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'इस्लाम की बेटियां': हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश, मुजाहिद आर्मी में लड़कियों की भर्ती में लगा था रजा

Mon, 06 Oct 2025 12:48 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Published by: विकास कुमार Updated Mon, 06 Oct 2025 12:48 PM IST
सार

30 सितंबर को मोहम्मद रजा को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने केरल से गिरफ्तार किया है। इससे पहले उसके साथी सफील सलमानी को सोनभद्र से, मौलाना अकमल को सुल्तानपुर, तौसीफ को कानपुर और कासिम को रामपुर से गिरफ्तार किया गया था।

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Conspiracy to murder Hindu religious leaders Mohammed Raza involved in recruiting girls in Mujahid Army
UP ATS Arrests Mohammad Raza - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाला मोहम्मद रजा मुजाहिद आर्मी में युवाओं की भर्ती के साथ लड़कियों को शामिल करने की कोशिश में भी जुटा था। इसके लिए लड़कियों को कट्टरपंथी बनाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो मोहम्मद रजा और उसके सहयोगी इस्लाम की मुजाहिद बेटियां नाम की एक किताब के जरिये महिलाओं को उकसाने की कोशिश कर रहे थे। किताब को सोनभद्र निवासी सफील सलमानी ने मोहम्मद रजा के साथ मिलकर तैयार किया था। इसमें महिलाओं और बच्चों को इस्लाम के नाम पर सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी गई है। इसकी पीडीएफ (पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फॉर्मेट) को कोर ग्रुप के जरिये सोशल मीडिया पर वायरल करने की योजना थी।

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गांव से लापता हैं कई युवक
30 सितंबर को मोहम्मद रजा को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने केरल से गिरफ्तार किया है। इससे पहले उसके साथी सफील सलमानी को सोनभद्र से, मौलाना अकमल को सुल्तानपुर, तौसीफ को कानपुर और कासिम को रामपुर से गिरफ्तार किया गया था। मोहम्मद रजा की गिरफ्तारी के बाद राधानगर थाना क्षेत्र के अंदौली गांव से कई युवक लापता हैं। पुलिस इनकी गतिविधियों की जांच कर एसटीएफ को इनपुट दे रही है।

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जलसे में मौलाना से आया संपर्क में
बताया जा रहा है कि डेढ़ साल पहले एक जलसे में सुल्तानपुर के मौलाना अकमल के संपर्क में आने के बाद मोहम्मद रजा ने आतंकी गतिविधियों की राह पकड़ी थी। उसने सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को जोड़कर मुजाहिद आर्मी बनाने की शुरुआत की। अंदौली और आसपास के कई युवक उसके सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े थे। इन्हीं प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ सामग्री और इस्लाम की बेटियां नामक किताब साझा की जा रही थी। राधानगर प्रभारी निरीक्षक दिनेश मिश्रा ने बताया कि इलाके में प्रतिदिन गश्त की जा रही है। मौके पर संवेदनशीलता बरती जा रही है। किसी भी चर्चा के सामने आने पर जांच की जा रही है। फिलहाल बाहर से कोई टीम नहीं आई है।

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व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर युवाओं को जोड़ता, कट्टरपंथी विचार फैलाता
इंस्टाग्राम पर शरीयत के कानून और जिहाद की बात करने वाले उसके वीडियो का गांव के युवा इंतजार करते थे। वह खुद को मौलाना की तरह पेश कर युवाओं को भड़काऊ भाषण देता था, जिसे वह मोटिवेशनल स्पीच (उकसाने वाली जुबान) कहता था। गांव के एक युवक ने बताया कि मोहम्मह रजा व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर युवाओं को जोड़ता और कट्टरपंथी विचार फैलाता था। उसके भाषणों में कौमी एकता की आड़ में कट्टरता भरी होती थी। सोशल मीडिया के जरिये वह अपनी कथित मुजाहिदीन आर्मी तैयार कर रहा था। राधागनगर थाना क्षेत्र के अंदौली गांव में मोहम्मद रजा की गिरफ्तारी के बाद माहौल गर्म है। गांव में चर्चा है कि वह लंबे समय से युवाओं को गुमराह कर कट्टरपंथ की ओर धकेल रहा था।

हर साल ईद और जलसे में आता था रजा
परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि मोहम्मद रजा चाहे कहीं भी रहे, हर साल ईद और जलसे में शामिल होने आता था। यहां वह खुद को कट्टरपंथी बताता था। हालांकि उसकी गिरफ्तारी के बाद से अंदौली गांव में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। मोहम्मद रजा के घर के गेट पर उसकी मां जमीला बानो, बहन व रिश्ते की चाची बैठीं दिखीं।

भाइयों को केरल तो ले गया, लेकिन खुद से दूर रखा
गांव के कुछ भी लोग दरवाजे पर एकत्र नजर आए। बहन ने बताया कि मार्च के अंतिम रमजान में रजा घर आया था। ईद के बाद केरल काम पर लौट गया। उसने तीन साल पहले दोनों छोटे भाइयों को भी काम पर बुला लिया था, लेकिन उन्हें अपने से अलग ही रखता था। मां और बहन ने रजा पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया।

मुंबई और केरल के बीच की कड़ी कौन
मोहम्मद रजा के अचानक मुंबई छोड़कर केरल जाने की कड़ी का खुलासा नहीं हो पा रहा है। गांव से करीब सात से आठ साल पहले मोहम्मद रजा मुंबई गया था। मुंबई में रहने के करीब एक साल बाद ही वह केरल पहुंच गया। वह केरल किस माध्यम से पहुंचा, यह बड़ा सवाल है। इस बारे में भी एटीएस जांच कर रही है।

परिवार के आर्थिक हालत बेहद खराब थे
मोहम्मद रजा के पिता की कई साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार के आर्थिक हालात बेहद खराब हो गए थे। स्थानीय लोग बताते हैं कि मां जमीला लोगों के घरों में काम कर अपना और बच्चों का पालन पोषण करती थी। मोहम्मद रजा की की कमाई से परिवार की आर्थिक हालत सुधरने लगी थी। पक्का मकान बन चुका था। वह महीने में दो से तीन बार मां को रुपये भी भेजता था।

एटीएस ने भाइयों के मोबाइल फोन लौटाए
एटीएस ने मोहम्मद रजा को पकड़ने के बाद केरल के मल्लपुरम थाने लेकर पहुंची थी। इसका पता लगने पर भाई जीशान और शहजाद भी पहुंचे थे। एटीएस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए थे। घर वालों ने बताया कि जांच के बाद फिलहाल दोनों भाइयों के मोबाइल फोन लौटा दिए गए हैं।

कोरोना काल से दिमाग में आया जिहाद
सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2019 में कोरोना के समय मोहम्मद रजा मुंबई से गांव लौटकर आया था। घर पर खाली बैठे-बैठे वह मोबाइल पर कई इस्लामिक संगठनों के वीडियो देखकर जिहाद की तरफ आकर्षित हुआ। वह मोबाइल पर वीडियो देखने के बाद लोगों को भी कट्टरपंथी बनने की नसीहत देता था।

मोबाइल पर 100 से अधिक वीडियो
जिले की पुलिस के सूत्रों की मानें तो एटीएस ने मोहम्मद रजा के मोबाइल फोन की जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि उसके मोबाइल में 100 से अधिक वीडियो मिले हैं। अधिकतर वीडियो कट्टर पंथी इस्लामिक संगठनों के हैं। इन संगठनों के सरगना भड़काऊ और नफरती भाषण देते हैं। देश के कई धर्मगुरुओं के वीडियो भी मिले हैं। इन वीडियो को भी व्हाट्सएप ग्रुप में साझा कर मोहम्मद रजा अपनी कौम के लोगों को भड़काने का संदेश देता था।

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