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दूध के 15 नमूनों में मिला पानी, मुकदमा चलेगा
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फतेहपुर। जिले में दूध का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। विक्रेता दूध में जमकर पानी मिला रहे हैं। खाद्य प्रशासन विभाग की ओर से लिए गए नमूने और जांच रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती हैं। पिछले साल अक्तूबर से फरवरी तक में विभाग ने 21 दूध के नमूना जांच को भेजे थे। जिसमें 17 की रिपोर्ट आई है। इसमें 15 नमूने फेल हो चुके हैं। सिर्फ दो नमूना ही सही पाए गए हैं। फेल हुए नमूनों की जांच में पानी मिलाए जाने की पुष्टि हुई है। विभाग अब इनके खिलाफ मुकदमा चलाएगा।
शहर में जगह-जगह पर दूध का कारोबार हो रहा है। दूधियों से दूध खरीद कर फुटकर बिक्री की जाती है। पैकेट वाले दूध की तुलना में इन दुकानों का फुटकर दूध सस्ता पड़ता है। इस कारण लोग खूब खरीदारी भी करते हैं। मगर, ग्राहकों को यह नहीं पता होता है कि सस्ते के चक्कर में वह मिलावट वाला दूध खरीद रहे हैं। दूधिया और फुटकर दुकानदार फैट निकाल कर और पानी मिलाकर दूध की बिक्री कर रहे हैं। इस वजह से दूूूध में सेहत सुुधारने से जुड़े जरूरी तत्व जैसे कैल्शियम, मिनरल, कैलोरी की मात्रा कम हो जाती है। इस दूूध को पीने से सेहत नहीं बनती है। उल्टा स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। क्रीम निकाल कर दूध बेचना गैर कानूनी भी है। कुछ कंपनियां भी टोंड दूध बेचती हैं, लेकिन वह बाकायदा पैकिंग पर लिखती हैं। वहीं अब होली के त्योहार को लेकर मिलावटखोर बड़े पैमाने पर नकली दूध बाजार में खपाने की तैयारी में हैं।
दूूध का मानक:
- गाय के 100 मिलीलीटर दूध में 3.5 फीसदी फैट, 8.5 फीसदी पाउडर होना चाहिए।
- भैंस के 100 मिलीलीटर दूध में 6 फीसदी फैट, 9 फीसदी पाउडर होना चाहिए।
- मिक्स 100 मिलीलीटर दूध में 4.5 प्रतिशत फैट, 8.5 फीसदी पाउडर होना चाहिए।
मिलावटखोरी को रोकने के लिए लगातार छापा मारा जा रही है। दूध की जांच रिपोर्ट में 15 नमूने अधोमानक पाए गए है। इसके लिए खाद्य विभाग के कोर्ट में मुकदमा चलाएगा। - डीपी सिंह, अभिहित अधिकारी
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शहर में जगह-जगह पर दूध का कारोबार हो रहा है। दूधियों से दूध खरीद कर फुटकर बिक्री की जाती है। पैकेट वाले दूध की तुलना में इन दुकानों का फुटकर दूध सस्ता पड़ता है। इस कारण लोग खूब खरीदारी भी करते हैं। मगर, ग्राहकों को यह नहीं पता होता है कि सस्ते के चक्कर में वह मिलावट वाला दूध खरीद रहे हैं। दूधिया और फुटकर दुकानदार फैट निकाल कर और पानी मिलाकर दूध की बिक्री कर रहे हैं। इस वजह से दूूूध में सेहत सुुधारने से जुड़े जरूरी तत्व जैसे कैल्शियम, मिनरल, कैलोरी की मात्रा कम हो जाती है। इस दूूध को पीने से सेहत नहीं बनती है। उल्टा स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। क्रीम निकाल कर दूध बेचना गैर कानूनी भी है। कुछ कंपनियां भी टोंड दूध बेचती हैं, लेकिन वह बाकायदा पैकिंग पर लिखती हैं। वहीं अब होली के त्योहार को लेकर मिलावटखोर बड़े पैमाने पर नकली दूध बाजार में खपाने की तैयारी में हैं।
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दूूध का मानक:
- गाय के 100 मिलीलीटर दूध में 3.5 फीसदी फैट, 8.5 फीसदी पाउडर होना चाहिए।
- भैंस के 100 मिलीलीटर दूध में 6 फीसदी फैट, 9 फीसदी पाउडर होना चाहिए।
- मिक्स 100 मिलीलीटर दूध में 4.5 प्रतिशत फैट, 8.5 फीसदी पाउडर होना चाहिए।
मिलावटखोरी को रोकने के लिए लगातार छापा मारा जा रही है। दूध की जांच रिपोर्ट में 15 नमूने अधोमानक पाए गए है। इसके लिए खाद्य विभाग के कोर्ट में मुकदमा चलाएगा। - डीपी सिंह, अभिहित अधिकारी
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