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Fatehpur News: मालेगांव से लाई गई जाली नोटों की खेप कौशांबी में खपाई
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खागा। एक सप्ताह से जाली नोटों के रैकेट की चल रही जांच में सरगना के हत्थे न चढ़ने पर पुलिस ने सोमवार को तीन आरोपियों को जेल भेज दिया। हालांकि पुलिस की पूछताछ में गिरोह के बारे में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। नेटवर्क महाराष्ट्र के मालेगांव से ऑपरेट हो रहा है। सरगना ने सबसे अधिक जाली नोट कौशांबी के अजुहा बाजार, गल्ला मंडी समेत कई अन्य जगहों पर खपाए हैं।
मझिलगांव चौकी इंचार्ज संजय सिंह परिहार ने बताया कि आरोपी अमांव निवासी नौशाद उर्फ चुन्नू, आवेश आलम व मूल रूप से संभल जिला बेजुई थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी दानिश हैं। दानिश की ससुराल अमांव में है। वह करीब पांच साल अमांव में ही रहता था। पुलिस ने नौशाद से 2500, आवेश से 1500 और दानिश से 2000 रुपये के 500-500 के जाली नोट बरामद किए हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। गिरोह का सरगना अमांव का परवेज सिद्दीकी उर्फ लंगड़ा फरार है। उसकी तलाश में पुलिस एक हफ्ते से दबिश दे रही है। जाली नोट की खेत आने की सूचना पर अमांव गांव में पुलिस दबिश दी थी। सरगना के भागने के बाद तीनों को हिरासत में लेकर पुलिस पड़ताल में जुटी थी। पूछताछ में सामने आया कि परवेज ने जाली नोट अमांव की की सीमा से जुड़े कौशांबी जिला का अझुहा नवीन मंडी से गल्ला के कारोबार में खपाया गया है। अनुमान है कि करीब 25 लाख की खरीद फरोख्त से जाली नोट असली बनाए गए हैं। पुलिस को कौशांबी से ही इसका सुराग मिला था। महाराष्ट्र के मालेगांव से परवेज जाली नोट लेकर आता था। गिरफ्तार दानिश ने पुलिस को बताया कि वह हाल में दो बार परवेज के साथ मालेगांव से लाखों के जाली नोट लेकर आया था। इसके पहले डिलीवरी परवेज को गोरखपुर से मिल रही थी। परवेज सिद्दीकी ने अपने साले आवेश आलम को भी अपने कारोबार से जोड़ रखा था। जाली नोट किस तरह से मार्केट में खपाए जाएंगे, इसकी योजना आवेश आलम बनाता और उसके कहने पर दानिश व नौशाद बाहर जाकर नोट खर्च करते थे। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है। बाकी जांच की जा रही है।
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मझिलगांव चौकी इंचार्ज संजय सिंह परिहार ने बताया कि आरोपी अमांव निवासी नौशाद उर्फ चुन्नू, आवेश आलम व मूल रूप से संभल जिला बेजुई थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी दानिश हैं। दानिश की ससुराल अमांव में है। वह करीब पांच साल अमांव में ही रहता था। पुलिस ने नौशाद से 2500, आवेश से 1500 और दानिश से 2000 रुपये के 500-500 के जाली नोट बरामद किए हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। गिरोह का सरगना अमांव का परवेज सिद्दीकी उर्फ लंगड़ा फरार है। उसकी तलाश में पुलिस एक हफ्ते से दबिश दे रही है। जाली नोट की खेत आने की सूचना पर अमांव गांव में पुलिस दबिश दी थी। सरगना के भागने के बाद तीनों को हिरासत में लेकर पुलिस पड़ताल में जुटी थी। पूछताछ में सामने आया कि परवेज ने जाली नोट अमांव की की सीमा से जुड़े कौशांबी जिला का अझुहा नवीन मंडी से गल्ला के कारोबार में खपाया गया है। अनुमान है कि करीब 25 लाख की खरीद फरोख्त से जाली नोट असली बनाए गए हैं। पुलिस को कौशांबी से ही इसका सुराग मिला था। महाराष्ट्र के मालेगांव से परवेज जाली नोट लेकर आता था। गिरफ्तार दानिश ने पुलिस को बताया कि वह हाल में दो बार परवेज के साथ मालेगांव से लाखों के जाली नोट लेकर आया था। इसके पहले डिलीवरी परवेज को गोरखपुर से मिल रही थी। परवेज सिद्दीकी ने अपने साले आवेश आलम को भी अपने कारोबार से जोड़ रखा था। जाली नोट किस तरह से मार्केट में खपाए जाएंगे, इसकी योजना आवेश आलम बनाता और उसके कहने पर दानिश व नौशाद बाहर जाकर नोट खर्च करते थे। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है। बाकी जांच की जा रही है।
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