{"_id":"6053a0d48ebc3ed3075e74c6","slug":"championship-gold-medal-fathepur-news-indo-nepal-international-fatehpur-news-knp6184830114","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंडो-नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप में बिंदकी के लाल ने जीता स्वर्ण पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंडो-नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप में बिंदकी के लाल ने जीता स्वर्ण पदक
विज्ञापन
नेपाल में स्वर्ण पदक के साथ ऋतिक व अन्य। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
बिंदकी। नेपाल में आयोजित हुई इंडो नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप में बिंदकी के रहने वाले 17 वर्षीय ऋतिक सोनी ने पहला स्थान प्राप्त कर जनपद व देश का नाम रोशन किया है।
बुधवार देर रात नेपाल से वापस आने पर अंबेडकर चौराहे पर ऋतिक का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।
नगर के जहानपुर मोहल्ला निवासी ऋतिक सोनी ने नेपाल के पोखरा में आयोजित इंडो-नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप में अंडर-17 की 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया था।
इसमें पहला स्थान हासिल कर ऋतिक ने जनपद का नाम रोशन किया है। इस चैंपियनशिप में देशों के 24 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
ऋतिक सोनी फतेहपुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में कक्षा 11 के छात्र हैं। उनके पिता मूलचंद्र सोनी व्यवसायी है और माता नीलम सोनी नगर पालिका परिषद बिंदकी की पूर्व चेयरमैन रह चुकी है।
ऋतिक ने कहा कि कड़ी मेहनत व लगन के साथ कार्य करने का मन में ठान लिया जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व कोच सूर्यांश गुप्ता को दिया। जिन्होंने इस दौड़ की तैयारी में उनका हर पल सहयोग किया।
विज्ञापन
बुधवार देर रात नेपाल से वापस आने पर अंबेडकर चौराहे पर ऋतिक का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।
नगर के जहानपुर मोहल्ला निवासी ऋतिक सोनी ने नेपाल के पोखरा में आयोजित इंडो-नेपाल इंटरनेशनल चैंपियनशिप में अंडर-17 की 100 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया था।
इसमें पहला स्थान हासिल कर ऋतिक ने जनपद का नाम रोशन किया है। इस चैंपियनशिप में देशों के 24 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।
ऋतिक सोनी फतेहपुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में कक्षा 11 के छात्र हैं। उनके पिता मूलचंद्र सोनी व्यवसायी है और माता नीलम सोनी नगर पालिका परिषद बिंदकी की पूर्व चेयरमैन रह चुकी है।
विज्ञापन
ऋतिक ने कहा कि कड़ी मेहनत व लगन के साथ कार्य करने का मन में ठान लिया जाए तो सफलता जरूर मिलती है।
उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व कोच सूर्यांश गुप्ता को दिया। जिन्होंने इस दौड़ की तैयारी में उनका हर पल सहयोग किया।