{"_id":"5e498db98ebc3ee5cc5b1715","slug":"crime-fatehpur-news-knp5450985175","type":"story","status":"publish","title_hn":"कालेज प्रबंधक के खाते से ट्रांसफर रकम की जांच में जुटी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कालेज प्रबंधक के खाते से ट्रांसफर रकम की जांच में जुटी पुलिस
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फतेहपुर। खागा कोतवाली क्षेत्र के कालेज प्रबंधक हत्याकांड में पुलिस ने अब खातों की जांच शुरू की है। फिलहाल छह खाताधारकों को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। कई खातों में रुपये जाने और आने की बात पुलिस को पता चली है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों से भी पुलिस पूछताछ कर सकती है।
खागा कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर आठ ब्राम्हण टोला निवासी यशवंत सिंह रिटायर्ड कोआपरेटिव के सचिव हैं। उनके छोटे बेटे योगेंद्र सिंह उर्फ बउवा (28) कालेज प्रबंधक और मैरिज हाल मालिक थे। उनका तीस अक्तूबर की सुबह मैरिज हाल की पार्किंग में कार के अंदर शव मिला था। ड्राइविंग सीट का गेट खुला था। पीछे की सीट पर शव था। पास में तमंचा पड़ा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली के एंगल से हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने बड़े
भाई की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि पुलिस पहले मामला आत्महत्या का मान रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से मामला उलटा हो गया। कोतवाली पुलिस के खुलासा न कर पाने पर जांच क्राइम ब्रांच इन्वेस्टिगेशन विंग को दी गई। जहां कई विवेचक बदले। अब इन्वेस्टिगेशन विंग के प्रभारी विनोद सिंह जांच में जुटे हैं। जांच के दौरान खागा, कौशांबी के पांच से छह युवकों को नोटिस भेजी गई है। उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए
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बुलाया गया है। कालेज प्रबंधक के खाते से इनके खातों में रुपयों का ट्रांजेक्शन हुआ है। विवेचक ने बताया कि मामले की जांच हर बिंदु पर की जा रही है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों से भी बातचीत कर बयान दर्ज किए जाएंगे।
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खागा कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर आठ ब्राम्हण टोला निवासी यशवंत सिंह रिटायर्ड कोआपरेटिव के सचिव हैं। उनके छोटे बेटे योगेंद्र सिंह उर्फ बउवा (28) कालेज प्रबंधक और मैरिज हाल मालिक थे। उनका तीस अक्तूबर की सुबह मैरिज हाल की पार्किंग में कार के अंदर शव मिला था। ड्राइविंग सीट का गेट खुला था। पीछे की सीट पर शव था। पास में तमंचा पड़ा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली के एंगल से हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने बड़े
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भाई की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि पुलिस पहले मामला आत्महत्या का मान रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से मामला उलटा हो गया। कोतवाली पुलिस के खुलासा न कर पाने पर जांच क्राइम ब्रांच इन्वेस्टिगेशन विंग को दी गई। जहां कई विवेचक बदले। अब इन्वेस्टिगेशन विंग के प्रभारी विनोद सिंह जांच में जुटे हैं। जांच के दौरान खागा, कौशांबी के पांच से छह युवकों को नोटिस भेजी गई है। उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए
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बुलाया गया है। कालेज प्रबंधक के खाते से इनके खातों में रुपयों का ट्रांजेक्शन हुआ है। विवेचक ने बताया कि मामले की जांच हर बिंदु पर की जा रही है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों से भी बातचीत कर बयान दर्ज किए जाएंगे।