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Fatehpur News: एसबीआई शाखा प्रबंधक समेत चार पर 1.78 लाख गबन का मुकदमा
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फतेहपुर। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की मुख्य शाखा के प्रबंधक व इससे जुड़ी आमापुर शाखा के तीन संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एक लाख 78 हजार रुपये गबन की रिपोर्ट दर्ज की है।
थरियांव थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर कला निवासी चांदबाबू की पत्नी सकीना बानो ने एफआईआर में बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की सिविल लाइंस स्थित मुख्य शाखा की ग्रामीण शाखा आमापुर में खाता खुलवाया था। शाखा प्रबंधक आकाश श्रीवास्तव निवासी मुराइनटोला थाना कोतवाली, कैशियर गौहर निवासी सूपा थाना मलवां व संचालक उमा श्रीवास्तव पत्नी विजय कुमार श्रीवास्तव निवासी मुराइनटोला थीं। खाते में नोटबंदी के समय अलग-अलग तिथियों में एक लाख 96 हजार रुपये जमा किए। जमा रसीदें मैनेजर व कैशियर ने दीं। खाते से 18 हजार रुपये निकाले थे। इसके बाद अचानक शाखा बंद हो गई। संचालक घर में नहीं मिले। सिविल लाइन स्थित मुख्य शाखा में संपर्क किया। वहां पता लगा कि खाते में एक भी रुपये नहीं है। प्रबंधक, कैशियर व संचालक ने धोखाधड़ी से रकम हड़पी है। मुख्य शाखा के प्रबंधक ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे उसे डरा धमकाकर भगा दिया। उसके अलावा भी कई लोगों का शाखा में रुपया डूबा है। उसने नौ नवंबर 2022 को कोतवाली में शिकायत की। कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। कोतवाली पुलिस ने मुख्य शाखा के प्रबंधक, आमापुर शाखा के प्रबंधक, कैशियर व संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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थरियांव थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर कला निवासी चांदबाबू की पत्नी सकीना बानो ने एफआईआर में बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की सिविल लाइंस स्थित मुख्य शाखा की ग्रामीण शाखा आमापुर में खाता खुलवाया था। शाखा प्रबंधक आकाश श्रीवास्तव निवासी मुराइनटोला थाना कोतवाली, कैशियर गौहर निवासी सूपा थाना मलवां व संचालक उमा श्रीवास्तव पत्नी विजय कुमार श्रीवास्तव निवासी मुराइनटोला थीं। खाते में नोटबंदी के समय अलग-अलग तिथियों में एक लाख 96 हजार रुपये जमा किए। जमा रसीदें मैनेजर व कैशियर ने दीं। खाते से 18 हजार रुपये निकाले थे। इसके बाद अचानक शाखा बंद हो गई। संचालक घर में नहीं मिले। सिविल लाइन स्थित मुख्य शाखा में संपर्क किया। वहां पता लगा कि खाते में एक भी रुपये नहीं है। प्रबंधक, कैशियर व संचालक ने धोखाधड़ी से रकम हड़पी है। मुख्य शाखा के प्रबंधक ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे उसे डरा धमकाकर भगा दिया। उसके अलावा भी कई लोगों का शाखा में रुपया डूबा है। उसने नौ नवंबर 2022 को कोतवाली में शिकायत की। कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण ली। कोतवाली पुलिस ने मुख्य शाखा के प्रबंधक, आमापुर शाखा के प्रबंधक, कैशियर व संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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