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जतन हुए सफल, ऊपर चढ़ आया पानी
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शाह कस्बे का कुंआ। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। भूगर्भ जल स्तर बढ़ने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। अब 11 ब्लाकों में किसान सिंचाई के लिए बोरिंग करा सकते हैं। भूगर्भ जलस्तर में सुधार होने की रिपोर्ट जिला प्रशासन ने सरकार को भेजी हैै।
पांच साल पहले अधिक जल दोहन के कारण प्रशासन ने 11 ब्लाकों को डार्क जोन घोषित करते बोरिंग प्रतिबंधित कर दी थी। पानी कम होने के कारण प्रशासन को यह फैसला मजबूरी में करना पड़ा था। पिछले पांच साल से जल संचयन को लेकर प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों का परिणाम यह रहा कि 11 ब्लाकों में हर साल दो मीटर पानी बढ़ रहा है। प्रशासन ने फिलहाल बोरिंग पर प्रतिबंध हटा दिया है। इससे किसानों में खुशी है। जल संचयन के लिए तालाब, नदी खोदे गए। चेकडैम बनाकर वर्षा का जल रोका गया। किसानों को टपक सिंचाई प्रणाली से जोड़कर पानी की बर्बादी रोकी गई। मुख्य विकास अधिकारी सत्य प्रकाश ने बताया कि जनपद के 11 ब्लाक डार्क जोन से बाहर आ गए हैं। हर ब्लाक में दो मीटर पानी हर साल बढ़ रहा है। भिटौरा व अमौली ब्लाक अभी डार्क जोन में है लेकिन यहां भी सुधार हो रहा है। जल्द ही यह भी डार्क जोन से बाहर आ जाएंगे।
ब्लाकों में बढ़ा भूगर्भ जलस्तर (मीटर में)
बहुआ 2.54, देवमई 1.93, ऐराया 2.12, असोथर 2.15, धाता 0.46, हथगाम 1.33, हसवा 2.07, खजुहा 2.41, मलवा 2.13, तेलियानी 1.69, विजयीपुर 3.10
जल संरक्षण के प्रयास (पांच साल में)
4453 तालाबों की खोदाई। लघु सिंचाई से 20 बड़े तालाबों की खोदाई। सरकारी इमारतों में 1153 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम। खेत तालाब योजना से 153 तालाबों की खोदाई। किसानों को 1347 स्प्रिंक्लर सेट बांटे गए।
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पांच साल पहले अधिक जल दोहन के कारण प्रशासन ने 11 ब्लाकों को डार्क जोन घोषित करते बोरिंग प्रतिबंधित कर दी थी। पानी कम होने के कारण प्रशासन को यह फैसला मजबूरी में करना पड़ा था। पिछले पांच साल से जल संचयन को लेकर प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों का परिणाम यह रहा कि 11 ब्लाकों में हर साल दो मीटर पानी बढ़ रहा है। प्रशासन ने फिलहाल बोरिंग पर प्रतिबंध हटा दिया है। इससे किसानों में खुशी है। जल संचयन के लिए तालाब, नदी खोदे गए। चेकडैम बनाकर वर्षा का जल रोका गया। किसानों को टपक सिंचाई प्रणाली से जोड़कर पानी की बर्बादी रोकी गई। मुख्य विकास अधिकारी सत्य प्रकाश ने बताया कि जनपद के 11 ब्लाक डार्क जोन से बाहर आ गए हैं। हर ब्लाक में दो मीटर पानी हर साल बढ़ रहा है। भिटौरा व अमौली ब्लाक अभी डार्क जोन में है लेकिन यहां भी सुधार हो रहा है। जल्द ही यह भी डार्क जोन से बाहर आ जाएंगे।
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ब्लाकों में बढ़ा भूगर्भ जलस्तर (मीटर में)
बहुआ 2.54, देवमई 1.93, ऐराया 2.12, असोथर 2.15, धाता 0.46, हथगाम 1.33, हसवा 2.07, खजुहा 2.41, मलवा 2.13, तेलियानी 1.69, विजयीपुर 3.10
जल संरक्षण के प्रयास (पांच साल में)
4453 तालाबों की खोदाई। लघु सिंचाई से 20 बड़े तालाबों की खोदाई। सरकारी इमारतों में 1153 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम। खेत तालाब योजना से 153 तालाबों की खोदाई। किसानों को 1347 स्प्रिंक्लर सेट बांटे गए।
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