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देश की नागरिकता हासिल करने वाला नेपाली मौलाना गिरफ्तार
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फतेहपुर। धोखाधड़ी करके देश की नागरिकता लेने वाले नेपाली मूल के मौलाना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से निर्वाचन पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट बरामद हुआ है। उसकी दो बेटियों का नेपाल से जारी हुआ जन्म प्रमाणपत्र भी पुलिस के हाथ लगा है। मौलाना करीब 20 साल से गाजीपुर कस्बे में रह रहा था। उस पर उस पर धर्म परिवर्तन का भी आरोप लगा है।
नेपाल का रहने वाला फिरोज आलम रिजवी (36) 2001 में फतेहपुर आया था। उसने 2015 तक यहां पढ़ाई पूरी की। इसके बाद गाजीपुर के मेवाती मोहल्ला स्थित बड़ी मस्जिद में इमाम हो गया। बच्चों को भी पढ़ाने लगा। करीब 15 दिन पहले मस्जिद की कमेटी के बीच मौलाना फिरोज आलम रिजवी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सदस्य अब्दुल मजीद के प्रस्ताव पर कमेटी ने सर्वसम्मति से मौलाना को हटा दिया। मौलाना पर विदेशी होने और धर्म परिवर्तन समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए।
मामले की एसपी राजेश कुमार सिंह से शिकायत की गई थी। जिसके बाद बुधवार को एलआईयू और आईबी की टीमें चौकन्ना हुईं और जांच के लिए पहुंचीं। मौलाना गाजीपुर कस्बे में ही एक घर में किराए पर रह रहा था। टीमों ने उसके घर में छानबीन की और रात करीब 11 बजे गाजीपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मौलाना के पास से 2012 में बना निर्वाचन पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और 2016 में भारत सरकार का जारी पासपोर्ट बरामद हुआ।
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मौलाना के पास से उसकी दो बेटियों का जन्म प्रमाणपत्र भी मिला। जन्म प्रमाणपत्र नेपाल से जारी हुआ है। इसके अलावा नेपाल सरकार का पहचान पत्र भी मिला। मौलाना ने पहचान छिपाकर भारत की नागरिकता की हासिल की, इसकी पुष्टि हुई।
पूछताछ में मौलाना ने बताया कि पासपोर्ट से किसी देश की यात्रा नहीं की है। उसे कुछ लोगों ने हज यात्रा का आश्वासन दिया था। तभी उसने पासपोर्ट बनवाया था। एएसपी राजेश कुमार ने बताया अवैध तरीके से मौलाना ने निर्वाचन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में थानाध्यक्ष नीरज यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी मौलाना को जेल भेजा गया है। बाकी आरोपों की जांच की जा रही है।
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नेपाल का रहने वाला फिरोज आलम रिजवी (36) 2001 में फतेहपुर आया था। उसने 2015 तक यहां पढ़ाई पूरी की। इसके बाद गाजीपुर के मेवाती मोहल्ला स्थित बड़ी मस्जिद में इमाम हो गया। बच्चों को भी पढ़ाने लगा। करीब 15 दिन पहले मस्जिद की कमेटी के बीच मौलाना फिरोज आलम रिजवी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सदस्य अब्दुल मजीद के प्रस्ताव पर कमेटी ने सर्वसम्मति से मौलाना को हटा दिया। मौलाना पर विदेशी होने और धर्म परिवर्तन समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए।
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मामले की एसपी राजेश कुमार सिंह से शिकायत की गई थी। जिसके बाद बुधवार को एलआईयू और आईबी की टीमें चौकन्ना हुईं और जांच के लिए पहुंचीं। मौलाना गाजीपुर कस्बे में ही एक घर में किराए पर रह रहा था। टीमों ने उसके घर में छानबीन की और रात करीब 11 बजे गाजीपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मौलाना के पास से 2012 में बना निर्वाचन पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और 2016 में भारत सरकार का जारी पासपोर्ट बरामद हुआ।
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मौलाना के पास से उसकी दो बेटियों का जन्म प्रमाणपत्र भी मिला। जन्म प्रमाणपत्र नेपाल से जारी हुआ है। इसके अलावा नेपाल सरकार का पहचान पत्र भी मिला। मौलाना ने पहचान छिपाकर भारत की नागरिकता की हासिल की, इसकी पुष्टि हुई।
पूछताछ में मौलाना ने बताया कि पासपोर्ट से किसी देश की यात्रा नहीं की है। उसे कुछ लोगों ने हज यात्रा का आश्वासन दिया था। तभी उसने पासपोर्ट बनवाया था। एएसपी राजेश कुमार ने बताया अवैध तरीके से मौलाना ने निर्वाचन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में थानाध्यक्ष नीरज यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी मौलाना को जेल भेजा गया है। बाकी आरोपों की जांच की जा रही है।