{"_id":"69c828ec3ad6c806e1064dc8","slug":"bsf-jawans-son-who-returned-from-west-bengal-lit-the-funeral-pyre-of-his-mother-fatehpur-news-c-217-1-sknp1022-151821-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: पश्चिम बंगाल से लौटे बीएसएफ जवान बेटे ने मां को दी मुखाग्नि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: पश्चिम बंगाल से लौटे बीएसएफ जवान बेटे ने मां को दी मुखाग्नि
विज्ञापन
फोटो-23-रोती बिलखती राजकुमारी की पुत्री मंजू। संवाद
जाफरगंज(फतेहपुर)। हादसे में कुरौली गांव की दर्शनिया (60) की मौत हुई है। दर्शनिया के पति बाबूलाल की कई साल पहले मौत हो चुकी है। दर्शनिया अपने छह साल के पौत्र प्रिंस को लेकर मुंडन संस्कार में शामिल होने गई थी। हादसे से बचकर प्रिंस सुरक्षित गांव लौटा है। दर्शनिया का बड़ा बेटा राजेंद्र बीएसएफ में सैनिक है। उनकी तैनाती पश्चिम बंगाल में है।
बाकी दो बेटे राजू व प्रदीप गांव में रहते हैं। राजू की जाफरगंज में कास्मेटिक की दुकान है। प्रदीप बिजली मैकेनिक है। हादसे की सूचना पर राजेंद्र हवाई यात्रा कर शनिवार को गांव पहुंचे। उन्होंने अपने पिता की समाधि के पास ही मां का अंतिम संस्कार किया।
इसी गांव की राजकुमारी उर्फ रामकुमारी (45) का भी शव गांव पहुंचा। पति रामखेलावन व बेटे जितेंद्र, अवधेश, पुत्री मिथलेश, मंजू का हादसे से हाल बेहाल दिखा। कुरौली गांव में ही यमुना किनारे परिजन ने शव का अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
मां-बेटे के अंतिम दर्शन भी नहीं कर सका पिता, हादसे ने उजाड़ा परिवार
थाना क्षेत्र के बारा गांव निवासी अभय उर्फ गोलू (9) और उसकी दादी सुखरनिया की हादसे में मौत हो गई। दोनों के साथ गोलू की मां शांति भी प्रयागराज गई थी। हादसे की सूचना मिलते ही गोलू का पिता लाखन प्रयागराज के लिए रवाना हो गया।
इधर गांव में लाखन की मां और बेटे के शव पहुंच गए। प्रयागराज में लाखन पत्नी शांति के इलाज में व्यस्त हो गया। इसी कारण वह अपने बेटे और मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका। लाखन के बड़े भाई राजू ने यमुना किनारे दोनों का अंतिम संस्कार कराया। अभय उर्फ गोलू चार भाइयों में तीसरे नंबर का था।
बेटी की बरात से पहले मां की उठी अर्थी
बांदा जिले के पैलानी थाना क्षेत्र के घरीखेड़ा निवासी दिनेश की पत्नी गुड़िया (42) रिश्ते में राजन की फुफेरी बहन थी। उसका मायका कुरौली की ग्राम पंचायत धौरहारा है। वह भतीजे के मुंडन में शामिल होने कुरौली गांव आई थी। यहां हादसे में उसकी भी मौत हो गई। पैलानी से कुरौली पहुंचे ससुराल पक्ष के लोगों ने बताया कि मृतका की बेटी लक्ष्मी देवी की 25 अप्रैल को बरात आनी है। गुड़िया बड़े अरमानों के साथ बेटी की शादी की तैयारी कर रही थी लेकिन उससे पहले ही हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
संयोग : बर्थडे पर मयंक की जान गई
हादसे में जान गंवाने वाला मुकेश का पुत्र मयंक छह साल पहले नवमी के दिन पैदा हुआ था। उसके जन्म के छह साल नवमी के दिन ही पूरे हुए थे। दादी शिव देवी ने बताया कि जिस दिन उसका जन्म हुआ था उसी नवमी के दिन उसकी जान भी चली गई।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
हादसे में शुभम की परदादी की भी गई जान
सड़क हादसे में सोनी उर्फ सुंदी, मुंडन वाले बच्चे शुभम की सगी परदादी थी। शुभम का पिता राजन परिवार के साथ अपनी दादी को भी बेटे के मुंडन में लेकर गया था। सुंदी का शव देर रात तक घर पहुंचने की बात कही जा रही है। गांव में 10 लोगों की मौत के बाद चारों ओर मातम पसरा है। मयंक, राजकुमारी और दर्शनिया के शव घरों के बाहर रखे रहे और परिजन बिलखते नजर आए। इस बीच लोडर मालिक राजन के पिता रामकिशोर, भाई बादल और बाबा श्यामलाल अपने घरों में ही रहे और बाहर नहीं निकले। ग्रामीणों में चर्चा रही कि शायद वे लोगों का सामना करने की स्थिति में नहीं थे।
विज्ञापन
बाकी दो बेटे राजू व प्रदीप गांव में रहते हैं। राजू की जाफरगंज में कास्मेटिक की दुकान है। प्रदीप बिजली मैकेनिक है। हादसे की सूचना पर राजेंद्र हवाई यात्रा कर शनिवार को गांव पहुंचे। उन्होंने अपने पिता की समाधि के पास ही मां का अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
इसी गांव की राजकुमारी उर्फ रामकुमारी (45) का भी शव गांव पहुंचा। पति रामखेलावन व बेटे जितेंद्र, अवधेश, पुत्री मिथलेश, मंजू का हादसे से हाल बेहाल दिखा। कुरौली गांव में ही यमुना किनारे परिजन ने शव का अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
मां-बेटे के अंतिम दर्शन भी नहीं कर सका पिता, हादसे ने उजाड़ा परिवार
थाना क्षेत्र के बारा गांव निवासी अभय उर्फ गोलू (9) और उसकी दादी सुखरनिया की हादसे में मौत हो गई। दोनों के साथ गोलू की मां शांति भी प्रयागराज गई थी। हादसे की सूचना मिलते ही गोलू का पिता लाखन प्रयागराज के लिए रवाना हो गया।
इधर गांव में लाखन की मां और बेटे के शव पहुंच गए। प्रयागराज में लाखन पत्नी शांति के इलाज में व्यस्त हो गया। इसी कारण वह अपने बेटे और मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका। लाखन के बड़े भाई राजू ने यमुना किनारे दोनों का अंतिम संस्कार कराया। अभय उर्फ गोलू चार भाइयों में तीसरे नंबर का था।
बेटी की बरात से पहले मां की उठी अर्थी
बांदा जिले के पैलानी थाना क्षेत्र के घरीखेड़ा निवासी दिनेश की पत्नी गुड़िया (42) रिश्ते में राजन की फुफेरी बहन थी। उसका मायका कुरौली की ग्राम पंचायत धौरहारा है। वह भतीजे के मुंडन में शामिल होने कुरौली गांव आई थी। यहां हादसे में उसकी भी मौत हो गई। पैलानी से कुरौली पहुंचे ससुराल पक्ष के लोगों ने बताया कि मृतका की बेटी लक्ष्मी देवी की 25 अप्रैल को बरात आनी है। गुड़िया बड़े अरमानों के साथ बेटी की शादी की तैयारी कर रही थी लेकिन उससे पहले ही हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
संयोग : बर्थडे पर मयंक की जान गई
हादसे में जान गंवाने वाला मुकेश का पुत्र मयंक छह साल पहले नवमी के दिन पैदा हुआ था। उसके जन्म के छह साल नवमी के दिन ही पूरे हुए थे। दादी शिव देवी ने बताया कि जिस दिन उसका जन्म हुआ था उसी नवमी के दिन उसकी जान भी चली गई।
हादसे में शुभम की परदादी की भी गई जान
सड़क हादसे में सोनी उर्फ सुंदी, मुंडन वाले बच्चे शुभम की सगी परदादी थी। शुभम का पिता राजन परिवार के साथ अपनी दादी को भी बेटे के मुंडन में लेकर गया था। सुंदी का शव देर रात तक घर पहुंचने की बात कही जा रही है। गांव में 10 लोगों की मौत के बाद चारों ओर मातम पसरा है। मयंक, राजकुमारी और दर्शनिया के शव घरों के बाहर रखे रहे और परिजन बिलखते नजर आए। इस बीच लोडर मालिक राजन के पिता रामकिशोर, भाई बादल और बाबा श्यामलाल अपने घरों में ही रहे और बाहर नहीं निकले। ग्रामीणों में चर्चा रही कि शायद वे लोगों का सामना करने की स्थिति में नहीं थे।

फोटो-23-रोती बिलखती राजकुमारी की पुत्री मंजू। संवाद