{"_id":"609594cb8ebc3e8dc0716408","slug":"crime-murder-police-fatehpur-news-knp6272682165","type":"story","status":"publish","title_hn":"गला कसकर की गई थी चक्की मालिक की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गला कसकर की गई थी चक्की मालिक की हत्या
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फतेहपुर। बकन्धा गांव में रामकिशुन के खेत में मिले सुघर सिंह के शव के मामले में पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि उसकी हत्या गला कसकर की गई है। हत्या की पुष्टि होते ही पुलिस ने परिजनों को बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है। बेटे की तरफ से दी गई सूचना को हत्या में बदलने से पहले पुलिस कुछ बिंदुओं पर रुकी हुई है।
कोतवाली क्षेत्र के बकन्धा गांव निवासी सुघर सिंह (59) अपने बेटों से अलग रहता था और आटा-चक्की चलाता था। गुरुवार की सुबह वह शौच के लिए निकला था लेकिन लौटा नहीं। गांव के लोग जब खेतों की ओर गए तो रामकिशुन के खेत में सुघर सिंह का शव पड़ा था। इस खबर पर उनका पुत्र दीपू यादव वहां पहुंचा और पुलिस बुलाई। सुघर सिंह के गले में निशान मिले थे। पुलिस को प्रबल संभावना थी कि यह हत्या का मामला है।
दीपू यादव की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। गुरुवार की रात पोस्टमार्टम कोतवाली पहुंची तो स्पष्ट हुआ कि सुघर सिंह की हत्या रस्सी या किसी चीज से कसकर की गई थी। इसके कारण गले पर निशान मिले थे। बेटे दीपू की ओर दुश्मनी की बात नहीं बताई गई थी। ऐसे में पुलिस की निगाह सबसे पहले परिजन व करीबियों पर टिकी है। इंस्पेक्टर कोतवाली सत्येंद्र सिंह ने बताया कि हत्या की पुष्टि हो गई है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है। सुघर सिंह ने अपनी जमीन बेची थी और उसके पास रुपया भी था। बेटे ने जो सूचना दी थी तो उसे हत्या में बदलने से पहले कुछ बिंदुओं पर जांच हो रही है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
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कोतवाली क्षेत्र के बकन्धा गांव निवासी सुघर सिंह (59) अपने बेटों से अलग रहता था और आटा-चक्की चलाता था। गुरुवार की सुबह वह शौच के लिए निकला था लेकिन लौटा नहीं। गांव के लोग जब खेतों की ओर गए तो रामकिशुन के खेत में सुघर सिंह का शव पड़ा था। इस खबर पर उनका पुत्र दीपू यादव वहां पहुंचा और पुलिस बुलाई। सुघर सिंह के गले में निशान मिले थे। पुलिस को प्रबल संभावना थी कि यह हत्या का मामला है।
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दीपू यादव की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। गुरुवार की रात पोस्टमार्टम कोतवाली पहुंची तो स्पष्ट हुआ कि सुघर सिंह की हत्या रस्सी या किसी चीज से कसकर की गई थी। इसके कारण गले पर निशान मिले थे। बेटे दीपू की ओर दुश्मनी की बात नहीं बताई गई थी। ऐसे में पुलिस की निगाह सबसे पहले परिजन व करीबियों पर टिकी है। इंस्पेक्टर कोतवाली सत्येंद्र सिंह ने बताया कि हत्या की पुष्टि हो गई है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है। सुघर सिंह ने अपनी जमीन बेची थी और उसके पास रुपया भी था। बेटे ने जो सूचना दी थी तो उसे हत्या में बदलने से पहले कुछ बिंदुओं पर जांच हो रही है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।
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