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कोविड की पाबंदी संग शुरू हुईं परिषदीय कक्षाएं

Thu, 11 Feb 2021 12:20 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2021 12:20 AM IST
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उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वाहिदपुर में पढ़तीं छात्राएं - फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। कोरोना वायरस के चलते 11 महीने के लंबे इंतजार के बाद कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई शुरू हो गई है। कोविड-19 की पाबंदियों के बीच बुधवार से कक्षाओं का संचालन होते दिखाई पड़ा।
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हालांकि यह स्थिति निजी स्कूलों में ही देखने को मिली। सरकारी स्कूलों में ना तो मास्क पहन कर आने की बाध्यता नजर आई और न ही विद्यार्थियों को सैनिटाइज करने का इंतजाम नजर आया।
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पहले दिन कक्षा 8 के विद्यार्थियों को बुलाया गया। हालांकि उपस्थिति न के बराबर ही रही। कई स्कूल में एमडीएम नहीं पक सका।
आखिरकार लंबे इंतजार के बाद तय समय सारिणी के मुताबिक कक्षा 8 के बच्चों को बुलाया गया था। 6 फीट की दूरी पर बच्चों को बिठाए जाने का नियम ज्यादातर निजी स्कूल में ही दिखा।
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वहीं सरकारी स्कूलों में पूरी बेफिक्री नजर आई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेवली में कक्षा 8 में पंजीकृत 44 में 23 बच्चे पहुंचे। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सहली में 130 के सापेक्ष 35 पढ़ने आए।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय अल्लीपुर में 56 में सिर्फ 6 विद्यार्थी मौजूद रहे। कमोवेश यही हालत कंपोजिस्ट विद्यालय हसनपुर व पूर्व माध्यमिक विद्यालय टीकर का रहा।
कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हुसैनगंज में 39 के सापेक्ष 15 और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 45 में 8 विद्यार्थी मौजूद रहे।
नहीं दौड़ी टास्क फोर्स
लंबे समय बाद शुरू हुई पढ़ाई पर नजर रखने का काम नहीं हो सका। ऐसा इसलिए क्यों कि गैर जनपद से तबादले पर आए मास्टर साहब की ऑनलाइन काउंसलिंग में सारे खंड शिक्षा अधिकारियों को लगाया गया था। इस नाते टास्क फोर्स किसी स्कूल में पड़ताल को नहीं पहुंच सकी।
कहीं पड़ गए कीड़े, कहीं राशन ही नहीं था
कक्षा 8 की 326 दिन बाद शुरू हुई पढ़ाई के दौरान ज्यादातर सरकारी स्कूलों में एमडीएम नहीं पक सका। यह इसलिए कि लंबा वक्त होने की वजह से रसोई घर पर रखा राशन बेकार हो गया।
इसमें कीड़े पड़ जाने से एमडीएम का लाभ नहीं दिया गया। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिटौरा में कोटेदार के राशन ना पहुंचाने की वजह से एमडीएम नहीं परोसा गया। बिंदकी के गांधी जूनियर स्कूल में रखे चावल और गेहूं पर कीड़े थे।
अनुमति देने में अभिभावक पीछे रहे
कोरोना के खतरे के मद्देनजर सरकार ने अभिभावक की अनुमति पर बच्चों को स्कूल बुलाने का आदेश जारी किया गया है।
क्लास संचालन के पहले दिन कमतर उपस्थित के पीछे अभिभावक का बैक फुट में होना रहा। चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल के संजय श्रीवास्तव ने बताया कि अभिभावक से संपर्क किया जा रहा है।

ना स्वेटर दिखे न ही जूते
कहने को तो कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया लेकिन अनदेखी भी खूब दिखी। मसलन ज्यादातर सरकारी स्कूल में पहुंचे बच्चों के शरीर में न तो सरकारी स्वेटर दिखे और ना ही पैर में जूते। पुरानी बिंदकी के गांधी जूनियर स्कूल सहित जिलेभर में ये हालात देखने को मिले।

गांधी जूनियर विद्यालय का कीड़ा लगा गेहूं

गांधी जूनियर विद्यालय का कीड़ा लगा गेहूं- फोटो : FATEHPUR

कीड़ा लगा व गंदा पुरानी बिंदकी के गांधी जूनियर विद्यालय का चावल

कीड़ा लगा व गंदा पुरानी बिंदकी के गांधी जूनियर विद्यालय का चावल- फोटो : FATEHPUR

पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मौजूद बिना जूतों के छात्र-छात्राएं

पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मौजूद बिना जूतों के छात्र-छात्राएं- फोटो : FATEHPUR

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