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Fatehpur News: अश्लील बातचीत और दहेज का मुकदमा निकला झूठा
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फतेहपुर। मोबाइल कॉल पर अश्लील बातचीत और दूसरी जगह शादी करने के आरोप में दर्ज मुकदमे में कोर्ट ने चाचा-भतीजे को दोषमुक्त कर दिया है। झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर युवती को नोटिस जारी किया गया है।
थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने मलवां थाने में 21 नवंबर 2024 को मलवां थाना क्षेत्र के उसरहापुरवा निवासी आशीष यादव और चाचा गोरेलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि उसकी शादी जनवरी 2024 में आशीष से 13 लाख रुपये में तय हुई थी। बताया गया था कि आशीष पुलिस में है। चाचा गोरेलाल ने छह लाख रुपये बयाना, सात लाख रुपये और बुलेट तिलक में देने की मांग की थी।
शादी तय होने के बाद आशीष से मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई। युवती ने ऑनलाइन रुपये भी भेजे। आरोप था कि आशीष मोबाइल कॉल पर अश्लील बातचीत करता था। कुछ दिन बाद तीन लाख रुपये की और मांग की गई। रुपये नहीं देने पर युवती को जानकारी हुई कि आशीष दूसरी जगह शादी कर रहा है। उसका तिलक भी 21 नवंबर 2024 को होना था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद युवक और उसके चाचा के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने 15 सितंबर 2025 से सुनवाई शुरू की।
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सुनवाई के दौरान युवती ने कोर्ट में बताया कि उसने दूसरे के बहकावे में आकर पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने दबाव बनाकर सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए थे। उसने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया था। युवती के मुख्य गवाह भाई ने भी कोर्ट में बताया कि उसे बहन की शादी के बारे में जानकारी नहीं है।
वादी और गवाह आरोपों से मुकर गए। इसके अलावा साक्ष्य भी झूठे पाए गए। कोर्ट ने बयानों और साक्ष्यों के आधार पर युवक आशीष यादव और उसके चाचा गोरेलाल को दोषमुक्त करार दिया। झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर युवती को नोटिस जारी किया गया है।
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थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने मलवां थाने में 21 नवंबर 2024 को मलवां थाना क्षेत्र के उसरहापुरवा निवासी आशीष यादव और चाचा गोरेलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि उसकी शादी जनवरी 2024 में आशीष से 13 लाख रुपये में तय हुई थी। बताया गया था कि आशीष पुलिस में है। चाचा गोरेलाल ने छह लाख रुपये बयाना, सात लाख रुपये और बुलेट तिलक में देने की मांग की थी।
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शादी तय होने के बाद आशीष से मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई। युवती ने ऑनलाइन रुपये भी भेजे। आरोप था कि आशीष मोबाइल कॉल पर अश्लील बातचीत करता था। कुछ दिन बाद तीन लाख रुपये की और मांग की गई। रुपये नहीं देने पर युवती को जानकारी हुई कि आशीष दूसरी जगह शादी कर रहा है। उसका तिलक भी 21 नवंबर 2024 को होना था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद युवक और उसके चाचा के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने 15 सितंबर 2025 से सुनवाई शुरू की।
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सुनवाई के दौरान युवती ने कोर्ट में बताया कि उसने दूसरे के बहकावे में आकर पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने दबाव बनाकर सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए थे। उसने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया था। युवती के मुख्य गवाह भाई ने भी कोर्ट में बताया कि उसे बहन की शादी के बारे में जानकारी नहीं है।
वादी और गवाह आरोपों से मुकर गए। इसके अलावा साक्ष्य भी झूठे पाए गए। कोर्ट ने बयानों और साक्ष्यों के आधार पर युवक आशीष यादव और उसके चाचा गोरेलाल को दोषमुक्त करार दिया। झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर युवती को नोटिस जारी किया गया है।