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घटना से अब तक स्विच आफ है अनुज का नम्बर

Sat, 19 Jun 2021 12:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 12:17 AM IST
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फतेहपुर। श्रद्धा कंस्ट्रक्शन के मालिक मनीष तिवारी हत्याकांड में उनके पिता उमाशंकर ने पुलिस को अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। उन्होंने अपने पूरे बयान में मनीष के साले अनुज शुक्ला व उसके दोस्त गौरव अग्निहोत्री पर इस घटना के खुलासे का जिम्मा रखा है, क्योंकि दोनों घटना के दिन मनीष तिवारी के साथ थे।
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बयान दर्ज होते ही पुलिस ने अनुज व गौरव से संपर्क शुरू कर दिया है। हालांकि अनुज शुक्ला का मोबाइल घटना के बाद से बंद चल रहा है। जबकि गौरव अपने गांव घाटमपुर में होने की बात कह रहा है।
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बता दें कि खागा कोतवाली के ब्राम्हणपुर निवासी ठेकेदार मनीष तिवारी तीन जून की रात करीब एक बजे पत्थरकटा चौराहे पर खून से लथपथ पुलिस को मिले थे। उनके साथ उनका साला अनुज शुक्ला निवासी गदाई मोहल्ला खागा था। मनीष तिवारी को घटना की रात ही कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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जहां 11 जून की रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने दर्ज मुकदमे को गैर इरादतन हत्या की धाराओं में तरमीम किया है। मनीष तिवारी के पिता उमाशंकर तिवारी ने गुरुवार को अपने बयान भी विवेचक को दर्ज कराए हैं।
बयान में नाम तो नहीं लिया लेकिन शंका जरूर
उमाशंकर तिवारी ने अपने बयान में मनीष की मौत का जिम्मेदार सीधे-सीधे किसी को नहीं बताया है लेकिन उनके बयान की हर लाइन में मनीष का साला अनुज शुक्ला व गौरव अग्निहोत्री का नाम आया है। ऐसे में पुलिस के सामने अब केवल अनुज शुक्ला व गौरव अग्निहोत्री से पूछताछ का विकल्प बचता है, जो अब तक पुलिस ने किया है।
मनीष को भर्ती न कराने को लेकर हुई थी बहस
उमाशंकर तिवारी द्वारा दर्ज कराए गए बयान में घटना की रात हुई गतिविधियों व बातचीत को भी लिखा गया है। सूत्रों की मानें तो बयान में जब मनीष तिवारी खून से लथपथ पड़े थे तो उनके पास उनका साला अनुज शुक्ला मौजूद था। जबकि गौरव अग्निहोत्री वहां से जा चुका था। कुछ ही देर में मनीष की पत्नी वहां पहुंचती है और मनीष की हालत को लेकर अनुज से कहासुनी होती है। पिता के अनुसार, जब बहू, अपने भाई अनुज से यह कहती है कि अभी तक उसने जीजा को अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया, तो वहां अनुज की जबान से जीजा के लिए अपशब्द निकलते हैं। इस बात को लेकर भाई व बहन में कहासुनी और तेज होती है और इसके बाद वहां पुलिस आती है और मनीष को अस्पताल पहुंचाया जाता है।

अनुज शुक्ला से संपर्क नहीं
विवेचक संदीप तिवारी ने बताया कि अनुज शुक्ला का नंबर घटना के दिन से ही बंद चल रहा है। इसलिए संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों के जरिए उन्हें बुलाया गया है। गौरव से बातचीत हो रही है और उन्हें भी बुलाया गया है। अगर दोनों खुद बयान देने नहीं आते हैं तो पुलिस, अगले कदम के लिए आगे बढ़ेगी। फिलहाल अगर दोनों का घटना में कोई हाथ नहीं है तो उन्हें खुद ही बयान के लिए आना चाहिए।
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