी पुलिस का फोन आ गया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि ट्रेन चालक ने कई बार हार्न बजाया था। यह ट्रैक से नहीं हटे थे।
- शुगर व पथरी की बीमारी से थे परेशान