{"_id":"5d13c4eb8ebc3e3c7e7d9bda","slug":"crime-fatehpur-news-knp498151526","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी वियोग में 32 घंटे पेड़ में चढ़ा पति हांफी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी वियोग में 32 घंटे पेड़ में चढ़ा पति हांफी पुलिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हसवा (फतेहपुर)। थरियांव थाना क्षेत्र के बिलंदा कस्बे के सराय सईद खां मोहल्ले में सिरफिरे युवक के हाईवोल्टेज ड्रामे से ग्रामीण और पुलिस घंटों परेशान रही। पत्नी वियोग में युवक मंगलवार सुबह करीब दस बजे पेड़ पर चढ़ गया। पुलिस और दमकल कर्मियों को खूब छकाया। पुलिस के जाने के बाद ग्रामीणों को युक्ति सूझी। ग्रामीण डंडे में आग सुलगाकर युवक के करीब तक तक ले गए, तब करीब 32 घंटे बाद वह नीचे उतरा और गांव से भाग गया।
थरियांव थाना क्षेत्र के बिलंदा कस्बे के सराय सईद खां निवासी रामकिशोर का बेटा प्रमोद लोधी की शादी हथगाम थाना क्षेत्र के धानी का पुरवा गांव में सरोज से चार साल पहले हुई थी। दंपति एक साल की बेटी अनन्या है। प्रमोद मुंबई में मजदूरी करता है। चार माह पहले प्रमोद का पत्नी से विवाद हुआ था। तभी वह मायके चली गई थी। सात दिन पहले प्रमोद पत्नी को बुलाने ससुराल गया था। पत्नी ने लौटने से मना कर दिया था।
सुबह घर से करीब सौ मीटर दूर नीम के पेड़ पर उसे चढ़ा देखकर ग्रामीणों ने कारण पूछा। उसने पत्नी के घर आने पर ही उतरने की बात कही। दोपहर करीब एक बजे चौकी इंचार्ज अश्वनी सिंह पहुंचे। देर तक प्रयास किया गया। हारकर पुलिस लौट गई। इस दौरान पुलिस ने युवक की पत्नी से भी फोन पर बातचीत की। उसने आने से मना कर दिया। पुलिस दोबारा रात को दमकल कर्मियों के साथ पहुंची। सीढ़ी लगाकर चढ़ने लग, तभी उसने कूदकर जान देने की धमकी दे डाली। पुलिस-प्रशासन बैकफुट पर आ गया। रात में बारिश होने पर भी चढ़ा रहा। करीब एक बजे पुलिस लौट गई। तीसरी बार पुलिस बुधवार सुबह नौ बजे के करीब पहुंची। कार्यवाहक एसओ उमाकांत यादव, महिला पुलिस बल, थाने, चौकी का फोर्स पहुंचा। वह बड़े अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगा। इलाकाई लोगों की भीड़ जमा हो गई। युवक की मां-पिता नहीं है। बड़ी मां वासुदेई भतीजे को नीचे बुलाने की कोशिश करती रही। वह रोती-बिलखती रही। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस हलाकान होकर लौट गई। ग्रामीणों ने लंबे डंडे में कपड़ा बांधकर आग लगाई और पेड़ की नीचे भी आग लगाई गई। जलते डंडे को पैर के करीब ले गए। तब वह नीचे उतरकर गांव से भाग निकला। कार्यवाहक एसओ उमाकांत यादव ने बताया कि घटना की उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। उनके आदेेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
....................................
दो साल पहले कुएं में कूदा था
हसवा। पत्नी से झगड़ा होने के कारण दो साल पहले कुएं में कूद गया था। ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद कुएं से निकाला था। कुएं में गिरने के कारण प्रमोद को काफी चोटें भी आई थी। प्रमोद को लोग सिरफिरा मानते हैं। उसकी हरकतों से परेशान होकर पत्नी मायके गई थी। कई लोगों ने पत्नी को फोन मिलाया। उसे बुलाने की कोशिश करते रहे जिससे मामला रफादफा हो सके। पत्नी ने आने से साफ इंकार कर दिया। वह चार माह पहले मुंबई से लौटकर आया था।
विज्ञापन
थरियांव थाना क्षेत्र के बिलंदा कस्बे के सराय सईद खां निवासी रामकिशोर का बेटा प्रमोद लोधी की शादी हथगाम थाना क्षेत्र के धानी का पुरवा गांव में सरोज से चार साल पहले हुई थी। दंपति एक साल की बेटी अनन्या है। प्रमोद मुंबई में मजदूरी करता है। चार माह पहले प्रमोद का पत्नी से विवाद हुआ था। तभी वह मायके चली गई थी। सात दिन पहले प्रमोद पत्नी को बुलाने ससुराल गया था। पत्नी ने लौटने से मना कर दिया था।
विज्ञापन
सुबह घर से करीब सौ मीटर दूर नीम के पेड़ पर उसे चढ़ा देखकर ग्रामीणों ने कारण पूछा। उसने पत्नी के घर आने पर ही उतरने की बात कही। दोपहर करीब एक बजे चौकी इंचार्ज अश्वनी सिंह पहुंचे। देर तक प्रयास किया गया। हारकर पुलिस लौट गई। इस दौरान पुलिस ने युवक की पत्नी से भी फोन पर बातचीत की। उसने आने से मना कर दिया। पुलिस दोबारा रात को दमकल कर्मियों के साथ पहुंची। सीढ़ी लगाकर चढ़ने लग, तभी उसने कूदकर जान देने की धमकी दे डाली। पुलिस-प्रशासन बैकफुट पर आ गया। रात में बारिश होने पर भी चढ़ा रहा। करीब एक बजे पुलिस लौट गई। तीसरी बार पुलिस बुधवार सुबह नौ बजे के करीब पहुंची। कार्यवाहक एसओ उमाकांत यादव, महिला पुलिस बल, थाने, चौकी का फोर्स पहुंचा। वह बड़े अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगा। इलाकाई लोगों की भीड़ जमा हो गई। युवक की मां-पिता नहीं है। बड़ी मां वासुदेई भतीजे को नीचे बुलाने की कोशिश करती रही। वह रोती-बिलखती रही। दोपहर करीब 12 बजे पुलिस हलाकान होकर लौट गई। ग्रामीणों ने लंबे डंडे में कपड़ा बांधकर आग लगाई और पेड़ की नीचे भी आग लगाई गई। जलते डंडे को पैर के करीब ले गए। तब वह नीचे उतरकर गांव से भाग निकला। कार्यवाहक एसओ उमाकांत यादव ने बताया कि घटना की उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। उनके आदेेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
....................................
दो साल पहले कुएं में कूदा था
हसवा। पत्नी से झगड़ा होने के कारण दो साल पहले कुएं में कूद गया था। ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद कुएं से निकाला था। कुएं में गिरने के कारण प्रमोद को काफी चोटें भी आई थी। प्रमोद को लोग सिरफिरा मानते हैं। उसकी हरकतों से परेशान होकर पत्नी मायके गई थी। कई लोगों ने पत्नी को फोन मिलाया। उसे बुलाने की कोशिश करते रहे जिससे मामला रफादफा हो सके। पत्नी ने आने से साफ इंकार कर दिया। वह चार माह पहले मुंबई से लौटकर आया था।