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सरकारी जमीन हड़पने के लिए फर्जीवाड़ा
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आईटीआई रोड स्थित युसुफ क्लब। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। सरकारी जमीन हड़पने के लिए पुराने अभिलेखों में फर्जीवाड़ा किया गया था। जांच में पोल खुलने पर जमीन सरकार के नाम दर्ज कर डीएम अपूर्वा दुबे ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। विवेचना के दौरान जालसाज बेनकाब होंगे। डीएम का कहना है कि फर्जीवाड़ा कई दशकों पहले किया गया है। इसलिए फिलहाल अज्ञात में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। विवेचना में जालसाजों के बारे में पता चलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आईटीआई रोड की सबसे बेहतरीन और कीमती जगह के अभिलेखों में चढ़े यूसुफ क्लब के नाम को बेदखल करने का आदेश होते ही शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ जगहों पर चर्चा है कि सत्ता के इशारे पर यह काम किया गया है तो कुछ को लगता है कि सत्ता पक्ष के अंदर की गुटबाजी का प्रशासन फायदा उठा रहा है। मंगलवार को हुए आदेश से पहले भी 19 अप्रैल को डीएम ने अपने आवास के पीछे 90 करोड़ कीमत की 16 बीघा से अधिक जमीन से भी यूसुफ क्लब का नाम बेदखल किया था। इसके बाद से यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है। शहर की इन दोनों ही संपत्तियों पर कई लोगों की निगाहें टिकी हुई थीं। अब कागजी तौर पर दोनों संपत्तियां सरकार के नाम दाखिल कर दिए जाने से शातिरों को बड़ा झटका लगा है।
दोनो जमीनों को सरकार के नाम कर दिया गया है। यह पूरा खेल किसकी शह पर हुआ और कौन लोग शामिल थे, इसका पता लगाया जा रहा है। प्रथम दृृष्टया इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। प्रयास है कि इन संपत्तियों का प्रयोग जनपद के हित में किया जाए।
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- अपूर्वा दुबे, जिलाधिकारी।
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आईटीआई रोड की सबसे बेहतरीन और कीमती जगह के अभिलेखों में चढ़े यूसुफ क्लब के नाम को बेदखल करने का आदेश होते ही शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ जगहों पर चर्चा है कि सत्ता के इशारे पर यह काम किया गया है तो कुछ को लगता है कि सत्ता पक्ष के अंदर की गुटबाजी का प्रशासन फायदा उठा रहा है। मंगलवार को हुए आदेश से पहले भी 19 अप्रैल को डीएम ने अपने आवास के पीछे 90 करोड़ कीमत की 16 बीघा से अधिक जमीन से भी यूसुफ क्लब का नाम बेदखल किया था। इसके बाद से यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है। शहर की इन दोनों ही संपत्तियों पर कई लोगों की निगाहें टिकी हुई थीं। अब कागजी तौर पर दोनों संपत्तियां सरकार के नाम दाखिल कर दिए जाने से शातिरों को बड़ा झटका लगा है।
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दोनो जमीनों को सरकार के नाम कर दिया गया है। यह पूरा खेल किसकी शह पर हुआ और कौन लोग शामिल थे, इसका पता लगाया जा रहा है। प्रथम दृृष्टया इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। प्रयास है कि इन संपत्तियों का प्रयोग जनपद के हित में किया जाए।
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- अपूर्वा दुबे, जिलाधिकारी।